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  "type": "article",
  "title": "पश्चिम बंगाल के रानीगंज में मादक पदार्थ के अवैध धंधे पर पुलिस का प्रहार, छिपाकर रखा गया गांजा जब्त",
  "summary": "रानीगंज में निमचा चौकी पुलिस ने गुप्त जानकारी के आधार पर दबिश देकर प्लास्टिक बाल्टियों में रखा 1.60 किलो गांजा बरामद किया और 48 वर्षीय व्यक्ति को हिरासत में लिया।",
  "content": "कोयलांचल क्षेत्र में नशीले पदार्थों के गैरकानूनी संजाल को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे निरंतर अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जामुड़िया में हालिया जब्ती के बाद कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने अब रानीगंज इलाके में सक्रिय तस्करों पर शिकंजा कसा है। मंगलवार की रात निमचा चौकी के जांच दल ने सटीक गुप्त सूचना मिलने के तुरंत बाद लक्षित क्षेत्र में औचक दबिश दी। इस गोपनीय कार्रवाई के दौरान पुलिस कर्मियों ने लगभग 1 लाख रुपये के अनुमानित बाजार मूल्य वाले 1 किलो 600 ग्राम गांजे की खेप को जब्त करने में कामयाबी हासिल की।\n\nगोपनीय सूचना पर निमचा चौकी का त्वरित एक्शन\nनशे के कारोबार के विरुद्ध इस सटीक कार्रवाई का नेतृत्व निमचा पुलिस चौकी की प्रभारी एलएसआई नासरीन सुल्ताना ने संभाला। प्रारंभिक जानकारी से यह संकेत मिला था कि 48 वर्षीय योगिंदर भगत किसी अन्य स्रोत से नशीला पदार्थ लाकर उसे आगे अन्य जगहों पर खपाने की फिराक में घूम रहा है। जांच टीम ने घेराबंदी करते हुए सबसे पहले संदेहास्पद परिस्थिति में आरोपी को अपने शिकंजे में लिया। हिरासत में लिए जाने के उपरांत अधिकारियों ने उससे मादक पदार्थ के ठिकाने और आपूर्ति की कड़ियों के संबंध में गहन सवाल पूछे।\n\nखंडहर बने मकान में बाल्टियों के अंदर छिपा था माल\nकड़ी पूछताछ के सम्मुख आरोपी अधिक देर तक सच नहीं छुपा सका और उसने स्वीकार किया कि उसने अपने आवास के निकट मौजूद एक परित्यक्त इमारत को भंडारण के लिए इस्तेमाल किया है। इसके पश्चात पुलिस बल योगिंदर भगत को सीधे उस वीरान मकान में लेकर पहुंचा, जहां बारीकी से तलाशी ली गई। खंडहर परिसर की छानबीन करते हुए टीम को प्लास्टिक की कई बाल्टियां दिखाई दीं, जिनमें नशीला पदार्थ सावधानीपूर्वक बंद करके रखा गया था। जब मौके पर इन बाल्टियों से निकाले गए पदार्थ की तौल कराई गई, तो उसकी कुल माप 1 किलो 600 ग्राम दर्ज की गई।\n\nअदालत में पेशी और 7 दिनों की पुलिस हिरासत की अर्जी\nपर्याप्त साक्ष्य और अवैध खेप हाथ लगने के बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों द्वारा योगिंदर भगत को बुधवार के दिन आसनसोल जिला अदालत के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के समक्ष पेश किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और इस अवैध रैकेट की जड़ों तक पहुंचने के उद्देश्य से जांच एजेंसी अदालत से 7 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग करेगी, ताकि पूछताछ में इस धंधे के वित्तीय और लॉजिस्टिक पहलुओं को उजागर किया जा सके।\n\nपुराना अपराधी और व्यापक नेटवर्क की जांच\nअधिकारियों की जांच में यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि योगिंदर भगत पूर्व में भी आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट सीमा के तहत आने वाले जामुड़िया इलाके में इसी प्रकार के गांजा तस्करी प्रकरण में पकड़ा जा चुका था। अतीत में हुई दंडात्मक कार्रवाई के उपरांत भी उसकी संदिग्ध गतिविधियां थमी नहीं थीं और वह दोबारा इस गैरकानूनी कारोबार में लिप्त पाया गया। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि इस बार माल की आपूर्ति किस अंतरराज्यीय या स्थानीय स्रोत से हुई थी और इसे किन इलाकों के खुदरा खरीदारों तक पहुंचाने की साजिश रची जा रही थी।\n\nपुलिस कमिश्नरेट का सख्त रुख\nमादक पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए पूरे औद्योगिक क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी सेंट्रल ध्रुव दास ने जांच अभियान का ब्योरा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि विभिन्न रणनीतिक बिंदुओं पर निरंतर नाकाबंदी और छापेमारी की जा रही है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया, \"इस पूरे गैंग पर शिकंजा कसने की हमारी पूरी तैयारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।