पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, कांग्रेस प्रत्याशी 1,22,753 वोटों से पराजित नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हासिरानी रथ ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 1,22,753 मतों से हरा दिया है। यह सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं, जहाँ भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक अंतर से जीत दर्ज की है। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भाजपा प्रत्याशी हासिरानी रथ ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी है। इस चुनावी मुकाबले में सीपीआईएम के प्रत्याशी शांतिगोपाल गिरि भी मैदान में डटे हुए थे, लेकिन मुख्य मुकाबला एकतरफा साबित हुआ। शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का पारंपरिक राजनीतिक गढ़ माना जाता है। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और कोलकाता की भवानीपुर, दोनों सीटों से एक साथ चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का निर्णय लिया और नंदीग्राम सीट से विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसी वजह से इस सीट पर उपचुनाव कराया जाना आवश्यक हो गया था। इससे पहले 2021 के ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने इसी नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को पराजित किया था। टीएमसी का समर्थन और कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी उपचुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने शुरुआत में अपना उम्मीदवार घोषित किया था, मगर चुनाव से ठीक पहले टीएमसी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने मुकाबले में कांग्रेस के प्रत्याशी मिलन प्रधान को खुला समर्थन देने का ऐलान किया। ममता बनर्जी के समर्थन की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और हाई कोर्ट ने मिलन प्रधान को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए 21 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत प्रदान की थी। विजेता हासिरानी रथ और राजनीतिक पृष्ठभूमि भारतीय जनता पार्टी ने इस उपचुनाव में हासिरानी रथ पर दांव लगाया था, जिन्हें पार्टी ने अपना आधिकारिक प्रत्याशी बनाया। हासिरानी रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की इसी वर्ष 4 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दुखद घटना के बाद भाजपा ने उनकी मां को नंदीग्राम के सियासी रण में उतारा और जनता ने उन्हें भारी बहुमत से चुनकर विधानसभा भेज दिया है। इस जीत के साथ नंदीग्राम पर भाजपा का दबदबा बरकरार रहा है। इसका आप पर असर नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भाजपा की यह प्रचंड जीत राज्य के राजनीतिक संतुलन और स्थानीय मतदाताओं के प्रतिनिधित्व पर सीधा असर डालती है। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के साझेदार दलों के बीच राज्यवार रणनीति की परीक्षा के रूप में इसे देखा जा रहा है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न दलों के आपसी समीकरणों और चुनाव प्रबंधन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। • पश्चिम बंगाल में: नंदीग्राम के मतदाताओं को अब हासिरानी रथ के रूप में नया क्षेत्रीय विधायक मिल गया है, जो स्थानीय विकास कार्यों की कमान संभालेंगी। इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी के अपने पुराने क्षेत्र पर राजनीतिक प्रभाव की मजबूती भी स्पष्ट रूप से रेखांकित हुई है। • प्रशासनिक कार्यों पर: चुनाव संपन्न होने और परिणाम आने के बाद आदर्श आचार संहिता हटने से क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्य और प्रशासनिक फाइलें पुनः गति पकड़ेंगी। आम नागरिक अब सीधे नए निर्वाचित प्रतिनिधि से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क कर सकेंगे। • राजनीतिक समीकरणों पर: टीएमसी समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार की भारी हार के बाद राज्य में दोनों विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति और समन्वय पर सवाल उठेंगे। आगामी चुनावों में दोनों दलों के कार्यकर्ता और नेतृत्व नए सिरे से अपनी रणनीति तय करने को बाध्य होंगे। ऐसा क्यों हुआ नंदीग्राम उपचुनाव की नौबत और उसके नतीजे एक सिलसिलेवार राजनीतिक घटनाक्रम तथा स्थानीय परिस्थितियों के कारण सामने आए। • सीट खाली होना: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों से जीत दर्ज की थी। नियम के अनुसार उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह उपचुनाव अनिवार्य हो गया। • टीएमसी प्रत्याशी की नाम वापसी: टीएमसी द्वारा तय किए गए उम्मीदवार ने मतदान से पहले पर्चा वापस ले लिया, जिसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया। • उम्मीदवार की गिरफ्तारी और कानूनी दांव-पेंच: ममता बनर्जी के समर्थन के तुरंत बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बाद उन्हें हाई कोर्ट से 21 अक्टूबर तक जमानत लेनी पड़ी। इस घटनाक्रम ने चुनावी अभियान के संतुलन को काफी प्रभावित किया। • स्थानीय सहानुभूति और राजनीतिक आधार: भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत पूर्व पीए चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को प्रत्याशी बनाया, जिनकी 4 मई को हत्या कर दी गई थी। इस कदम ने मजबूत संगठनात्मक कैडर के साथ स्थानीय सहानुभूति को भी पार्टी के पक्ष में जोड़ा। सवाल-जवाब 1. नंदीग्राम उपचुनाव में किसकी जीत हुई और कितने वोटों से? भाजपा उम्मीदवार हासिरानी रथ ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की। 2. नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली क्यों हुई थी? मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 2026 में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीता था, जिसके बाद भवानीपुर सीट रखते हुए उन्होंने नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया था। 3. टीएमसी ने इस चुनाव में किसे समर्थन दिया था? टीएमसी उम्मीदवार द्वारा नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को अपना समर्थन दिया था। 4. कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के साथ चुनाव से पहले क्या घटना घटी थी? ममता बनर्जी का समर्थन मिलने के कुछ ही घंटों बाद मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद हाई कोर्ट ने उन्हें 21 अक्टूबर तक जमानत दी थी। 5. भाजपा प्रत्याशी हासिरानी रथ की पृष्ठभूमि क्या है? हासिरानी रथ सीएम शुभेंदु अधिकारी के पूर्व पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जिनकी 4 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 6. इस उपचुनाव में अन्य कौन सा मुख्य दल मैदान में था? इस मुकाबले में सीपीआईएम की ओर से शांतिगोपाल गिरि भी चुनाव मैदान में उतरे थे। https://trendkia.com/west-bengal/west-bengal-ke-nandigram-upachunava-men-bjp-ki-bari-jita-congress-pratyashi-1-22-753-voton-se-parajita-45463 TrendKia — Har trend, sabse pehle.