पश्चिम बंगाल के स्कूलों में अब स्कर्ट की जगह फुल ड्रेस पहनने की हिदायत, डेंगू के मामले बढ़ने पर मंत्री ने दी सलाह पश्चिम बंगाल में डेंगू के मामले 4 हजार के पार पहुंचने और 7 मौतों के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर शरदवत मुखर्जी ने स्कूलों से बच्चों को फुल आस्तीन ड्रेस पहनाने की अपील की है। पश्चिम बंगाल में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इसी वजह से राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर शरदवत मुखर्जी ने स्कूलों से बच्चों की ड्रेस को लेकर एक खास अपील की है। उन्होंने कहा कि मच्छर के काटने से डेंगू और मलेरिया फैल रहा है, इसलिए जितना हो सके शरीर को ढककर रखा जाए, ताकि बच्चे मच्छरों के काटने से बच सकें। लड़कों के लिए फुल पैंट-शर्ट, लड़कियों के लिए सलवार सूट डॉक्टर शरदवत मुखर्जी ने स्कूलों के हेडमास्टर्स से आग्रह किया है कि अगले तीन महीनों में बच्चों को स्कूल में पूरी ड्रेस पहनाई जाए, चाहे स्कूल की यूनिफॉर्म कुछ भी हो। उन्होंने साफ कहा कि लड़कियों को स्कर्ट पहनाकर स्कूल न भेजा जाए, बल्कि ऐसी सलवार पहनाई जाए जो पैरों को पूरी तरह ढके रखे। मंत्री ने यह भी बताया कि बहुत से लोग बच्चों को घुटनों तक के मोजे पहनाते हैं, लेकिन इससे पूरी तरह बचाव नहीं होता, क्योंकि ये मोजे पतले होते हैं और त्वचा से चिपक जाते हैं, जिससे मच्छर आसानी से काट सकते हैं। लड़कों के लिए उन्होंने फुल पैंट और फुल आस्तीन की शर्ट पहनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह कदम बहुत जरूरी है और कोशिश की जानी चाहिए कि सितंबर, अक्टूबर और नवंबर, इन तीन महीनों में डेंगू के मामलों को कम किया जा सके। 4 हजार से ज्यादा मामले, अब तक 7 मौतें पश्चिम बंगाल में मॉनसून के मौसम में डेंगू का प्रकोप हर साल गंभीर रूप ले लेता है। 2026 में अब तक राज्य में 4 हजार से अधिक डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। सबसे ज्यादा असर कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में देखने को मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब तक डेंगू से 7 लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की चिंता इसी बात को लेकर है कि आने वाले हफ्तों में मामले और न बढ़ें, इसलिए स्कूलों के स्तर पर बचाव की यह पहल शुरू की गई है। डेंगू के यह लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क • 2 से 7 दिनों तक 101 से 105 डिग्री फारेनहाइट तक तेज बुखार • जी मिचलाना और उल्टी आना • तेज सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द • त्वचा पर चकत्ते पड़ना • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द • प्लेटलेट काउंट में गिरावट • नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव • बेचैनी और सांस लेने में दिक्कत • 24 घंटे में कम से कम 3 बार लगातार उल्टी होना डेंगू से बचने के लिए क्या करें • शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें। • घर में कहीं भी पानी जमा न होने दें, खासकर कूलर, गमले, टायर, टंकी या बाल्टी में, और इन्हें हर हफ्ते साफ करते रहें। • दिन में सोते समय भी मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। • मच्छरों को घर के अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियों पर जाली लगवाएं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन छोटी-छोटी सावधानियों से भी डेंगू के मामलों में बड़ी कमी लाई जा सकती है, बशर्ते स्कूल और अभिभावक दोनों इस अपील को गंभीरता से लें। इसका आप पर असर स्कूल जाने वाले बच्चों की ड्रेस को लेकर यह अपील सीधे-सीधे अभिभावकों और स्कूलों के रोजमर्रा के फैसलों को प्रभावित करती है। • भारत में: मॉनसून के बाद के महीनों में डेंगू-मलेरिया का खतरा देश के कई हिस्सों में बढ़ता है। अभिभावक चाहें तो अपने बच्चों को भी फुल स्लीव कपड़े और मच्छरदानी जैसी सावधानियां अपनाकर बचाव कर सकते हैं। • पश्चिम बंगाल में: राज्य के स्कूलों को अगले तीन महीने, यानी सितंबर से नवंबर तक, बच्चों की यूनिफॉर्म में बदलाव करना होगा। लड़कियों को स्कर्ट की जगह पैर ढकने वाली सलवार और लड़कों को फुल पैंट-शर्ट पहननी होगी। • सेहत पर असर: कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद में रहने वाले परिवारों को ज्यादा सतर्क रहना होगा, क्योंकि यहां मामले सबसे अधिक हैं। बुखार, चकत्ते या प्लेटलेट गिरने जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। • घर में एहतियात: कूलर, गमले, टायर और बाल्टी में जमा पानी हर हफ्ते साफ करना होगा। यह एक छोटा लेकिन जरूरी काम है जिसे टाला नहीं जाना चाहिए। सवाल-जवाब 1. पश्चिम बंगाल में अब तक डेंगू के कितने मामले सामने आए हैं? 2026 में अब तक राज्य में 4 हजार से अधिक डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। 2. डेंगू से अब तक कितनी मौतें हुई हैं? आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में डेंगू से अब तक 7 लोगों की मौत दर्ज की गई है। 3. स्वास्थ्य मंत्री ने स्कूलों से क्या अपील की है? डॉक्टर शरदवत मुखर्जी ने कहा है कि लड़कों को फुल पैंट-शर्ट और लड़कियों को स्कर्ट की जगह पैर ढकने वाली सलवार पहनाकर स्कूल भेजा जाए। 4. यह अपील कितने महीनों के लिए है? यह अपील सितंबर, अक्टूबर और नवंबर, इन तीन महीनों के लिए की गई है। 5. डेंगू का सबसे ज्यादा असर किन इलाकों में देखा गया है? कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में डेंगू का सबसे अधिक प्रकोप देखा गया है। 6. घुटनों तक के मोजे पहनने से बचाव क्यों नहीं होता? स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक ये मोजे पतले होते हैं और त्वचा से चिपक जाते हैं, जिससे मच्छर आसानी से काट सकते हैं। https://trendkia.com/west-bengal/west-bengal-ke-skulon-men-aba-skarta-ki-jagaha-phula-dresa-pahanane-ki-hidayata-dengu-ke-mamale-barhane-para-mntri-ne-di-salaha-28317 TrendKia — Har trend, sabse pehle.