\" पुलिस प्रशासन का मानना है कि रिमांड पर पूछताछ के बाद इस तस्करी तंत्र में लिप्त अन्य सहयोगियों की धरपकड़ भी तेजी से संभव हो सकेगी।\n\nइसका आप पर असर\nनशीले पदार्थों की जब्ती और तस्करों पर कानूनी कार्रवाई से स्थानीय इलाकों में अपराध और नशे के फैलाव पर सीधा प्रभाव पड़ता है।\n\n• पश्चिम बंगाल और रानीगंज में: स्थानीय बस्तियों और आसपास के क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों की खुदरा बिक्री पर रोक लगेगी। अभिभावकों और स्थानीय निवासियों को अपने मोहल्लों में असामाजिक गतिविधियों तथा नशे की लत से राहत मिलेगी।\n• आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र में: पुलिस कमिश्नरेट द्वारा नाकों और संदिग्ध परिसरों की सघन चेकिंग बढ़ाई जाएगी। इसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को विभिन्न जांच चौकियों पर अतिरिक्त पुलिस सत्यापन का सामना करना पड़ सकता है।\n• नागरिक सतर्कता: लावारिस या परित्यक्त मकानों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की आवश्यकता बढ़ गई है। नागरिक अपने मोहल्ले में वीरान पड़ी संपत्तियों की निगरानी रख सकते हैं और संदिग्ध दिखने पर स्थानीय थाने को सूचित कर सकते हैं।\n• कानूनी परिणाम: एनडीपीएस मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले पुराने अपराधियों की निगरानी सख्त होगी। जमानत पर बाहर आए तस्करों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी, जिससे अवैध आपूर्ति नेटवर्क कमजोर होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह घटना रानीगंज क्षेत्र में बाहरी स्रोतों से गांजा मंगवाकर उसे स्थानीय स्तर पर खपाने की योजना और पुलिस की निरंतर निगरानी के चलते सामने आई।\n\n• सटीक खुफिया जानकारी: निमcha पुलिस चौकी को आरोपी द्वारा बाहर से गांजा लाकर अन्य इलाकों में तस्करी करने की गोपनीय सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर त्वरित घेराबंदी करके आरोपी को रंगे हाथों धर दबोचा गया।\n• परित्यक्त स्थल का दुरुपयोग: आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए अपने घर के निकट स्थित खाली पड़े खंडहर मकान को सुरक्षित ठिकाना बनाया था। प्लास्टिक बाल्टियों में माल छिपाकर रखने से वह सामान्य चेकिंग से बच निकलने की ताक में था।\n• आरोपी का आपराधिक इतिहास: पकड़ा गया आरोपी योगिंदर भगत पूर्व में जामुड़िया में भी गांजा तस्करी के आरोप में निरुद्ध हो चुका था। जेल या कानूनी कार्रवाई के बाद भी उसका अवैध आपूर्ति नेटवर्क से संपर्क बना हुआ था।\n• कमिश्नरेट का विशेष अभियान: आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार सघन तलाशी और नाका चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जामुड़िया में कार्रवाई के अगले ही दिन इसी सुनियोजित अभियान के तहत रानीगंज में यह जब्ती संभव हुई।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रानीगंज में पुलिस ने कितना गांजा जब्त किया?\nपुलिस ने छापेमारी के दौरान लगभग 1 लाख रुपये मूल्य का 1 किलो 600 ग्राम गांजा बरामद किया।\n\n2. इस मामले में किस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है?\nपुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में 48 वर्षीय योगिंदर भगत को गिरफ्तार किया है।\n\n3. आरोपी ने गांजा कहां छिपाकर रखा था?\nआरोपी ने गांजा अपने घर के पास स्थित एक परित्यक्त मकान में कई प्लास्टिक की बाल्टियों के अंदर छिपा रखा था।\n\n4. इस छापामारी का नेतृत्व किस अधिकारी ने किया?\nइस कार्रवाई का नेतृत्व निमचा पुलिस चौकी की आईसी एलएसआई नासरीन सुल्ताना ने किया।\n\n5. क्या आरोपी पहले भी ऐसे मामलों में पकड़ा गया है?\nहां, आरोपी योगिंदर भगत पूर्व में भी जामुड़िया इलाके में गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।\n\n6. पुलिस आरोपी के लिए कितने दिनों की रिमांड मांगने जा रही है?\nपुलिस आगे की पूछताछ और नेटवर्क की जांच के लिए आरोपी की 7 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग करेगी।",
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  "publishedAt": "2026-11-04",
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