# करवा चौथ पर दांपत्य जीवन के तनाव को दूर करने में मददगार बन सकते हैं ये चार वास्तु नियम

> कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर दांपत्य जीवन में सुख, सामंजस्य और आर्थिक मजबूती बनाए रखने के लिए पति-पत्नी मिलकर अपना सकते हैं खास वास्तु उपाय।

**Type:** article · **Category:** वास्तु · **Published:** 2026-10-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/vastu/karava-chautha-para-danpatya-jivana-ke-tanava-ko-dura-karane-men-madadagara-bana-sakate-hain-ye-chara-vastu-niyama-52808 · **Language:** Hindi
**Tags:** करवा चौथ, वास्तु उपाय, दांपत्य जीवन, ईशान कोण, गोमती चक्र, राधा कृष्ण तस्वीर

कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाने वाला करवा चौथ का पावन पर्व वैवाहिक जीवन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में यह व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस विशेष अवसर पर विवाहित महिलाएं अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और गृहस्थ जीवन की खुशहाली की कामना के साथ निर्जला उपवास रखती हैं। हालांकि, पारंपरिक पूजा और व्रत अनुष्ठानों के अतिरिक्त वास्तु शास्त्र के कुछ सरल नियमों को अपनाकर वैवाहिक संबंधों में आ रही कड़वाहट या परेशानियों को भी कम किया जा सकता है। जब पति और पत्नी दोनों मिलकर इन उपायों को पूरा करते हैं, तो दांपत्य रिश्ते में आपसी समझ, प्रेम और गहरा संतुलन स्थापित होता है।

## पूर्व दिशा की ओर मुख करके संयुक्त आराधना
वास्तु शास्त्र में दिशाओं की ऊर्जा का विशेष महत्व माना गया है। करवा चौथ के दिन पति और पत्नी को अलग-अलग पूजा करने के बजाय सुबह और शाम दोनों समय एक साथ बैठकर अनुष्ठान करना चाहिए। पूजा अर्चना के दौरान दोनों का मुख पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। पूर्व दिशा सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का संचार करती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में मुख करके संयुक्त रूप से ध्यान और प्रार्थना करने से वैवाहिक मतभेद दूर होते हैं और दोनों के बीच आपसी तालमेल मजबूत बनता है।

## गोमती चक्र और पीली सरसों का विशेष उपाय
आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक संपन्नता को बढ़ाने के लिए करवा चौथ की रात का समय बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। रात्रि पूजन के समय पति-पत्नी को एक गोमती चक्र लेना चाहिए और उस पर श्रद्धापूर्वक अपने-अपने नाम लिखने चाहिए। इसके बाद एक साफ लाल रंग का कपड़ा लेकर उसमें थोड़ी पीली सरसों रखें और साथ में वही नाम लिखा गोमती चक्र भी रख दें। तत्पश्चात दोनों मिलकर उस लाल कपड़े की एक पोटली तैयार करें और उसे घर की अलमारी या तिजोरी में सुरक्षित रख दें। ऐसा माना जाता है कि यह उपाय घर के भीतर सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाता है और दांपत्य जीवन को आर्थिक संकटों से सुरक्षा प्रदान करता है।

## ईशान कोण में शिव और पार्वती की स्थापना
करवा माता की विधि-विधान से उपासना करने के साथ-साथ पति-पत्नी को घर के उत्तर-पूर्व हिस्से यानी ईशान कोण में भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करना चाहिए। वास्तु के दृष्टिकोण से ईशान कोण को देव स्थान माना जाता है, जहां की गई पूजा अत्यधिक फलदायी मानी गई है। दोनों को मिलकर शिव-पार्वती की आराधना करनी चाहिए। इससे दांपत्य जीवन में चली आ रही विघ्न-बाधाएं शांत होती हैं, वैवाहिक स्नेह गहरा होता है और योग्य संतान का सुख प्राप्त होने की संभावनाएं भी बलवती होती हैं।

