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  "title": "पश्चिम बंगाल उपचुनाव में रेजिनगर सीट से आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार बने गुलाम नबी आज़ाद, बहरामपुर में भरा पर्चा",
  "summary": "पश्चिम बंगाल की रेजिनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आज़ाद उर्फ रॉबिन ने आधिकारिक रूप से नामांकन दाखिल कर दिया है। 6 अक्टूबर को होने वाली वोटिंग से पहले सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है।",
  "content": "पश्चिम बंगाल की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो चुकी हैं। मुर्शिदाबाद जिले की रेजिनगर विधानसभा सीट पर आम जनता उन्नयन पार्टी ने पार्टी चेयरमैन हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आज़ाद उर्फ रॉबिन को अपना उम्मीदवार बनाया है। गुलाम नबी आज़ाद ने बहरामपुर स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय में दोपहर के समय अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके पिता और पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर खुद मौके पर मौजूद रहे और बेटे के चुनावी मैदान में उतरने पर प्रसन्नता जताई।\n\nरेजिनगर सीट पर चुनावी सरगर्मी और नामांकन प्रक्रिया\nरेजिनगर विधानसभा सीट पर होने वाले इस उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान समर्थकों में काफी उत्साह देखा गया। गुलाम नबी आज़ाद के नामांकन के समय हुमायूं कबीर की मौजूदगी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा है। यह सीट हुमायूं कबीर द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद खाली हुई थी। आम जनता उन्नयन पार्टी इस सीट पर अपना कब्ज़ा बरकरार रखने के उद्देश्य से पूरी ताकत झोंक रही है और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान तेज़ कर दिया है।\n\nउपचुनाव का पूरा कार्यक्रम और मुख्य तिथियां\nनिर्वाचन आयोग द्वारा जारी चुनावी कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल की रेजिनगर और नंदीग्राम दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। वोटों की गिनती और परिणामों की घोषणा 9 अक्टूबर को होगी। नामांकन प्रक्रिया के तहत प्रत्याशी 16 सितंबर तक अपने पर्चे दाखिल कर सकेंगे। दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को की जाएगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 19 सितंबर तय की गई है। इस तय समय सारणी के साथ ही दोनों क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं।\n\nराजनीतिक पृष्ठभूमि और सीटों के खाली होने की वजह\nराज्य में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की थी, जबकि रेजिनगर सीट पर हुमायूं कबीर की पार्टी को सफलता मिली थी। इसके बाद राजनीतिक समीकरणों के तहत नंदीग्राम से विधायक चुने गए शुभेंदु अधिकारी ने उस सीट से त्यागपत्र दे दिया और कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट को बरकरार रखा। वहीं दूसरी ओर रेजिनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई थी, जिसके बाद अब इन दोनों सीटों पर एक साथ उपचुनाव कराए जा रहे हैं।\n\nदुर्गा पूजा से पहले मतदान पर कांग्रेस का रुख\nचुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही प्रमुख विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। प्रदेश कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी की मंशा थी कि उपचुनाव दुर्गा पूजा के त्योहार के बाद कराए जाते तो सभी के लिए बेहतर होता। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मौजूदा सरकार विपक्ष को तैयारी का पर्याप्त समय न देने की मंशा रखती है। हालांकि आयोग के इस फैसले से प्रशासनिक और चुनावी तैयारियां कठिन होंगी, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने रेजिनगर सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है और जल्द ही अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी।\n\nइसका आप पर असर\nपश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव का सीधा असर स्थानीय मतदाताओं और राज्य के राजनीतिक संतुलन पर पड़ेगा।\n\n• भारत में: पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनाव राज्य स्तर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रभाव और चुनावी तैयारियों का नया संकेत देंगे। इससे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गोलबंदी और क्षेत्रीय गठबंधनों के रुझान का भी आकलन किया जा सकेगा।\n• पश्चिम बंगाल में: रेजिनगर और नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्रों के नागरिकों को 6 अक्टूबर को मतदान कर अपने नए विधायक चुनने का मौका मिलेगा। 9 अक्टूबर को नतीजे आने के बाद दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों और स्थानीय मुद्दों के समाधान की प्रक्रिया दोबारा तेज़ होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nपश्चिम बंगाल में रेजिनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव इसलिए कराए जा रहे हैं क्योंकि पिछले चुनाव में जीते विधायकों ने अपनी सीटें खाली कर दी थीं।\n\n• सीटों का खाली होना: रेजिनगर विधानसभा सीट पार्टी चेयरमैन हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके चलते यहां नया प्रतिनिधि चुनना आवश्यक हो गया।\n• नंदीग्राम का समीकरण: नंदीग्राम सीट से चुनाव जीतने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता की भवानीपुर सीट को बरकरार रखने का फैसला किया और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया।\n• निर्वाचन आयोग की समयसारणी: नियमानुसार सीट खाली होने के बाद तय समय सीमा के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य होता है, इसलिए निर्वाचन आयोग ने 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना की तारीख निर्धारित की है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रेजिनगर सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान किस तारीख को होगा?\nरेजिनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे।\n\n2. रेजिनगर सीट से आम जनता उन्नयन पार्टी का उम्मीदवार कौन है?\nआम जनता उन्नयन पार्टी के चेयरमैन हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आज़ाद उर्फ रॉबिन रेजिनगर सीट से उम्मीदवार हैं।\n\n3. उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि क्या है?\nउपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर रखी गई है, जबकि पर्चों की जांच 17 सितंबर को होगी।\n\n4. नंदीग्राम विधानसभा सीट क्यों खाली हुई थी?\nनंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी द्वारा कोलकाता की भवानीपुर सीट बरकरार रखने और नंदीग्राम से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई थी।\n\n5. कांग्रेस पार्टी ने उपचुनाव की तारीखों पर क्या प्रतिक्रिया दी?\nकांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि चुनाव दुर्गा पूजा के बाद कराए जाते तो बेहतर होता, लेकिन पार्टी रेजिनगर सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगी।",
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  "category": "पश्चिम बंगाल",
  "publishedAt": "2026-09-09",
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