अमेरिकी नागरिकों को अमानवीय यातनाएं देने के मामले में निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस पर शिकंजा न्यूयॉर्क की जेल में बंद वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस पर अमेरिकी बंदियों को प्रताड़ित करने के आरोप में नया आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। न्यूयॉर्क की जेल में सलाखों के पीछे दिन काट रहे वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की कानूनी मुश्किलें लगातार गंभीर मोड़ ले रही हैं। अमेरिकी जांच अधिकारी अब दोनों के खिलाफ अमेरिकी नागरिकों को अवैध रूप से बंधक बनाने और उन पर अमानवीय अत्याचार ढाने के सिलसिले में नए आपराधिक आरोप तय करने की अंतिम रूपरेखा तैयार कर चुके हैं। नार्को-टेररिज्म और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के संगीन मुकदमों का सामना कर रहे इस दंपति के खिलाफ डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस जल्द ही औपचारिक अभियोग पत्र दायर करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। काराकस के सत्ता गलियारों से सीधे अमेरिकी कैद तक पहुंचे इस मामले में सामने आए साक्ष्य कैदियों के साथ हुए उस क्रूर व्यवहार को उजागर करते हैं, जिसे वर्षों तक राजनीतिक सौदेबाजी के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया था। बंधकों के बयानों से खुला अत्याचार का खौफनाक सच जांच से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, तैयार किए जा रहे नए आरोप हाल के वर्षों में वेनेजुएला की विभिन्न जेलों में कैद रखे गए एक दर्जन से अधिक अमेरिकी नागरिकों के साथ हुए हिंसक बर्ताव पर आधारित हैं। इन मामलों में वेनेजुएला के भीतर विदेशी नागरिकों को मनमाने ढंग से हिरासत में लेकर उन्हें कूटनीतिक दबाव बनाने के औजार की तरह इस्तेमाल करने की कार्यप्रणाली सामने आई है। जेल से रिहा हो चुके पूर्व कैदियों ने जांच अधिकारियों के समक्ष जो बयान दर्ज कराए हैं, वे रूह कंपा देने वाली दास्तां पेश करते हैं। इन गवाहियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वेनेजुएला की हिरासत में सिर्फ कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन नहीं हुआ, बल्कि कैदियों के मौलिक मानवाधिकारों को व्यवस्थित तरीके से कुचला गया। साल 2022 में दोनों देशों के बीच हुए कैदी अदला-बदली समझौते के तहत रिहाई पाने वाले पूर्व मरीन मैथ्यू हीथ और उस्मान खान ने अपनी कैद के दौरान झेली गई भयावह प्रताड़ना की पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उन्हें पानी में डुबोकर सांस घोंटने की क्रूर पद्धति, शरीर में बिजली के झटके देने, मानसिक संतुलन बिगाड़ने वाली नशीली दवाओं के जबरन इंजेक्शन लगाने और लंबे समय तक एकांत कालकोठरी में बंद रखने जैसे अमानवीय तौर-तरीकों का शिकार बनाया गया। इसके अतिरिक्त कैदियों को लगातार यौन उत्पीड़न की धमकियों के जरिए मानसिक रूप से भी पूरी तरह तोड़ने का प्रयास किया जाता रहा। सिटगो 6 के वरिष्ठ अधिकारियों और डीजीसीआईएम की भूमिका अवैध कारावास और क्रूरता का ऐसा ही अनुभव सिटगो 6 समूह के सदस्यों ने भी साझा किया है। एक अमेरिकी तेल कंपनी के छह वरिष्ठ अधिकारियों का यह दल 2017 में एक व्यावसायिक बैठक के सिलसिले में काराकस पहुंचा था, जहां उन्हें धोखे से गिरफ्तार कर लिया गया। इन अधिकारियों को बिना किसी निष्पक्ष कानूनी सुनवाई के लगभग पांच वर्षों तक बेहद अमानवीय परिस्थितियों में कैद रखा गया। इन सभी कैदियों को वेनेजुएला की सैन्य खुफिया एजेंसी, यानी सैन्य काउंटर-इंटेलिजेंस के जनरल निदेशालय (DGCIM) के विशेष डिटेंशन सेंटर में रखा जाता था। संयुक्त राष्ट्र की पूर्व रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की जा चुकी