## शयनकक्ष में राधा-कृष्ण की तस्वीर का महत्व
दांपत्य जीवन में निरंतर प्रेम और आकर्षण बनाए रखने के लिए शयनकक्ष की दिशा का भी ध्यान रखना चाहिए। करवा चौथ के दिन बाजार से राधा और कृष्ण की एक सुंदर तस्वीर लाएं। इस तस्वीर को सीधे लगाने के बजाय पहले धूप और दीप दिखाकर श्रद्धा के साथ उनकी पूजा करें। इसके बाद तस्वीर को अपने शयनकक्ष की उत्तर अथवा पूर्व दिशा की दीवार पर लगाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम में सही दिशा में राधा-कृष्ण की छवि स्थापित करने से जीवनसाथी के बीच आपसी आदर बढ़ता है और वैवाहिक रिश्तों में शुभ परिणाम सामने आते हैं।

## इसका आप पर असर
करवा चौथ के दिन इन वास्तु उपायों को अपनाकर दांपत्य जीवन के तालमेल और घर की आर्थिक व्यवस्था को सुधारा जा सकता है।

- **दांपत्य संबंध:** पति-पत्नी का पूर्व दिशा में मुख करके साथ पूजा करना संवाद को बेहतर बनाता है। यह उपाय उन जोड़ों के लिए उपयोगी है जो दैनिक जीवन में आपसी मतभेदों का सामना कर रहे हैं।
- **आर्थिक स्थिरता:** लाल कपड़े में गोमती चक्र और पीली सरसों बांधकर अलमारी में रखने से धन संबंधी संतुलन बनता है। इसे दोनों साझेदारों को मिलकर पूजन के तुरंत बाद अपनी मुख्य अलमारी में स्थापित करना चाहिए।
- **पारिवारिक सुख:** उत्तर-पूर्व दिशा में शिव-पार्वती की आराधना से गृहस्थ जीवन की रुकावटें कम होती हैं। जो दंपत्ति पारिवारिक तनाव या संतान संबंधी चिंताओं से जूझ रहे हैं, वे इस अनुष्ठान को प्राथमिकता दे सकते हैं।
- **शयनकक्ष का माहौल:** बेडरूम की उत्तर या पूर्व दीवार पर राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाने से कमरे का वातावरण शांत रहता है। तस्वीर लगाने से पहले धूप और दीप दिखाना आवश्यक है ताकि पूजा का पूर्ण फल मिले।

## ऐसा क्यों हुआ
करवा चौथ पर दांपत्य संतुलन सुधारने के लिए वास्तु उपायों का सहारा पारंपरिक मान्यताओं और प्रतीकात्मक ऊर्जा पर आधारित है।

- **दिशात्मक ऊर्जा का सिद्धांत:** पूर्व दिशा और ईशान कोण को भारतीय परंपरा में सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना गया है। इन दिशाओं में पूजा करने का उद्देश्य ध्यान केंद्रित करना और गृह क्लेश को कम करना होता है।
- **संयुक्त भागीदारी का प्रभाव:** अधिकांश उपाय पति और पत्नी दोनों को मिलकर संपन्न करने की सलाह देते हैं। दोनों का एक साथ अनुष्ठान में भाग लेना आपसी समझ और साझेदारी के भाव को मजबूत करता है।
- **प्रतीकात्मक अनुष्ठान:** गोमती चक्र, पीली सरसों और आराध्य देवों के चित्रों का उपयोग पारंपरिक रूप से मानसिक शांति और आर्थिक सुरक्षा की आशा से जोड़ा जाता रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. वर्ष 2026 में करवा चौथ का व्रत किस तारीख को रखा जाएगा?
साल 2026 में करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा जाएगा।

### 2. करवा चौथ के दिन पूजा करते समय पति-पत्नी का मुख किस दिशा में होना चाहिए?
वास्तु के अनुसार, करवा चौथ की सुबह और शाम पूजा के दौरान पति-पत्नी का मुख पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए।

### 3. गोमती चक्र वाले वास्तु उपाय को किस प्रकार पूरा करना चाहिए?
एक गोमती चक्र पर दोनों का नाम लिखकर उसे पीली सरसों के साथ लाल कपड़े में बांधें और उस पोटली को अलमारी में रख दें।

### 4. शिव और पार्वती की प्रतिमा किस दिशा में स्थापित करनी चाहिए?
शिव और पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर को घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करके पूजा करनी चाहिए।

### 5. शयनकक्ष में राधा-कृष्ण की तस्वीर किस दीवार पर लगाना शुभ माना गया है?
पूजा और धूप-दीप दिखाने के बाद राधा-कृष्ण की तस्वीर को बेडरूम की उत्तर या पूर्व दिशा वाली दीवार पर लगाना चाहिए।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._