# पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में खुले रेलवे फाटक ने ली तीन जिंदगियां, स्कूली बच्चों से भरी वैन ट्रेन की चपेट में आई

> पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में गोविंदपुर रेल फाटक पर स्कूली वैन ट्रेन की चपेट में आ गई, जिसमें दो बच्चों समेत 3 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

**Type:** article · **Category:** पश्चिम बंगाल · **Published:** 2026-07-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/west-bengal/west-bengal-ke-murshidabad-men-khule-relave-phataka-ne-li-tina-jindagiyan-skuli-bachchon-se-bhari-vaina-trena-ki-chapeta-men-ai-8326 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुर्शिदाबाद हादसा, रेल फाटक दुर्घटना, स्कूली वैन हादसा, पश्चिम बंगाल न्यूज़, गोविंदपुर रेलवे क्रॉसिंग, बहरामपुर अस्पताल

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। गोविंदपुर रेलवे फाटक पर स्कूली बच्चों को ले जा रही एक वैन पटरी पार करने के दौरान तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गई। इस भीषण टक्कर में दो बच्चों और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौके पर ही जान चली गई, जबकि वैन में सवार कई अन्य बच्चे और एक साइकिल सवार गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों को तुरंत बहरामपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस दोनों ही इस हादसे की जांच में जुट गई हैं।

## हादसा कैसे और कब हुआ
मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना 17 जुलाई 2026, शुक्रवार को बहरामपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कर्णसुबर्णा और गोविंदपुर स्टेशनों के बीच हुई। हादसे का सही समय अभी साफ नहीं हो पाया है। हालांकि आसपास मौजूद लोगों का कहना है कि जिस वक्त वैन पटरी पार कर रही थी, उस समय रेल क्रॉसिंग का फाटक खुला हुआ था। यही खुला फाटक इस पूरे हादसे की वजह बना, और अब इस चूक को लेकर वहां तैनात रेलवे गेटमैन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

## पहले बंद हुआ, फिर क्यों खोला गया फाटक
स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे से थोड़ी देर पहले एक अपलाइन ट्रेन इसी रास्ते से गुजरी थी, और उस दौरान फाटक को बंद रखा गया था। ट्रेन गुजरने के बाद फाटक को खोल दिया गया। लेकिन इसके तुरंत बाद विपरीत दिशा से एक और ट्रेन आ पहुंची, और इस बार फाटक बंद नहीं किया गया। इसी लापरवाही के चलते स्कूली वैन बेखबर होकर पटरी पार करने लगी और ट्रेन की चपेट में आ गई। अब यही सवाल उठ रहा है कि दूसरी ट्रेन के आने से पहले फाटक को दोबारा बंद क्यों नहीं किया गया।

## वैन में सवार थे कुल 8 लोग, 3 की मौके पर मौत
हादसे का शिकार बनी वैन में कुल 8 लोग सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इनमें से 3 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसा होते ही आसपास के स्थानीय निवासी तुरंत मदद के लिए दौड़े और उन्होंने वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को तुरंत कर्णसुबर्णा ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया। जिन घायलों की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है, उन्हें आगे के इलाज के लिए मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।

## इलाके में गुस्सा, जांच जारी
इस हादसे के बाद इलाके में रेलवे क्रॉसिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं और ग्रामीणों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि दूसरी ट्रेन के आने से पहले फाटक बंद करने में चूक किसकी वजह से हुई।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह हादसा देशभर की मैनुअल और अनमैन्ड रेलवे क्रॉसिंगों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े करता है, खासकर उन रास्तों पर जहां स्कूली वैन और बच्चे रोज पटरियां पार करते हैं।
- **पश्चिम बंगाल में:** मुर्शिदाबाद के गोविंदपुर इलाके में रहने वाले परिवारों और स्कूल वाहन चालकों को अब रेल फाटक पार करते समय पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा, क्योंकि गेट समय पर बंद न होने से ही यह हादसा हुआ।

## सवाल-जवाब

### 1. यह हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा 17 जुलाई 2026, शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के गोविंदपुर रेल फाटक पर हुआ।

### 2. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
हादसे में दो बच्चों और एक बुजुर्ग व्यक्ति समेत कुल 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

### 3. हादसा क्यों हुआ?
हादसे के वक्त रेल फाटक खुला हुआ था, क्योंकि एक ट्रेन गुजरने के बाद गेट खोल दिया गया था और दूसरी ट्रेन आने पर उसे दोबारा बंद नहीं किया गया।

### 4. वैन में कितने लोग सवार थे?
वैन में कुल 8 लोग सवार थे, जिनमें से 3 की मौके पर ही मौत हो गई।

### 5. घायलों का इलाज कहां चल रहा है?
घायलों को पहले बहरामपुर अस्पताल और कर्णसुबर्णा ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया, जबकि गंभीर मरीजों को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।

### 6. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस दोनों इस हादसे की जांच कर रही हैं।

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