पश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव में मतदान के बाद विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने हिरासत में लिया रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में वोट डालने के बाद पुलिस प्रशासन पर धांधली के गंभीर आरोप लगाने वाले आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान मतदान के बाद एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने अपने मताधिकार का प्रयोग करने के फौरन बाद पुलिस प्रशासन पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए। मतदान केंद्र से बाहर निकलते ही उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, जिसके कुछ ही देर बाद पुलिस कर्मियों ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया और रेजीनगर थाने ले आई। मतदान प्रक्रिया और पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल मतदान संपन्न करने के तुरंत बाद हुमायूं कबीर ने संवाददाताओं और लोगों के बीच कहा कि चुनाव में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने लगी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मतदान केंद्रों पर खुद पुलिस ही चुनावी प्रक्रिया में बाधा डाल रही है। उनके मुताबिक, भारत के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत पुलिस का बुनियादी दायित्व नागरिकों की हिफाजत और निष्पक्ष सुरक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन इसके विपरीत वही बल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार पहले से बनी हुई है, तब इस तरह की चुनावी गड़बड़ियों को बढ़ावा देने की क्या वजह हो सकती है। पिछले चुनावों और हालिया कार्रवाई का दिया हवाला हुमायूं कबीर ने पुरानी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 23 अप्रैल को संपन्न हुए चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहे थे और उस दौरान किसी भी पक्ष से धांधली का कोई आरोप नहीं लगा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 2 महीनों से पुलिस की तरफ से ज्यादतियां और हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रशासन ने 64 लोगों को हिरासत में लिया है, फिर भी उनकी कार्रवाई थमी नहीं है। उन्होंने पुलिस से पीछे हटने की मांग की, जिसके तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें हिरासत में लेकर रेजीनगर थाने भेज दिया। इसका आप पर असर रेजीनगर उपचुनाव के दौरान प्रमुख राजनीतिक चेहरे की हिरासत से स्थानीय स्तर पर चुनावी माहौल और सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। • पश्चिम बंगाल में: विधानसभा उपचुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर प्रशासनिक निगरानी सख्त हो गई है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और चुनाव आयोग की टीमों के बीच मतदान केंद्रों पर चौकसी बढ़ाई जा सकती है। • रेजीनगर में: विधायक की हिरासत के बाद इलाके के संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहने की संभावना है। स्थानीय मतदाता मतदान केंद्रों पर सुरक्षा नियमों और पुलिस की कड़ी जांच के बीच ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पाएंगे। ऐसा क्यों हुआ रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में मतदान करने के बाद विधायक हुमायूं कबीर द्वारा पुलिस पर बूथ स्तर पर धांधली करने का सार्वजनिक आरोप लगाने के चलते उन्हें हिरासत में लिया गया। • तात्कालिक कारण: मतदान समाप्त करने के तुरंत बाद हुमायूं कबीर ने खुले तौर पर पुलिस पर वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। प्रशासन ने इन बयानों के बाद उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर रेजीनगर थाने भेज दिया। • पृष्ठभूमि और तनाव: कबीर के अनुसार, पिछले 2 महीनों से इलाके में पुलिसिया कार्रवाई तेज थी और 64 लोगों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था। इस लगातार बने तनाव के बीच उनके आक्रामक बयानों ने प्रशासनिक कार्रवाई को गति दी। सवाल-जवाब 1. हुमायूं कबीर किस पार्टी से जुड़े हैं? हुमायूं कबीर आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और विधायक हैं। 2. हुमायूं कबीर को पुलिस ने कहां से हिरासत में लिया? उन्हें पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदान करने के बाद हिरासत में लेकर रेजीनगर थाने लाया गया। 3. हुमायूं कबीर ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए? उन्होंने आरोप लगाया कि कई बूथों पर पुलिस खुद वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रही है और पिछले 2 महीनों से ज्यादतियां कर रही है। 4. हुमायूं कबीर के अनुसार पुलिस ने कितने लोगों को हिरासत में लिया था? कबीर के मुताबिक पुलिस ने पहले ही 64 लोगों को हिरासत में लिया हुआ है। https://trendkia.com/west-bengal/west-bengal-ke-rejinagar-upachunava-men-matadana-ke-bada-vidhayaka-humayun-kabir-ko-pulisa-ne-hirasata-men-liya-43640 TrendKia — Har trend, sabse pehle.