# अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर अगले 60 दिनों तक रहेगी धारा 163, झड़प के बाद प्रशासन का कड़ा कदम

> कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर शुक्रवार रात हुई झड़प के बाद प्रशासन ने धारा 163 को अगले 60 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। इस घटना के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

**Type:** article · **Category:** पश्चिम बंगाल · **Published:** 2026-11-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/west-bengal/section-163-imposed-for-60-days-outside-abhishek-banerjee-residence-after-late-night-clash-57468 · **Language:** Hindi
**Tags:** अभिषेक बनर्जी, कोलकाता, टीएमसी, पश्चिम बंगाल, धारा 163, हिंसा

**कोलकाता: **पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। प्रशासन ने शुक्रवार रात हुई झड़प के बाद उनके कालीघाट स्थित घर के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 को आगामी 60 दिनों तक प्रभावी रखने का निर्णय लिया है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश उनके आवास के इर्द-गिर्द पहले से ही 13 अक्टूबर से लागू था, लेकिन हालिया तनावपूर्ण हालातों के चलते इसे आगे बढ़ाने का निर्देश जारी किया गया है।

 घटना के तुरंत बाद से ही इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

 

## अभिषेक बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
 तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को मीडिया के सामने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बीती रात उनके घर पर सुनियोजित तरीके से हमला किया। डायमंड हार्बर से ताल्लुक रखने वाले सांसद ने आरोप लगाया कि यह हमला उनकी हत्या करने की साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। उनके मुताबिक, इस हिंसक घटना से ठीक पहले लगातार दो दिनों तक उनके कार्यालय और आवास की रैकी की गई थी। इस झड़प में उनके कई समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

 घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए अभिषेक बनर्जी ने लिखा कि लगातार दो दिन तक निगरानी के बाद विरोधी दल के कार्यकर्ताओं ने देर रात दो बजे उनके घर को निशाना बनाया। उन्होंने फुटेज देखकर खुद फैसला करने की बात कही और सवाल उठाया कि यदि एक चुने हुए सांसद के साथ ऐसा हो सकता है, तो राज्य के आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा।

 

## नारेबाजी, पथराव और मारपीट का घटनाक्रम
 विवाद की शुरुआत तब हुई जब अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन के जश्न की तैयारियों को लेकर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता उनके कालीघाट आवास पर एकत्र हो रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान वहां पहुंचे विरोधी समर्थकों ने चोर-चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस, जवाबी नारेबाजी और अंततः मारपीट, पथराव तथा तोड़फोड़ शुरू हो गई। स्थिति बेकाबू होने पर अभिषेक बनर्जी खुद रात के समय अपने घायल कार्यकर्ताओं का हाल जानने के लिए घर से बाहर आए थे।

 सांसद ने हमलावरों पर कांटेदार छड़ियों का इस्तेमाल करने और स्थानीय पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उनके चार से पांच समर्थक बुरी तरह घायल हुए हैं, जिनमें से एक को फ्रेक्चर आया है और दूसरे की प्लास्टिक सर्जरी करानी होगी। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद हमलावर बेखौफ होकर उपद्रव करते रहे।

 

## सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक बयानबाजी
 सांसद ने दावा किया कि यह पिछले छह महीनों के दौरान उनकी जान लेने का सातवां प्रयास था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस और न्यायपालिका की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई या हस्तक्षेप देखने को नहीं मिला। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने इन تمام आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर ही माहौल खराब करने और उकसाने का आरोप मढ़ा है।

 दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने इन बําनों को खारिज करते हुए कहा कि जब सत्ता हाथ से फिसलती है, तो ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाना बहुत आम बात है। कोलकाता पुलिस का कहना है कि दोनों समूहों के बीच हुए हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया गया था।

## इसका आप पर असर
अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर तनाव और धारा 163 लागू होने का असर स्थानीय सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर पड़ेगा।

- **पश्चिम बंगाल में:** आम नागरिकों को जुलूस, सभाओं और आवाजाही के दौरान स्थानीय प्रशासन के कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ने से संवेदनशील इलाकों में यातायात मार्ग में बदलाव किया जा सकता है।
- **कोलकाता में:** कालीघाट क्षेत्र और उसके आसपास अगले 60 दिनों तक कड़ी सुरक्षा निगरानी रहेगी, जिससे स्थानीय निवासियों और आने-जाने वाले लोगों को अतिरिक्त पुलिस जांच का सामना करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दल के समर्थकों के बीच जन्मदिन के जश्न के दौरान हुई तीखी झड़प और तोड़फोड़ के बाद सामने आया है।

- **प्रत्यक्ष कारण:** कालीघाट आवास के बाहर दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और तीखी बहस के बाद शुरू हुई मारपीट और पथराव की घटना ने विवाद को जन्म दिया।
- **प्रशासनिक कदम:** पूर्व में 13 अक्टूबर से लागू प्रतिबंधों को स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अगले 60 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है।
- **राजनीतिक तनाव:** पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक गहमागहमी और एक-दूसरे पर लगातार हमले के आरोप इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में शामिल रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. अभिषेक बनर्जी का आवास कहाँ स्थित है?
अभिषेक बनर्जी का आवास कोलकाता के कालीघाट इलाके में स्थित है।

### 2. घर के बाहर कौन सी धारा लागू की गई है?
उनके आवास के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है।

### 3. यह प्रतिबंध कितने दिनों के लिए बढ़ाया गया है?
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इस धारा को अगले 60 दिनों तक लागू रखने का फैसला किया है।

### 4. झड़प की मुख्य वजह क्या थी?
जन्मदिन के जश्न के दौरान दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी, तीखी बहस और पथराव के कारण झड़प हुई।

### 5. इस घटना में किसने किस पर आरोप लगाया?
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

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