पश्चिम बंगाल में कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक सड़क पर उतरने की तैयारी में नितिन नबीन, जानिए क्या है बीजेपी की योजना कोलकाता में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक होने वाले पैदल मार्च के जरिए बीजेपी कई राजनीतिक लक्ष्यों को साधने की रणनीति बना रही है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कॉलेज स्ट्रीट से शुरू होकर धर्मतला तक निकलने वाली विशाल पदयात्रा के जरिए बीजेपी राज्य की सियासत में अपनी मौजूदगी को और आक्रामक रूप देने जा रही है। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की तरफ से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लगातार बोले जा रहे हमलों के जवाब में पार्टी अब सीधे जमीन पर उतरने का मन बना चुकी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को इस बड़े मार्च का नेतृत्व करेंगे। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' नाम से शुरू किए गए इस आंदोलन को महज एक दिन का प्रदर्शन न मानकर राज्य में पार्टी के बहुस्तरीय सियासी दांव के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी दलों के वोट चोरी वाले दावों का सीधा जवाब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में हाल ही में विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' ने एक विशाल रैली का आयोजन किया था। उस मंच से विपक्षी नेताओं ने मुख्य रूप से 'वोट चोरी' का नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की और चुनाव आयोग के साथ-साथ केंद्र सरकार की निष्पक्षता पर तीखे सवाल खड़े किए। अब कोलकाता की सड़कों पर पदयात्रा निकालकर बीजेपी इसी नैरेटिव की काट तैयार कर रही है। पार्टी नेतृत्व का इरादा यह साफ संदेश देना है कि विरोधियों के आरोपों का जवाब बंद कमरों या बयानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनता के बीच जाकर उनका पक्ष पूरी मजबूती से रखा जाएगा। इस कदम के बाद दोनों गठबंधनों के बीच की खींचतान अब सीधे सड़कों के शक्ति प्रदर्शन में तब्दील होती दिख रही है। मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR विवाद पर अपनी बात पश्चिम बंगाल की राजनीति में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर पहले से ही भारी राजनीतिक तनाव बना हुआ है। विपक्षी खेमे का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया की आड़ में मतदाताओं के नाम जानबूझकर काटे जा सकते हैं, जिससे कई तरह की आशंकाएं खड़ी की जा रही हैं। इसके विपरीत बीजेपी का मानना है कि विपक्ष इस संवेदनशील मामले में भ्रामक प्रचार कर रहा है और लोगों को डराने की कोशिश में जुटा है। धर्मतला तक जाने वाली इस पदयात्रा का एक प्रमुख मकसद आम लोगों के बीच जाकर SIR प्रक्रिया पर पार्टी का नजरिया स्पष्ट करना और विपक्षी दावों को बेअसर करना है। पूरे बंगाल में 800 जगहों पर कार्यक्रमों का विस्तृत खाका इस बड़े आंदोलन को केवल कोलकाता की सड़कों या कॉलेज स्ट्रीट तक सीमित रखने का कोई इरादा नहीं है। संगठन ने पूरे पश्चिम बंगाल को पांच अलग-अलग संगठनात्मक क्षेत्रों में बांटकर हर क्षेत्र में आक्रामक अभियान चलाने की योजना तैयार की है। तय रणनीति के मुताबिक अगले चरण में 11 नवंबर से लेकर 30 नवंबर के बीच राज्य के करीब 800 विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस सघन कार्यक्रम के जरिए निचले स्तर तक बैठे कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और दूरदराज के क्षेत्रों में संगठन का मनोबल ऊंचा करना पार्टी का मुख्य लक्ष्य है। कोलकाता और हावड़ा के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर नजर इस पदयात्रा का एक अन्य जमीनी पहलू कोलकाता और हावड़ा में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव भी हैं। शहरी मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बढ़ाने और वार्ड स्तर की चुनावी मशीनरी को सक्रिय करने के लिए पार्टी को एक बड़े राजनीतिक अभियान की सख्त जरूरत थी। नितिन नबीन की सीधी मौजूदगी और कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक का यह मार्च स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने का जरिया बनेगा। शहरी इलाकों में नागरिक मुद्दों और कानून व्यवस्था की स्थिति को केंद्र में रखकर पार्टी निकाय चुनावों की तैयारियों को गति दे रही है। केंद्रीय संगठन और राज्य इकाई के बीच तालमेल का संदेश इस पूरे आयोजन का सबसे अहम संगठनात्मक पहलू शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश के नेताओं की एकजुटता है। इस पदयात्रा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की मौजूदगी भी तय की गई है। जब राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद राज्य की सड़कों पर पैदल चलते हैं, तो इससे स्थानीय कार्यकर्ताओं को यह सीधा भरोसा मिलता है कि केंद्रीय नेतृत्व पश्चिम बंगाल की राजनीति को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। सुवेंदु अधिकारी और समिक भट्टाचार्य की संयुक्त मौजूदगी से प्रदेश नेतृत्व के बीच आपसी तालमेल का स्पष्ट प्रदर्शन भी होगा, जिससे पूरी पार्टी एक ही लक्ष्य के साथ जमीन पर एकजुट नजर आएगी। इसका आप पर असर इस पदयात्रा और आगामी राज्यव्यापी कार्यक्रमों से आम जनता और मतदाताओं पर कई प्रत्यक्ष और संगठनात्मक प्रभाव पड़ेंगे। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' और सत्तारूढ़ दल के बीच चुनाव आयोग और मतदान प्रक्रियाओं को लेकर खींचतान और तीखी होगी। इससे चुनावी सुधारों और मतदाता सूची की शुचिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जनसंवाद बढ़ेगा। • पश्चिम बंगाल में: राज्य के आम मतदाताओं को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया से जुड़े नियमों और दावों को समझने का मौका मिलेगा। 11 से 30 नवंबर के दौरान राज्यभर में होने वाले 800 कार्यक्रमों के चलते कई इलाकों में राजनीतिक हलचल और यातायात संबंधी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। • कोलकाता और हावड़ा में: आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले स्थानीय नागरिक मुद्दों और राजनीतिक अभियानों में तेजी आएगी। दोनों शहरों के वार्ड स्तर के मतदाताओं के बीच राजनीतिक दलों का सीधा संपर्क और संवाद बढ़ेगा। • पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए: बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं को शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी से संगठनात्मक दिशा मिलेगी। आगामी महीनों के लिए विभिन्न जिलों में पार्टी की जमीनी सक्रियता में वृद्धि होगी। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक पदयात्रा विपक्षी हमलों का मुकाबला करने और राज्य में पार्टी की चुनावी मशीनरी को फिर से व्यवस्थित करने की जरूरत से प्रेरित है। • विपक्ष की रामलीला मैदान रैली: विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी सभा करके वोट चोरी के आरोप लगाए थे। इस दबाव का मुकाबला करने के लिए सीधे सड़क पर उतरकर जनसंवाद स्थापित करना जरूरी समझा गया। • SIR प्रक्रिया पर गहराता विवाद: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भ्रम और राजनीतिक आरोप फैल रहे थे। पार्टी नेतृत्व ने महसूस किया कि इस प्रक्रिया के तकनीकी पहलुओं और पारदर्शिता को सीधे आम लोगों के बीच स्पष्ट करना आवश्यक है। • संगठनात्मक सक्रियता का दायरा बढ़ाना: राज्य इकाई को आने वाले बड़े चुनावों से पहले सक्रिय करने के लिए केवल कोलकाता तक सीमित न रहकर 800 स्थानों पर पहुंचने की ठोस रणनीति बनाई गई है। इससे स्थानीय इकाइयों में आपसी सामंजस्य को गति मिलेगी। सवाल-जवाब 1. कोलकाता में पदयात्रा का नेतृत्व कौन कर रहा है? बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। 2. यह पदयात्रा कोलकाता में कहां से शुरू होकर कहां तक जाएगी? यह पदयात्रा कोलकाता के प्रसिद्ध कॉलेज स्ट्रीट से शुरू होकर धर्मतला तक जाएगी। 3. इस अभियान का मुख्य नारा या नाम क्या रखा गया है? इस अभियान का नाम 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रखा गया है। 4. पदयात्रा में नितिन नबीन के अलावा और कौन से प्रमुख नेता शामिल रहेंगे? कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य मौजूद रहेंगे। 5. बंगाल में आगामी दिनों में कितने स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है? पार्टी की तैयारी 11 से 30 नवंबर के बीच राज्य के करीब 800 स्थानों पर कार्यक्रम करने की है। 6. इस पदयात्रा का किन स्थानीय निकाय चुनावों से संबंध देखा जा रहा है? इस पदयात्रा को कोलकाता और हावड़ा के आगामी नगर निकाय चुनावों की संगठनात्मक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। https://trendkia.com/west-bengal/west-bengal-men-college-street-se-dharmatala-taka-saraka-para-utarane-ki-taiyari-men-nitin-nabin-janie-kya-hai-bjp-ki-yojana-54791 TrendKia — Har trend, sabse pehle.