# उत्तराखंड में शुद्धिकरण विवाद पर हरीश रावत का भाजपा पर पलटवार, राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे को बताया साजिश

> हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद हुए शुद्धिकरण विवाद पर हरीश रावत ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा सरकारी शह पर दर्ज किया गया है और वह जल्द ही हल्द्वानी पहुंचकर उपवास करेंगे।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-09-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-men-shuddhikarana-vivada-para-harish-rawat-ka-bjp-para-palatavara-rahul-gandhi-para-darja-mukadame-ko-bataya-sajisha-25683 · **Language:** Hindi
**Tags:** हरीश रावत, हल्द्वानी विवाद, राहुल गांधी एफआईआर, मल्लिकार्जुन खरगे, उत्तराखंड राजनीति, कांग्रेस विरोध

उत्तराखंड की राजनीति इन दिनों हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दौरे के बाद उपजे विवाद को लेकर काफी गरमाई हुई है। प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं कि कैसे एक सार्वजनिक कार्यक्रम के तुरंत बाद कुछ लोगों ने कथित शुद्धिकरण का अनुष्ठान किया। इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका साफ कहना है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 10 तारीख को जो कुछ भी हुआ, वह पूरी तरह से प्रायोजित था और उसमें सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं की पूरी सहमति शामिल थी।

घटना को लेकर अपनी बात रखते हुए हरीश रावत ने आरोप लगाया कि इस अनुष्ठान में भाग लेने वाले लोग वास्तव में भारतीय जनता पार्टी के ही जमीनी कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से उस उत्तराखंड की गंगा-जमुनी संस्कृति और समावेशी छवि को गहरा आघात पहुंचा है, जो अपनी सामाजिक सौहार्द के लिए जानी जाती है। उनके अनुसार, हल्द्वानी को कुमाऊं क्षेत्र की आर्थिक राजधानी और एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, ऐसे स्थान पर इस प्रकार की घटनाएं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।

राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे के मसले पर बोलते हुए हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस नेता ने केवल वही बातें दोहराई थीं जो देश का संविधान, अनुसूचित जाति एवं जनजाति संरक्षण कानून और आदिवासी परंपराएं सिखाती हैं। उन्होंने याद दिलाया कि राहुल गांधी ने राज्य सरकार को स्पष्ट सलाह दी थी कि उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने कथित तौर पर शुद्धिकरण का नाटक किया था। उनके मुताबिक, यह केवल मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान नहीं है, बल्कि देश के संविधान और कानून का भी खुला उल्लंघन है, जिस पर अपराधियों के बजाय आवाज उठाने वाले नेता को ही लपेट लिया गया।

एक बड़े नेता के खिलाफ इस तरह की कानूनी कार्रवाई को लेकर हरीश रावत ने कहा कि प्रतिपक्ष के नेता के विरुद्ध देहरादून से लेकर दिल्ली तक के उच्च स्तर पर बिना सरकारी इशारे के मुकदमा दर्ज होना असंभव है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के उच्च नेतृत्व से निर्देश मिलने के बाद ही यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में उन लोगों पर शिकंजा कसा जाना चाहिए था जिन्होंने सामाजिक ताने-बाने को ठेस पहुंचाई, लेकिन इसके विपरीत उल्टा रुख अपनाते हुए राहुल गांधी को ही निशाना बनाया गया।

अपनी आगे की राजनीतिक रणनीति और विरोध के तरीकों के बारे में बताते हुए हरीश रावत ने कहा कि फिलहाल उनका स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक नहीं चल रहा है, लेकिन जैसे ही वह स्वस्थ होते हैं, वह तुरंत हल्द्वानी की यात्रा करेंगे। वहां पहुंचने के बाद वह एक दिन का उपवास रखेंगे और इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच अपनी आवाज को और बुलंद करेंगे। उन्होंने इस पूरी घटना को उत्तराखंड की खुली और समावेशी मानसिकता पर एक काला धब्बा करार दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि इतने वरिष्ठ नेता का राज्य में आना और आम जनता को संबोधित करना एक सौभाग्य का विषय था, लेकिन इसके बाद रचा गया प्रपंच बेहद निंदनीय है। कांग्रेस पार्टी इस पूरे प्रकरण को लेकर आक्रामक तेवर अपनाए हुए है। आने वाले दिनों में हरीश रावत के संभावित दौरे और प्रस्तावित उपवास से राज्य का राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।

## इसका आप पर असर
हल्द्वानी के इस राजनीतिक घटनाक्रम का असर सीधे तौर पर राज्य के सामाजिक माहौल और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा है।

- **भारत में:** देश स्तर पर राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक संघर्ष और विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता बढ़ सकती है। इससे संवेदनशील मुद्दों पर कानूनी कार्रवाई और पुलिस तंत्र के इस्तेमाल को लेकर बहस तेज होगी।
- **उत्तराखंड में:** स्थानीय निवासियों और विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र के लोगों के बीच राजनीतिक सरगर्मी के कारण तनाव का माहौल बन सकता है। आगामी दिनों में होने वाले विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक दौरों से यातायात और आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

## सवाल-जवाब

### 1. हल्द्वानी में शुद्धिकरण की घटना कहां और कब हुई?
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 10 तारीख को यह घटना हुई थी।

### 2. हरीश रावत ने इस पूरी घटना के पीछे किसका हाथ बताया है?
हरीश रावत ने आरोप लगाया है कि यह शुद्धिकरण भाजपा प्रायोजित था और इसमें उन्हीं के कार्यकर्ता शामिल थे।

### 3. राहुल गांधी पर किस कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई है?
राहुल गांधी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

### 4. हरीश रावत ने इस विवाद के विरोध में क्या कदम उठाने की घोषणा की है?
स्वास्थ्य ठीक होने पर हरीश रावत हल्द्वानी जाकर एक दिन का उपवास रखने और विरोध जताने की बात कही है।

### 5. मल्लिकार्जुन खरगे हल्द्वानी क्यों आए थे?
मल्लिकार्जुन खरगे एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए हल्द्वानी आए थे।

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