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  "title": "पश्चिम बंगाल दिवालिया होने की कगार पर, पूर्ववर्ती प्रशासन के कुप्रबंधन पर बरसे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी",
  "summary": "पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि पिछली सरकारों के वित्तीय कुप्रबंधन की वजह से राज्य की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और इसे उबरने में लगभग एक साल का समय लगेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में बाल विवाह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।",
  "content": "पश्चिम बंगाल की आर्थिक बदहाली को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के खराब वित्तीय प्रबंधन के कारण पश्चिम बंगाल व्यावहारिक रूप से दिवालिया स्थिति में पहुंच चुका है। राज्य सचिवालय 'नबान्न' में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस गंभीर वित्तीय संकट से पूरी तरह उबरने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में अभी कम से कम एक साल का वक्त लगेगा।\n\n \n\nकेंद्रीय योजनाओं से जुड़ा राज्य\n वृद्धावस्था पेंशन की बढ़ी हुई राशि लाभार्थियों को वितरित करने के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद बंगाल को तमाम केंद्रीय योजनाओं का पूरा फायदा मिलना शुरू हो गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र से मिलने वाला धन लगातार आ रहा है और आगे भी सुचारू रूप से आता रहेगा। इस दौरान वृद्धावस्था पेंशन की राशि को प्रति लाभार्थी 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।\n\n \n\nराजस्व का नुकसान और वित्तीय अनुशासन\n पूर्ववर्ती प्रशासनों पर हमला बोलते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हुआ, चोरी हुई और केंद्रीय योजनाओं से दूरी बनाए रखी गई, जिसके चलते सूबे की तिजोरी खाली हो गई। हालांकि, मौजूदा सरकार के वित्तीय अनुशासन की तारीफ करते हुए उन्होंने दावा किया कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोष को लगभग 18 प्रतिशत अधिक राजस्व की प्राप्ति होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि राजस्व की लीकेज और चोरी पर पूरी तरह लगाम कस ली जाए, तो राज्य की आमदनी में और भी अधिक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।\n\n \n\nबाल विवाह के खिलाफ कड़ा रुख\n आर्थिक स्थिति के अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य में बाल विवाह के बढ़ते मामलों पर भी गहरी चिंता जताई और प्रशासन को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान पश्चिम बंगाल बाल विवाह के मामलों में शीर्ष पर पहुंच गया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में लगभग 60 हजार किशोरियों के गर्भवती होने के मामले सामने आए हैं, जो कि एक डरावना आंकड़ा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राज्य में इतनी अधिक संख्या में अपराधियों को रखने के लिए जेलें भी कम पड़ जाएंगी।\n\n \n\nमुर्शिदाबाद बना सबसे बड़ा केंद्र\n बाल विवाह के मामलों पर बोलते हुए शुभेंदु अधिकारी ने विशेष रूप से मुर्शिदाबाद जिले का जिक्र किया और कहा कि यह क्षेत्र बाल विवाह के मामलों में सबसे आगे है। पिछले 6 महीनों के भीतर ही यहां 12 हजार बाल विवाह होने की बात सामने आई है। सरकार ने तय किया है कि ऐसे मामलों में शामिल आरोपियों और शादियां करवाने वाले बिचौलियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। इसके अलावा, बाल विवाह के आरोपी पतियों को कानूनी नोटिस थमाए जाएंगे। ऐसे लोगों को सरकार की तरफ से मिलने वाले किसी भी प्रकार के सामाजिक लाभ और भत्ते नहीं दिए जाएंगे।\n\nइसका आप पर असर\nपश्चिम बंगाल की वित्तीय स्थिति और सरकार के नए फैसलों का सीधा असर राज्य के आम नागरिकों, पेंशनभोगियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ेगा।\n\n• भारत में: केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अब पश्चिम बंगाल के पात्र नागरिकों तक बिना किसी रुकावट के पहुंचेगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर कल्याणकारी योजनाओं का दायरा मजबूत होगा।\n\n• पश्चिम बंगाल में: वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले बुजुर्गों को अब प्रति माह 1,000 रुपये के बजाय 1,500 रुपये मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी होगी।\n\n• कानूनी कार्रवाई: बाल विवाह में शामिल पाए जाने वाले लोगों और पतियों को कानूनी नोटिस तथा गिरफ्तारी का सामना करना पड़ेगा, साथ ही उन्हें सरकारी भत्तों व लाभों से वंचित किया जाएगा।\n\n• मुर्शिदाबाद और अन्य जिले: बाल विवाह के खिलाफ चल रहे विशेष अभियानों के कारण स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन की सख्ती में भारी इजाफा देखने को मिलेगा।\n\n• वित्तीय सुधार: राज्य सरकार द्वारा राजस्व बढ़ाने के उपायों से दीर्घकालिक विकास कार्यों के लिए बजट आवंटन में सुधार होने की संभावना है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पश्चिम बंगाल की वित्तीय स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या दावा किया है?\nमुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि पूर्ववर्ती सरकारों के कुप्रबंधन के कारण राज्य व्यावहारिक रूप से दिवालिया हो गया है और इससे उबरने में कम से कम एक साल लगेगा।\n\n2. वृद्धावस्था पेंशन की राशि कितनी बढ़ा दी गई है?\nवृद्धावस्था पेंशन की राशि 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह कर दी गई है।\n\n3. बाल विवाह के मामले में कौन सा जिला सबसे ऊपर है?\nमुर्शिदाबाद जिला बाल विवाह के मामलों में सबसे ऊपर है, जहां पिछले 6 महीनों में 12 हजार बाल विवाह हुए हैं।\n\n4. बाल विवाह करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?\nबाल विवाह के आरोपियों और शादी कराने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा, पतियों को नोटिस दिए जाएंगे और उन्हें सरकारी सामाजिक लाभ तथा भत्ते नहीं मिलेंगे।\n\n5. चालू वित्त वर्ष में राजस्व को लेकर क्या उम्मीद जताई गई है?\nसरकार का दावा है कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में चालू वित्त वर्ष में लगभग 18 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त होगा।",
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  "category": "पश्चिम बंगाल",
  "publishedAt": "2026-09-07",
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    "पश्चिम बंगाल",
    "शुभेंदु अधिकारी",
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