हाफ पैंट में परेड, नेपाल सीमा से गिरफ्तार: देखिए टीएमसी नेता जहांगीर खान का बदला हुआ हाल पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने फरार चल रहे टीएमसी नेता जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया और हाफ पैंट में शहर में परेड कराई, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। पश्चिम बंगाल में करारी शिकस्त झेलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब टुकड़ों में बंटती दिख रही है। चुनाव के समय जो नेता मंचों पर गरजते-बरसते थे, हार के बाद उनकी आवाज ठंडी पड़ चुकी है और वे सहमे-सहमे नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक चेहरा हैं जहांगीर खान, जो कभी हजारों समर्थकों की भीड़ के बीच भाषण देते और विरोधियों पर तीखे शब्दबाण चलाते दिखते थे। मगर अब तस्वीर पूरी तरह पलट चुकी है। चुनाव के बाद से अंडरग्राउंड हुए जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नेपाल सीमा के नजदीक से धर दबोचा है। एसटीएफ ने उनकी ऐसी परेड कराई कि देखने वाला हर शख्स यही बोल पड़ा- अरे, जहांगीर खान की ये क्या हालत हो गई? कहां से हुई जहांगीर खान की गिरफ्तारी? पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होते ही टीएमसी नेता जहांगीर खान अचानक गायब हो गए थे। उनका सुराग लगाने में एसटीएफ को खासी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन आखिरकार टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी और जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की खबर बाहर आते ही पश्चिम बंगाल की सियासत में हलचल मच गई। पकड़े जाने के बाद उनकी कुछ तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। जहांगीर की गिरफ्तारी और यूपी पुलिस की चर्चा क्यों? जहांगीर खान के पकड़े जाते ही आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा का नाम एक बार फिर सुर्खियों में लौट आया, जिनके बारे में जहांगीर खान ने कहा था कि अगर अजय पाल शर्मा सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं। दरअसल, फलता विधानसभा सीट पर प्रचार के दौरान आरोप उठे थे कि कुछ इलाकों में मतदाताओं पर दबाव डालकर उन्हें प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। इसके बाद अजय पाल शर्मा अपनी टीम के साथ जहांगीर खान के करीबियों के घर पहुंचे और दो टूक चेतावनी दी कि मतदान के दौरान किसी मतदाता को डराने-धमकाने या मतदान प्रक्रिया में दखल देने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। क्यों बढ़ गईं जहांगीर खान की मुश्किलें? जहांगीर खान के खिलाफ फलता पुलिस स्टेशन में करीब सात एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें से कई चुनाव प्रक्रिया से भी जुड़ी हुई हैं। इन मामलों की पड़ताल के साथ मामला अदालत तक पहुंच गया और कुछ समय के लिए जहांगीर खान को गिरफ्तारी से राहत मिल गई थी, क्योंकि कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें 18 मई को अंतरिम सुरक्षा दी थी। यह राहत सिर्फ इसलिए दी गई थी ताकि वे 21 मई को हुए फलता विधानसभा क्षेत्र के री-पोल में हिस्सा ले सकें। बता दें कि फलता सीट पर दोबारा मतदान कराया गया था और उसका नतीजा 24 मई को घोषित हुआ था। तब तक उन्हें मिली सुरक्षा बाद में खत्म हो गई थी। https://trendkia.com/west-bengal/hapha-painta-men-pareda-nepala-sima-se-giraphtara-dekhie-tiemasi-neta-jahangira--101 TrendKia — Har trend, sabse pehle.