ममता बनर्जी और छात्र संगठन के आयोजकों पर कोलकाता में एफआईआर दर्ज, कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप कोलकाता के कैथेड्रल रोड पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेशों का कथित तौर पर उल्लंघन करने पर हेस्टिंग्स पुलिस ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। टीएमसी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन ने राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल तृणमूल छात्र परिषद यानी WBTMCP के कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कानूनी कार्रवाई कोलकाता के कैथेड्रल रोड पर आयोजित WBTMCP के स्थापना दिवस समारोह के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशों की कथित अवहेलना को लेकर की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अदालती निर्देशों के उल्लंघन का गंभीर आरोप पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कार्यक्रम के आयोजकों के साथ मिलकर कथित रूप से एक आपराधिक साजिश रची। यह पूरा मामला कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा डब्ल्यू पीए संख्या 21728/2026 के संबंध में पारित आदेश के दायरे से जुड़ा हुआ है। निर्धारित नियमों और अनुमति के मुताबिक, यह सभा दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक ही संचालित होनी थी, लेकिन तय समयसीमा का पालन नहीं किया गया। भीड़ का उग्र रूप और ट्रैफिक व्यवस्था पर असर जांच अधिकारियों का आरोप है कि समारोह के दौरान समर्थकों को इस तरह से उकसाया गया जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी। भीड़ ने पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स को जबरन हटा दिया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ ने कैथेड्रल रोड के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई और गंभीर ट्रैफिक जाम लग गया। निर्धारित समयसीमा का खुला उल्लंघन पुलिस ने अपनी प्राथमिकी में यह भी स्पष्ट किया है कि आयोजकों और नेताओं ने अदालत के आदेशों की अनदेखी करते हुए कार्यक्रम को तय समयसीमा से काफी अधिक समय तक जारी रखा। इसी के चलते मामले में आपराधिक षड्यंत्र रचने, लोक सेवक के वैध आदेशों की अवमानना करने, दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने, ड्यूटी पर तैनात लोक सेवकों पर बल प्रयोग करने और सार्वजनिक रास्तों पर लापरवाही बरतने से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 61(2), 223, 125(a), 132 और हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर अपु बैद्य की लिखित शिकायत पर धारा 285 के तहत केस नंबर 112 दर्ज किया गया है। तृणमूल कांग्रेस का तीखा पलटवार इस पूरी कानूनी कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने इसे प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग और राजनीतिक बदले की भावना करार दिया है। पार्टी नेताओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार टीएमसी की बढ़ती ताकत से डरी हुई है। इस बीच, अभिषेक बनर्जी ने X पर लिखा कि राज्य में संवैधानिक व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और हालात पुलिस राज की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्होंने जोड़ा कि यदि ऐसे वक्त में न्यायपालिका हस्तक्षेप नहीं करती है, तो न सिर्फ नागरिकों की स्वतंत्रता बल्कि खुद लोकतंत्र का भविष्य अंधेरे में डूब जाएगा। इसका आप पर असर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में राजनीतिक सरगर्मी और पुलिस कार्रवाई के कारण स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। • भारत में: राजनीतिक दलों और पुलिस के बीच इस तरह के टकराव से देश भर के विभिन्न राज्यों में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर तीखी बयानबाजी तेज हो सकती है। अदालती आदेशों की अवहेलना से जुड़े मामलों में प्रशासनिक सख्ती और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बनती हैं। • कोलकाता में: कैथेड्रल रोड और आसपास के इलाकों में राजनीतिक आयोजनों के दौरान ट्रैफिक रूट में बदलाव और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने से दैनिक यात्रियों को असुविधा हो सकती है। स्थानीय स्तर पर पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ने से विरोध प्रदर्शनों के दौरान यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। सवाल-जवाब 1. ममता बनर्जी और अन्य के खिलाफ एफआईआर कहां दर्ज की गई है? कोलकाता के हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर दर्ज की गई है। 2. यह मामला किस घटना से जुड़ा हुआ है? यह मामला कैथेड्रल रोड पर आयोजित WBTMCP स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेशों के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। 3. पुलिस ने किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है? पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 61(2), 223, 125(a), 132 और 285 के तहत केस नंबर 112 दर्ज किया है। 4. यह शिकायत किसने दर्ज कराई थी? यह शिकायत हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर अपु बैद्य द्वारा लिखित रूप में दर्ज कराई गई थी। 5. तृणमूल कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया दी है? टीएमसी ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक बदले की भावना करार दिया है। https://trendkia.com/west-bengal/fir-filed-against-mamata-banarji-and-event-organizers-in-kolkata-over-alleged-kalakatta-high-court-order-violation-24219 TrendKia — Har trend, sabse pehle.