पश्चिम बंगाल में काली पूजा से पहले बड़ा हादसा, पूर्व मेदिनीपुर में आग लगने से लाखों का पंडाल खाक पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में काली पूजा से ठीक एक दिन पहले एक बड़े बजट का भव्य पंडाल आग लगने से पूरी तरह जलकर खाक हो गया। पश्चिम बंगाल में इन दिनों चारों तरफ दीवाली और काली पूजा यानी श्यामा पूजा का उल्लास छाया हुआ है। राज्यभर में रोशनी के इस पर्व की तैयारियां आखिरी दौर में चल रही हैं। गांवों से लेकर महानगरों तक में लोग त्योहार के जश्न में डूबे हुए हैं और कोलकाता के कई प्रमुख पंडालों का उद्घाटन भी पहले ही संपन्न हो चुका है। विभिन्न जिलों में भी लोग बड़े बजट के भव्य पूजा आयोजनों को देखने के लिए बड़ी संख्या में उमड़ रहे हैं। इसी बीच पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है, जहां रोशनी के इस पर्व की खुशियों के बीच एक भीषण अग्निकांड हो गया। शाम के समय भड़की आग और लाखों का नुकसान काली पूजा से ठीक एक दिन पहले शनिवार की शाम को एक विशाल पूजा पंडाल अचानक आग की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पूरी तरह जलकर राख में तब्दील हो गया। यह सनसनीखेज हादसा पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले यशोड़ा गांव में घटित हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस भव्य पूजा का आयोजन यशोड़ा कालीबाजार व्यवसायी समिति और स्थानीय ग्रामवासियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा था। शनिवार की शाम को करीब 5 बजे अचानक इस पंडाल में आग भड़क उठी। शुरुआती तौर पर सामने आई जानकारियों में बिजली के शॉर्ट सर्किट को इस आग लगने की मुख्य संभावित वजह माना जा रहा है। दमकल की कार्रवाई और राहत की बात घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम और पांशकुड़ा थाने की पुलिस तत्काल मौके पर रवाना हो गई। हालांकि दमकल वाहन और कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचते, उससे पहले ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था और पूरे पंडाल को अपनी आगोश में ले लिया। देखते ही देखते यह भव्य पूजा पंडाल और उसके अंदर रखा सारा साजो-सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। इस हादसे में आयोजकों को लाखों रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। राहत भरी बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी के भी हताहत होने की कोई बड़ी खबर सामने नहीं आई है, जिससे एक बड़ा टल गया। दमकल कर्मियों ने काफी कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, लेकिन तब तक सब कुछ नष्ट हो चुका था। आयोजकों में निराशा और पहले की घटनाएं काली पूजा के जश्न से ठीक एक दिन पहले हुए इस हादसे के कारण पूजा समिति के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों में गहरा निराशा का माहौल छा गया है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि आग किन परिस्थितियों में लगी थी। इस घटना से ठीक दो दिन पहले भी पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग के चालता फॉरेस्ट में एक भीषण आग लगने का मामला सामने आया था, जिसकी चपेट में आकर कई छोटे-बड़े पेड़ जल गए थे। इसका आप पर असर त्योहारी सीजन के दौरान इस तरह की दुर्घटनाओं से सुरक्षा उपायों और आयोजनों में बरती जाने वाली सावधानियों पर बड़ा असर पड़ता है। • भारत में: त्योहारी सीजन के दौरान देश भर में अस्थायी पूजा पंडालों और बाजारों में बिजली के कनेक्शन और वायरिंग की सुरक्षा पर कड़े सवाल उठते हैं। जिला प्रशासन और स्थानीय समितियों को आयोजनों के दौरान अग्निसुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना चाहिए। • पूर्व मेदिनीपुर में: पांशकुड़ा और आसपास के स्थानीय क्षेत्रों में इस हादसे के बाद आयोजकों और प्रशासन में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। पूजा समितियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में आग बुझाने के उपकरण और आपातकालीन निकास की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ अचानक लगी इस आग के पीछे मुख्य कारण प्राथमिक तौर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है, जिसकी स्थानीय स्तर पर जांच की जा रही है। • शॉर्ट सर्किट की संभावना: शुरुआती जानकारियों के अनुसार अस्थायी रूप से लगाए गए बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने से पंडाल के ज्वलनशील सजावटी सामान ने तेजी से आग पकड़ ली। • त्वरित प्रसार: पंडालों में सजावट के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्रियां और कपड़े बहुत जल्दी आग पकड़ते हैं, जिससे दमकल की गाड़ी पहुंचने से पहले ही आग पूरे ढांचे में फैल गई। • जांच जारी: स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग इस बात की विस्तृत जांच कर रहे हैं कि क्या बिजली के उपकरणों के उपयोग में तय सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। सवाल-जवाब 1. यह हादसा कहां हुआ? यह हादसा पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा थाना क्षेत्र के यशोड़ा गांव में हुआ। 2. आग किस समय और कब लगी? आग काली पूजा से ठीक एक दिन पहले शनिवार शाम को करीब 5 बजे लगी। 3. आग लगने का संभावित कारण क्या बताया गया है? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। 4. इस हादसे में नुकसान कितना हुआ? इस अग्निकांड में लाखों रुपये का भव्य पूजा पंडाल और उसके अंदर रखा साजो-सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। 5. क्या इस दुर्घटना में कोई हताहत हुआ? राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई बड़ी खबर नहीं है। https://trendkia.com/west-bengal/paschim-bengal-mein-kali-puja-se-pehle-bada-haadsa-purav-medinipur-mein-aag-lagne-se-lakhon-ka-pandal-khaak-57586 TrendKia — Har trend, sabse pehle.