अमेरिका से टॉमहॉक मिसाइल परीक्षण पर भड़का उत्तर कोरिया, किम यो जोंग ने जापान को दी चेतावनी जापान द्वारा अमेरिका से खरीदी गई टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण करने के बाद उत्तर कोरिया ने सख्त आपत्ति जताई है। किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने चेतावनी दी है कि सैन्य ताकत बढ़ाने का सिलसिला जारी रखने पर टोक्यो को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। टोक्यो द्वारा अपनी रक्षा नीति में किए जा रहे व्यापक बदलावों और अमेरिका से हासिल की गई लंबी दूरी की टॉमहॉक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद पूर्वी एशिया में कूटनीतिक और सैन्य तनाव बढ़ गया है। उत्तर कोरिया ने जापान के बढ़ते सैन्य आधुनिकीकरण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्योंगयांग ने टोक्यो को सीधी चेतावनी दी है कि यदि उसने अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार जारी रखा, तो उसे इसके गंभीर सुरक्षा दुष्परिणाम भुगतने होंगे। जापान की नई रक्षा नीति और अमेरिका से मिसाइल सौदा जापान में पिछले साल प्रधानमंत्री का पद संभालने वाली सनाए ताकाइची की सरकार ने देश के पारंपरिक रक्षा ढांचे में कई बड़े और रणनीतिक परिवर्तन किए हैं। टोक्यो ने अपनी सुरक्षा प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए वार्षिक रक्षा बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है, सैन्य उपकरणों के निर्यात से संबंधित कठोर नियमों को शिथिल किया है और अमेरिका सहित अन्य सहयोगी राष्ट्रों के साथ अपने सुरक्षा संबंधों को अधिक मजबूत बनाया है। इसके साथ ही, अपने समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जापान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाहरी द्वीपों पर आधुनिक मिसाइल लॉन्चरों की तैनाती की है। अपनी नई रक्षा रणनीति के तहत जापान ने हाल ही में एक युद्धपोत से टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण संपन्न किया। दोनों देशों के बीच हुए एक प्रमुख सुरक्षा समझौते के तहत जापान 2028 तक अमेरिका से कुल 400 टॉमहॉक मिसाइलें प्राप्त करेगा। इसके अतिरिक्त, जापानी सरकार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तैयार किए गए संविधान के अनुच्छेद 9 में संशोधन की दिशा में भी विचार कर रही है। यह ऐतिहासिक प्रावधान जापान को किसी भी युद्ध से दूर रहने और अपनी सैन्य शक्ति के सीमित उपयोग की प्रतिबद्धता में बांधता रहा है। उत्तर कोरिया का विरोध और किम यो जोंग के आरोप जापान की इन नई सैन्य पहलों पर उत्तर कोरिया की ओर से अत्यंत आक्रामक प्रतिक्रिया आई है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने टोक्यो पर आरोप लगाया है कि वह अमेरिकी समर्थन के बल पर धीरे-धीरे एक युद्ध करने वाले देश का रूप धारण कर रहा है। उन्होंने कहा कि जापान अब अपने शांतिवादी संविधान के मूल सिद्धांतों और उसकी भावना से भटकता हुआ प्रतीत हो रहा है। उत्तर कोरियाई अधिकारियों का तर्क है कि अमेरिका निर्मित टॉमहॉक मिसाइलों की उपस्थिति उनके देश की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है, क्योंकि इन मिसाइलों की मारक क्षमता उत्तर कोरियाई क्षेत्र तक आसानी से पहुंच सकती है। किम यो जोंग ने यह भी दावा किया कि टोक्यो अब पहले हमला करने की क्षमता विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि उत्तर कोरिया ऐसे जवाबी कदम उठाएगा, जिनसे जापान को अपनी सुरक्षा पहले से कहीं अधिक खतरे में महसूस होगी। क्षेत्रीय सुरक्षा का समीकरण और विशेषज्ञों का आकलन सामरिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि उत्तर कोरिया, जापान के इस सैन्य आधुनिकीकरण को अपने हथियार विकास कार्यक्रमों को उचित ठहराने के लिए एक बड़े आधार के रूप में पेश कर रहा है। प्योंगयांग टोक्यो की रक्षा तैयारियों को क्षेत्रीय खतरे के रूप में प्रस्तुत करके अपने मिसाइल और परमाणु अभियानों को वैध बनाना चाहता है। जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में उत्तर कोरिया इस स्थिति के जवाब में नए मिसाइल परीक्षण कर सकता है या फिर क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति का व्यापक प्रदर्शन कर सकता है। इसका आप पर असर वैश्विक सुरक्षा: उत्तर कोरिया और जापान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव पूर्वी एशिया में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार: क्षेत्रीय रक्षा तनावों के कारण रक्षा क्षेत्र से जुड़े निवेश और वैश्विक बाजारों की भावनाओं पर असर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. उत्तर कोरिया ने जापान को चेतावनी क्यों दी? जापान द्वारा अमेरिका से खरीदी गई टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण करने और अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के कारण उत्तर कोरिया ने चेतावनी दी है। 2. किम यो जोंग कौन हैं? किम यो जोंग उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन हैं और देश के राजनीतिक व रणनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 3. जापान अमेरिका से कितनी टॉमहॉक मिसाइलें खरीद रहा है? जापान ने साल 2028 तक अमेरिका से कुल 400 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें प्राप्त करने का समझौता किया है। 4. जापान के संविधान का अनुच्छेद 9 क्या है? द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तैयार हुआ अनुच्छेद 9 जापान को किसी युद्ध में भाग लेने से रोकता है और सैन्य बल के उपयोग को सीमित करता है। 5. प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के कार्यकाल में जापान की रक्षा नीति में क्या बदलाव आए हैं? सनाए ताकाइची की सरकार ने रक्षा बजट बढ़ाया है, सैन्य निर्यात नियमों में ढील दी है, बाहरी द्वीपों पर मिसाइल लॉन्चर लगाए हैं और सहयोगियों के साथ साझेदारी मजबूत की है। https://trendkia.com/world/america-se-tomahawk-misaila-parikshana-para-bharaka-north-korea-kim-yo-jong-ne-japan-ko-di-chetavani-14016 TrendKia — Har trend, sabse pehle.