# अमेरिका पर मंडराया महाभूकंप का खतरा, वैज्ञानिकों ने दी बड़ी चेतावनी

> वैज्ञानिकों का मानना है कि सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो फॉल्ट्स पर पिछले 1,000 सालों में सबसे अधिक तनाव पैदा हो चुका है, जिससे एक बड़ा विनाशकारी भूकंप आ सकता है।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-06-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/america-para-mndaraya-mahabhuknpa-ka-khatara-vaijnanikon-ne-di-bari-chetavani-2022 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिका भूकंप, सैन एंड्रियास फॉल्ट, सैन जैसिंटो, काजोन पास, भूकंप की चेतावनी, टेक्टोनिक प्लेट्स

## सोया हुआ दानव: बड़े भूकंप की दस्तक
अमेरिका में कभी भी एक बेहद विनाशकारी महाभूकंप दस्तक दे सकता है। वैज्ञानिकों की मानें तो यह भूकंप पहले लगाए गए अनुमानों की तुलना में कहीं अधिक बड़े क्षेत्र में तबाही मचा सकता है। TrendKia की एक रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी में पाया है कि सैन एंड्रियास फ़ॉल्ट का दक्षिणी हिस्सा और उससे सटा सैन जैसिंटो फ़ॉल्ट लाइन का भाग पिछले 1,000 वर्षों के अपने सबसे उच्चतम तनाव स्तर पर पहुंच चुका है। इसी वजह से यहां एक भीषण भूकंप आने का खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन दोनों फ़ॉल्ट ज़ोन में से किसी एक में भी जोरदार हलचल होती है, तो यह भूकंपीय ऊर्जा एक "अर्थक्वेक गेट" यानी भूकंप का दरवाज़ा के ज़रिए बगल की फ़ॉल्ट लाइन तक पहुंच सकती है। इसके कारण लॉस एंजिल्स के उत्तरी हिस्से से लेकर सैन बर्नार्डिनो, रिवरसाइड और कोचेला वैली तक एक साथ भीषण तबाही मच सकती है।

सैन डिएगो स्टेट यूनिवर्सिटी के जियोलॉजिस्ट मैथ्यू वेनगार्टन, जो इस रिसर्च टीम का हिस्सा नहीं थे, ने इस स्थिति पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग फ़ॉल्ट के 'ओवरड्यू' यानी समय बीत जाने की बात करते हैं, लेकिन भौतिक विज्ञान के मॉडल्स पर आधारित यह अनुमान देखना बेहद गंभीर है कि यह पूरा सिस्टम पिछले 1,000 साल के सबसे ऊंचे तनाव स्तर पर आ गया है।

## भूकंप आने की वैज्ञानिक वजह
वैज्ञानिक दृष्टि से भूकंप तब आते हैं जब पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत यानी क्रस्ट में मौजूद किसी दरार या फ़ॉल्ट पर चट्टानें एक-दूसरे के विपरीत खिसकती हैं। इस अचानक होने वाली हलचल से सदियों से जमा ऊर्जा एक झटके में बाहर निकलती है। टेक्टोनिक ताकतों के चलते क्रस्ट में लगातार तनाव बनता रहता है, लेकिन फ़ॉल्ट के कुछ हिस्से आपस में लॉक हो जाते हैं, जिससे वे आसानी से खिसक नहीं पाते और ऊर्जा का दबाव बढ़ता रहता है。

## कैसे जमा हो रहा है भयानक तनाव?
लॉस एंजिल्स शहर के मुख्य केंद्र से लगभग 60 मील उत्तर-पूर्व में, सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो फ़ॉल्ट सिस्टम पर एक शताब्दी से भी अधिक समय से यह तनाव जमा हो रहा है। ये दोनों दरारें मुख्य रूप से पैसिफिक और नॉर्थ अमेरिकन टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन स्थल पर स्थित हैं। ये प्लेटें हर साल कुछ सेंटीमीटर की रफ्तार से एक-दूसरे के ऊपर खिसकती हैं, लेकिन इनके कुछ ज़ोन पूरी तरह लॉक हैं। इसका नतीजा यह है कि इन हिस्सों में खिंचाव किसी कसकर लिपटे हुए स्प्रिंग की तरह बढ़ रहा है, जिसे हिलने की बिल्कुल जगह न मिल रही हो।

## क्या है "अर्थक्वेक गेट" या भूकंप का दरवाज़ा?
पिछले अध्ययनों से यह बात सामने आ चुकी है कि आने वाले दशकों में सैन एंड्रियास फ़ॉल्ट के दक्षिणी हिस्से में 6.7 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आने की आशंका 50 प्रतिशत से ज्यादा है। लेकिन सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो फ़ॉल्ट सिस्टम 'काजोन पास' नामक जगह पर एक-दूसरे से जुड़ते हैं। शोधकर्ता इस क्षेत्र को "अर्थक्वेक गेट" कहते हैं। यह जंक्शन दोनों फ़ॉल्ट के बीच बड़ी दरारों को आगे बढ़ने से रोक भी सकता है और उन्हें बढ़ावा भी दे सकता है।

