# पूर्व बर्धमान में काली पूजा के दिन पंचायत सदस्य की गौशाला से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद, चार जिंदा बम और कारतूस मिले

> पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में काली पूजा के अवसर पर एक पंचायत सदस्य की गौशाला से चार जिंदा बम और तीन कारतूस मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने बम निरोधक दस्ते की मदद से सभी विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

**Type:** article · **Category:** पश्चिम बंगाल · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/west-bengal/purba-bardhaman-me-kali-puja-ke-din-panchayat-sadashya-ki-gaushala-se-bhari-matra-me-visphotak-baramad-57970 · **Language:** Hindi
**Tags:** पश्चिम बंगाल, पूर्व बर्धमान, मंतेश्वर, काली पूजा, बम बरामदगी, पुलिस कार्रवाई

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में काली पूजा के पावन अवसर पर सुरक्षा एजेंसियों को उस समय एक बड़ी कामयाबी और चुनौती का सामना करना पड़ा, जब एक स्थानीय जनप्रतिनिधि की गौशाला से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और आम नागरिकों के बीच दहशत का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उच्चाधिकारियों को सूचित किया और मौके पर विशेष दस्तों को रवाना किया।

 

## **प्लास्टिक जार और टोकरी में छुपाए गए थे बम और कारतूस**
 पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज मामला मंतेश्वर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शाहजादपुर गांव का है। रविवार के दिन पुलिस को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर बामुनपाड़ा पंचायत क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के पंचायत सदस्य अबुल कासेम शेख की निजी गौशाला में अचानक छापेमारी की गई। इस तलाशी अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों को वहां रखे एक प्लास्टिक के जार के अंदर से चार खतरनाक जिंदा बम और एक अन्य टोकरी से तीन बंदूक के जिंदा कारतूस बरामद हुए। इस प्रकार की विस्फोटक सामग्री का इस तरह सार्वजनिक स्थान के पास मिलना गंभीर सुरक्षा चिंताओं को जन्म देता है।

 

## **बम निरोधक दस्ते ने नदी किनारे किया निष्क्रिय**
 स्थिति की अत्यधिक नाजुकता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत दुर्गापुर से विशेष बम निरोधक दस्ते को घटनास्थल पर तलब किया। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भातार से दमकल विभाग की एक टीम और मंतेश्वर ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम को भी मौके पर तैनात किया गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच पुलिस की कड़ी निगरानी में गांव के पश्चिमी छोर पर बहने वाली खड़ी नदी के किनारे इन चारों जिंदा बमों को बेहद सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

 

## **परिवार के सभी सदस्य फरार, पुलिस तलाश में जुटी**
 प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पंचायत सदस्य अब्दुल हमीद शेख के घर के सभी सदस्य इस घटना के सामने आने के बाद से अपने घर से फरार हैं और पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस बात की गहराई से छानबीन कर रही हैं कि आखिर इस गौशाला के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में बम और कारतूस किस दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य के तहत छिपाए गए थे और इस आपराधिक षड्यंत्र के पीछे वास्तविक रूप से कौन लोग शामिल हैं। हालांकि इस मामले में अब तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

 

## **पश्चिम बंगाल में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले**
 राज्य में इस प्रकार की घटनाएं पहले भी चिंता का विषय रही हैं। इससे पहले हाल ही में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले भी बेलडांगा थाना क्षेत्र के नौपुकुरिया इलाके में एक झील के किनारे भीषण विस्फोट होने से भारी दहशत फैल गई थी। उस धमाके की आवाज इतनी तीव्र थी कि आसपास के ग्रामीण भयभीत होकर घरों से बाहर निकल आए थे और आसमान में धुएं का गुबार छा गया था। इसके अलावा कोलकाता एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट के टॉयलेट के शीशे पर बम होने की धमकी लिखे मिलने जैसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती रही हैं।

## इसका आप पर असर
यह घटना स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को सीधा प्रभावित करती है, विशेषकर त्योहारों के दिनों में जब सुरक्षा बढ़ाई जाती है।

- **भारत में:** संवेदनशील इलाकों में त्योहारों के दौरान पुलिस गश्त और तलाशी अभियानों को और अधिक तेज कर दिया जाता है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- **पश्चिम बंगाल में:** पूर्व बर्धमान और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक रूप से जुड़े परिसरों की पुलिस निगरानी कड़ी कर दी गई है ताकि अवैध हथियारों के भंडारण को रोका जा सके।

## ऐसा क्यों हुआ
गोशाला के भीतर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के पीछे का उद्देश्य अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है, और पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन्हें किस षड्यंत्र के तहत जमा किया गया था।

- **गुप्त सूचना:** स्थानीय पुलिस को एक सटीक सूचना मिली थी जिसके आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बामुनपाड़ा पंचायत क्षेत्र के एक निजी परिसर में छापेमारी की गई।
- **आपराधिक मंशा:** जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या इन बमों का इस्तेमाल किसी आगामी स्थानीय विवाद, चुनाव या आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
- **फरार आरोपी:** घर के सदस्यों के फरार होने के कारण पूछताछ में देरी हो रही है, और उनकी गिरफ्तारी के बाद ही विस्फोटकों के स्रोत का असली खुलासा हो पाएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना किस जिले में हुई है?
यह घटना पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में हुई है।

### 2. विस्फोटक कहां से बरामद किए गए थे?
विस्फोटक तृणमूल कांग्रेस के पंचायत सदस्य अबुल कासेम शेख की गौशाला से बरामद किए गए।

### 3. पुलिस ने मौके से क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने एक प्लास्टिक के जार से चार जिंदा बम और एक टोकरी से तीन बंदूक के कारतूस बरामद किए।

### 4. बमों को कहां और कैसे निष्क्रिय किया गया?
दुर्गापुर से आए बम निरोधक दस्ते ने पुलिस निगरानी में गांव के पश्चिमी छोर पर खड़ी नदी के किनारे चारों बमों को सुरक्षित निष्क्रिय किया।

### 5. क्या इस मामले में किसी की गिरफ्तारी हुई है?
नहीं, इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है क्योंकि परिवार के सभी सदस्य फरार हैं।

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