मुर्शिदाबाद में पुलिस कार्रवाई के बाद हुमायूं कबीर छोड़ेंगे राजनीति, विधायक पद से हटने की जताई मंशा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रेजिनगर उपचुनाव के दौरान 12 घंटे हिरासत में रखे जाने और कथित उत्पीड़न के बाद वरिष्ठ नेता हुमायूं कबीर ने चुनावी राजनीति और नौदा विधायक पद छोड़ने का निर्णय लिया है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच वरिष्ठ नेता और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने सक्रिय राजनीति को अलविदा कहने और नौदा विधानसभा सीट से विधायक पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। मंगलवार को रेजिनगर उपचुनाव के दौरान पुलिस कार्रवाई का शिकार होने के बाद उन्होंने खुद को अपमानित महसूस करते हुए बुधवार को इस अहम राजनीतिक फैसले की घोषणा की। उपचुनाव के दिन हिरासत और 12 घंटे का घटनाक्रम साल 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजिनगर दोनों विधानसभा क्षेत्रों से एक साथ जीत दर्ज की थी। इसके बाद जब उन्होंने रेजिनगर सीट छोड़ी, तो वहां उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी। मंगलवार को जब रेजिनगर में वोट डाले जा रहे थे, तभी मतदान शुरू होने के करीब 1 घंटे के भीतर पुलिस ने कथित रूप से कानून तोड़ने का हवाला देते हुए उन्हें रेजिनगर स्थित पार्टी कार्यालय के ठीक सामने से हिरासत में ले लिया। इस धरपकड़ के बाद उन्हें लगभग 12 घंटे तक पुलिस हिरासत में रखा गया और रात करीब 8 बजे उन्हें रिहा किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को उत्पीड़न और अपमान बताते हुए कबीर ने गहरा रोष जताया। पुलिस पर लगाए झूठे आरोप लगाने के इल्जाम हिरासत से बाहर आने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "मैंने प्रोटेस्ट किया। पुलिस ने झूठ बात बोलकर जबरदस्ती उठा कर 12 घंटे के लिए हिरासत में रखा।" लगातार हुए इस घटनाक्रम से आहत होकर उन्होंने न केवल नौदा के विधायक पद को त्यागने का इरादा जताया, बल्कि पूरे चुनावी और सक्रिय राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने का मन भी बना लिया है। इसका आप पर असर मुर्शिदाबाद के इस घटनाक्रम का सीधा असर स्थानीय प्रशासनिक माहौल और राज्य की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर पड़ता है। • भारत में: राजनीतिक नेताओं पर चुनाव के दिन पुलिसिया कार्रवाई और उसके बाद आने वाले इस्तीफे चुनावी शुचिता पर बहस छेड़ते हैं। इससे अन्य राज्यों के राजनीतिक विश्लेषक और मतदाता चुनावी निगरानी प्रक्रियाओं पर नजर बनाए रखते हैं। • पश्चिम बंगाल में: नौदा विधानसभा सीट से विधायक के हटने के इरादे से क्षेत्र में एक और संभावित उपचुनाव की नौबत आ सकती है। स्थानीय मतदाताओं को आने वाले दिनों में नए प्रशासनिक व चुनावी बदलावों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम रेजिनगर उपचुनाव के दौरान मतदान केंद्र के आसपास उपजे तनाव और पुलिसिया कार्रवाई के बाद सामने आया। • सीधा कारण: मतदान शुरू होने के 1 घंटे के भीतर पार्टी कार्यालय के बाहर से पुलिस ने हुमायूं कबीर को नियम तोड़ने के आरोप में हिरासत में ले लिया। लगभग 12 घंटे तक थाने में रखे जाने को उन्होंने उत्पीड़न और अपमान बताया। • पृष्ठभूमि: हुमायूं कबीर ने 2026 के आम चुनाव में नौदा और रेजिनगर दोनों जगह जीत हासिल की थी। रेजिनगर से उनके इस्तीफे के कारण ही यह उपचुनाव कराना पड़ा था। • आगे क्या: नेता ने अपनी पार्टी और नौदा सीट से अलग होने की घोषणा की है, जिससे आधिकारिक इस्तीफा सौंपे जाने की प्रक्रिया बाकी है। सवाल-जवाब 1. हुमायूं कबीर ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा क्यों की? रेजिनगर उपचुनाव के दिन पुलिस द्वारा कथित रूप से अपमानित और प्रताड़ित किए जाने के विरोध में उन्होंने राजनीति छोड़ने का निर्णय लिया। 2. हुमायूं कबीर किस पार्टी से जुड़े हैं और किस सीट से विधायक हैं? वे आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हैं और नौदा विधानसभा सीट से विधायक हैं। 3. रेजिनगर में उपचुनाव क्यों हो रहा था? 2026 में हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजिनगर दोनों सीटें जीती थीं, जिसके बाद रेजिनगर से इस्तीफा देने के कारण वहां उपचुनाव कराया गया। 4. हुमायूं कबीर को पुलिस ने कितने समय तक हिरासत में रखा? उन्हें मंगलवार को करीब 12 घंटे तक पुलिस हिरासत में रखा गया और रात 8 बजे छोड़ा गया। https://trendkia.com/west-bengal/murshidabad-men-pulisa-karravai-ke-bada-humayun-kabir-chhorenge-rajaniti-vidhayaka-pada-se-hatane-ki-jatai-mnsha-44598 TrendKia — Har trend, sabse pehle.