इतिहास में साल 1812 में 7.5 तीव्रता का राइटवुड भूकंप आया था। शोधकर्ताओं का मानना है कि उस समय भूकंप का असर इसी काजोन पास से होकर गुज़रा था, जिससे सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो दोनों फ़ॉल्ट सिस्टम सक्रिय हो गए थे और इस हादसे में 40 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

## वैज्ञानिकों की बड़ी चेतावनी
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि आज के समय में काजोन पास से होकर कोई भूकंप गुज़रता है, तो उसके परिणाम बेहद डरावने और व्यापक होंगे। इससे कई शहरों के भीतर से गुज़रने वाले बड़े हाईवे, रेलवे नेटवर्क और एनर्जी कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचेगा।

स्विट्ज़रलैंड की बर्न यूनिवर्सिटी में जियोफिज़िसिस्ट और इस स्टडी की मुख्य लेखिका लिलियान बुरखार्ड के मुताबिक, काजोन पास से होकर गुज़रने वाले इस साझा रप्चर की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 7.4 से 7.8 मैग्नीट्यूड तक हो सकती है। यह आपदा किसी एक फ़ॉल्ट में आने वाले भूकंप की तुलना में कहीं अधिक बड़े इलाके को अपनी चपेट में लेगी।

## 1,000 साल के इतिहास का विश्लेषण
भूकंपीय तरंगें काजोन पास से किस तरह गुज़रती हैं, इसे समझने के लिए वैज्ञानिकों ने दोनों फ़ॉल्ट्स पर पिछले 1,000 वर्षों की गतिविधियों का विश्लेषण किया। उन्होंने देखा कि इस दौरान तनाव कैसे बढ़ा और कैसे शांत हुआ। शोध में पाया गया कि भूकंप इस जंक्शन को तभी पार कर पाया जब इसके दोनों तरफ तनाव का स्तर बेहद ऊंचा और लगभग बराबर था। लिलियान बुरखार्ड का कहना है कि आज हम फिर से बिल्कुल उसी खतरनाक स्थिति की तरफ बढ़ रहे हैं।

कंप्यूटर सिमुलेशन के आंकड़ों से पता चला है कि सैन जैसिंटो बर्नार्डिनो सेगमेंट में पिछले 1,000 वर्षों का सबसे रिकॉर्ड स्तर का तनाव यानी 3.6 मेगापास्कल दर्ज हुआ है। यह आंकड़ा करीब 50 साल पहले के पिछले रिकॉर्ड से भी कहीं ज्यादा है। वहीं दूसरी तरफ, सैन एंड्रियास के मोजावे साउथ सेगमेंट में 2.8 मेगापास्कल तनाव मापा गया है, जो एक दशक पहले के इसके अपने उच्चतम स्तर से भी अधिक है।

पहले की रिसर्च में यह देखा गया था कि जब इन दोनों हिस्सों के बीच तनाव का अंतर केवल 0.3 मेगापास्कल था, तब दरारें आसानी से काजोन पास को पार कर गई थीं। बुरखार्ड ने बताया कि वर्तमान में यह अंतर 0.8 मेगापास्कल तक पहुंच गया है। उन्होंने इस शोध का एक बड़ा हिस्सा हवाई यूनिवर्सिटी एट मानोआ में पूरा किया है।

## बचाव और तैयारियों की ज़रूरत
सैन एंड्रियास फ़ॉल्ट पर भूकंप के तनाव का मॉडल तैयार करने वाले रिसर्च ग्रुप के सदस्य मैथ्यू वेनगार्टन ने समझाया कि असल मुद्दा सिर्फ तनाव बढ़ने का नहीं है, बल्कि इस जंक्शन पर तनाव का जो संतुलन है, वह तय करेगा कि अगला भूकंप किसी एक सीमित इलाके तक रहेगा या फिर एक बहुत बड़ी तबाही का रूप ले लेगा।

लिलियान बुरखार्ड ने सलाह दी है कि इस नए शोध का उद्देश्य लोगों में डर फैलाना नहीं है, बल्कि उन्हें सचेत करना है। शहर के प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं को इस खतरे को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए। सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो फ़ॉल्ट पर एक साथ दरारें पड़ने की इस आशंका को केवल एक काल्पनिक घटना मानकर टालना भारी भूल साबित हो सकता है। दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया पर भूकंप का एक बड़ा और लगातार बढ़ता हुआ खतरा मंडरा रहा है, इसलिए तैयारी करने का सबसे सही समय अभी है, भूकंप आने के बाद नहीं।

## इसका आप पर असर
- **वैश्विक आर्थिक प्रभाव:** यदि इस क्षेत्र में कोई भीषण भूकंप आता है, तो वैश्विक तकनीकी आपूर्ति और वित्तीय बाजारों पर इसका गहरा असर पड़ सकता है, जिससे दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होंगी।
- **सुरक्षा और जागरूकता:** यह रिपोर्ट दुनिया भर के नीति निर्माताओं और आम नागरिकों को चेतावनी देती है कि आपदा प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

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