है कि यह सैन्य एजेंसी बंदियों से मनमाफिक जुर्म कुबूल करवाने के लिए सुनियोजित यातना तकनीकों का सहारा लेती थी। कैदियों को कई दिनों तक भोजन और पानी से वंचित रखना, भीषण शारीरिक पिटाई करना, अत्यधिक ठंड या गर्मी के तापमान में घंटों बंद रखना और दम घोंटने वाले तरीके अपनाना इस दमनकारी व्यवस्था का नियमित हिस्सा बन चुका था। सैन्य छापे में गिरफ्तारी और अदालत में कानूनी खींचतान निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस की मौजूदा स्थिति की पृष्ठभूमि इसी साल जनवरी के शुरुआती दिनों में हुए एक बड़े सैन्य ऑपरेशन से जुड़ी है। अमेरिकी सेना ने काराकस स्थित राष्ट्रपति भवन पर सीधे छापा मारकर मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया था और उन्हें तुरंत अमेरिका लाया गया था। तब से दोनों न्यूयॉर्क की सुरक्षित जेल में बंद हैं और उनके लिए जमानत की कोई कानूनी संभावना शेष नहीं बची है। अदालत में पेशी के दौरान दोनों ने नार्को-टेररिज्म और मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों से इनकार करते हुए खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। अदालती कार्यवाही में मादुरो के विधि विशेषज्ञों ने यह दलील पेश की है कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय संप्रभु छूट प्राप्त थी, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया ही अवैध है। दूसरी तरफ, सिलिया फ्लोरेस के कानूनी सलाहकार स्वास्थ्य आधारों का हवाला देते हुए उन्हें जेल से निकालकर नजरबंदी यानी हाउस अरेस्ट में भेजने का अनुरोध कर रहे हैं। अमेरिकी अभियोजक इन सभी अपीलों का अदालत में पुरजोर विरोध कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की राहत का कड़ा विरोध कर रहे हैं। अमेरिकी जांच एजेंसियां अब इस पूरे दमनकारी तंत्र में शामिल अन्य वेनेजुएलाई अधिकारियों और सैन्य कमांडरों की भूमिका का भी ब्योरा जुटा रही हैं। कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि नार्को-टेररिज्म के साथ यातना और मानवाधिकार हनन के नए आरोप जुड़ने के बाद मादुरो और फ्लोरेस के लिए रिहाई के सारे रास्ते पूरी तरह बंद हो जाएंगे। इसका आप पर असर यह अंतरराष्ट्रीय मुकदमा वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार जवाबदेही तय करने और विदेशों में यात्रा करने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से एक कड़ा कानूनी संदेश देता है। • राजनयिक बंदियों की सुरक्षा पर प्रभाव: विदेशों में मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने वाले नागरिकों के मामलों में यह मिसाल बनेगी कि बंधक बनाकर सौदेबाजी करने वाले शीर्ष नेताओं पर भी व्यक्तिगत मुकदमा चल सकता है। इससे तानाशाही सरकारों द्वारा विदेशी नागरिकों को राजनीतिक मोहरे की तरह इस्तेमाल करने पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा। • वैश्विक कानूनी जवाबदेही: नार्को-टेररिज्म के साथ यातना के आरोप जुड़ने से अंतरराष्ट्रीय अपराधों के खिलाफ कानूनी अभियोजन का दायरा और कड़ा हो गया है। अब अन्य देशों के मानवाधिकार हनन में लिप्त अधिकारियों के लिए भी अमेरिकी न्याय प्रणाली से बचना नामुमकिन साबित होगा। • वेनेजुएला के साथ कूटनीतिक समीकरण: इस नए मुकदमे के कारण अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बचे-खुचे कूटनीतिक संवाद के रास्ते और ज्यादा जटिल हो जाएंगे। दक्षिण अमेरिकी क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा और कैदियों की अदला-बदली से जुड़ी नीतियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। • अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और पेशेवरों के लिए सबक: राजनीतिक रूप से अस्थिर देशों में काम करने वाले बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कर्मचारियों के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश और सख्त किए जा सकते हैं। विदेशी कंपनियों को अब ऐसे संवेदनशील देशों में अपने अधिकारियों की यात्रा और कानूनी सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी अभियोजकों द्वारा निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस पर यह नया मुकदमा वेनेजुएला की जेलों में अमेरिकी बंदियों पर व्यवस्थित प्रताड़ना के ठोस दस्तावेजी सबूत और गवाहियां मिलने के बाद तैयार किया गया है। • रिहा हुए कैदियों की विस्तृत गवाहियां: साल 2022 में रिहा किए गए पूर्व मरीन मैथ्यू हीथ, उस्मान खान और सिटगो 6 के अधिकारियों ने अपनी कैद के दौरान बिजली के झटकों, दम घोंटने और एकांत कारावास की जो दर्दनाक दास्तां जांचकर्ताओं को बताई, उसी से इस नए अभियोग का आधार तैयार हुआ। इन बयानों ने साबित किया कि बंदियों पर सुनियोजित अत्याचार किए गए थे। • सैन्य खुफिया तंत्र की सीधी भूमिका: संयुक्त राष्ट्र की जांच रिपोर्टों और अमेरिकी साक्ष्यों से साफ हुआ कि वेनेजुएला की सैन्य काउंटर-इंटेलिजेंस एजेंसी डीजीसीआईएम कैदियों से जबरन जुर्म कबूल करवाने के लिए अमानवीय तरीकों का नियमित इस्तेमाल करती थी। यह दमनकारी व्यवस्था सीधे शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर संचालित हो रही थी। • राजनीतिक सौदेबाजी के लिए बंधक बनाना: वेनेजुएला में अमेरिकी नागरिकों को दशकों से बिना वैध कानूनी प्रक्रिया के गिरफ्तार कर कूटनीतिक दबाव बनाने के हथियार के रूप में रखा जाता रहा था। अमेरिकी जांच एजेंसियां अब इस पूरे दमनकारी नेटवर्क से जुड़े अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही हैं। सवाल-जवाब 1. निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस पर अमेरिका में नए आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं? अमेरिकी अभियोजक वेनेजुएला में हिरासत में रखे गए एक दर्जन से अधिक अमेरिकी नागरिकों को अमानवीय यातनाएं देने और अवैध रूप से बंधक बनाने के मामले में उन पर नए आपराधिक आरोप तय कर रहे हैं। 2. वेनेजुएला की जेलों में अमेरिकी कैदियों के साथ किस तरह का बर्ताव किया गया था? रिहा हुए बंदियों के अनुसार उन्हें पानी में डुबोने, बिजली के झटके देने, नशीली दवाएं देने, एकांत कारावास में रखने और यौन उत्पीड़न की धमकियों जैसी भयानक यातनाओं का सामना करना पड़ा था। 3. सिटगो 6 समूह कौन है और उनके साथ क्या हुआ था? सिटगो 6 एक अमेरिकी तेल कंपनी के छह वरिष्ठ अधिकारियों का समूह है, जिन्हें 2017 में काराकस बुलाया गया था और लगभग पांच साल तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया था। 4. निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कब और कैसे गिरफ्तार किया गया था? उन्हें इसी साल जनवरी की शुरुआत में काराकस स्थित राष्ट्रपति भवन पर अमेरिकी सेना के एक छापे के दौरान गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया था। 5. मादुरो के वकीलों ने अदालत में उनके बचाव में क्या तर्क दिया है? मादुरो के वकीलों का तर्क है कि उन्हें राष्ट्रपति होने के नाते इम्युनिटी प्राप्त थी और उनकी गिरफ्तारी की पूरी कानूनी प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में है। 6. सिलिया फ्लोरेस के वकील अदालत से क्या मांग कर रहे हैं? सिलिया फ्लोरेस के वकील खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें जेल से निकालकर हाउस अरेस्ट में भेजने की मांग कर रहे हैं। https://trendkia.com/world/ameriki-nagarikon-ko-amanaviya-yatanaen-dene-ke-mamale-men-nicolas-maduro-aura-cilia-flores-para-shiknja-44894 TrendKia — Har trend, sabse pehle.