कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल हादसा, 17 की मौत और 35 घायल, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में मंडप का एक हिस्सा गिरने और मची भगदड़ से 17 लोगों की मौत हो गई है जबकि 35 अन्य घायल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत कई बड़े नेताओं ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है, जहां एक पंडाल का हिस्सा गिरने और उसके बाद मची भगदड़ के कारण भारी तबाही मच गई है। इस हृदयविदारक घटना में अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग 35 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह दुखद हादसा सप्तमी की शाम को चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल परिसर में हुआ, जहां उत्सव का माहौल अचानक मातम में बदल गया। भीड़ के बीच मची भगदड़ के कारण स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई थी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए गए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और हालात का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया इस भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि कोलकाता में हुई भगदड़ की घटना बेहद दुखद है और इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। प्रधानमंत्री ने घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और राहत प्रदान कर रही है। गृह मंत्री अमित शाह का बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस दुर्घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उन्हें चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की अत्यंत दुखद सूचना मिली है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बातचीत की है। गृह मंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि प्रशासन की ओर से घायलों को तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे पश्चिम बंगाल के अपने कल के सभी निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर सीधे अस्पताल जाएंगे और घायलों से मुलाकात करेंगे। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की संवेदनाएं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस जनहानि पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि चोरबागान सार्वजनिक पूजा पंडाल में भगदड़ के कारण हुई मौतों की खबर से उनका मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें, घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दें। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाने में जुटा हुआ है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का आधिकारिक बयान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर कोलकाता में दुर्गा पूजा के एक पंडाल में शनिवार को मची भगदड़ के कारण कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग जख्मी हो गए। घायलों में से एक की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के तुरंत बाद कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री ने बताया कि अस्पताल में 17 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था। उन्होंने बताया कि उत्तर कोलकाता में चित्तरंजन एवेन्यू के पास स्थित चोरबागान इलाके में सामुदायिक दुर्गा पूजा के आयोजकों की तरफ से एक घोषणा की गई थी, जिसके बाद श्रद्धालुओं में अचानक आगे बढ़ने की होड़ मच गई और इसी आपाधापी के चलते यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चोरबागान पूजा पंडाल की इस घटना पर गहरा स्तब्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पंडाल में भगदड़ जैसे हालात बनने और लोगों की मौत की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि सभी घायल लोग जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो जाएं और इस संकट की घड़ी में उनके परिवारजनों को संबल और साहस प्राप्त हो। इसका आप पर असर कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल में इस भीषण हादसे के बाद बड़े पैमाने पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के नियमों को कड़ा किए जाने की संभावना है। • भारत भर में: सभी बड़े आयोजकों और स्थानीय प्रशासन को देश भर में आगामी त्योहारों के दौरान पंडालों तथा सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले आयोजनों पर जिला प्रशासन द्वारा सख्त पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। • कोलकाता में: स्थानीय निवासियों और उत्सव प्रेमियों को आने वाले दिनों में पूजा पंडालों के दर्शन के दौरान कड़े पुलिस पहरे, नए रूट डायवर्जन और नियंत्रित प्रवेश का सामना करना पड़ेगा। चोरबगान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है तथा घायलों के परिवारों को प्रशासनिक सहायता दी जा रही है। ऐसा क्यों हुआ यह दुखद हादसा आयोजकों की एक घोषणा के बाद मची अफरा-तफरी और भारी भीड़ के अनियंत्रित होने के कारण हुआ। पंडाल का हिस्सा गिरने और उसके बाद लोगों में आगे बढ़ने की होड़ मचने से स्थिति बिगड़ गई। • घटना का मुख्य कारण: उत्तर कोलकाता के चोरबगान में सामुदायिक दुर्गा पूजा के आयोजकों द्वारा की गई एक घोषणा के तुरंत बाद श्रद्धालुओं में आगे की तरफ धक्का-मुक्की और आगे बढ़ने की भारी होड़ मच गई। • ढांचे पर दबाव: अचानक उमड़ी भारी भीड़ और लोगों के एक साथ आगे बढ़ने के कारण पंडाल का एक हिस्सा इस अत्यधिक दबाव को सहन नहीं कर सका और भरभरा कर गिर गया। • भगदड़ की स्थिति: पंडाल का हिस्सा टूटने और अचानक हुई घोषणा के मिले-जुले असर से वहां भारी भगदड़ मच गई, जिससे लोग कुचल गए और 17 लोगों की जान चली गई। सवाल-जवाब 1. कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल हादसा कहां हुआ? यह हादसा कोलकाता के चित्तरंजन एवेन्यू के पास चोरबगान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ। 2. इस दुर्घटना में कुल कितने लोगों की मौत हुई? इस हादसे में खबर लिखे जाने तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 3. हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं? इस घटना में लगभग 35 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। 4. हादसा किस समय और किस दिन हुआ? यह दुर्घटना सप्तमी की शाम को हुई जब पंडाल में भारी भीड़ मौजूद थी। 5. घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना को दुखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। 6. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना के बाद क्या कदम उठाया? मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तुरंत कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और हालात का जायजा लिया। https://trendkia.com/west-bengal/kolkata-durga-puja-pandal-haadsa-17-ki-maut-aur-35-ghayal-prime-minister-aur-chief-minister-ne-jataya-shok-48813 TrendKia — Har trend, sabse pehle.