# बांग्लादेश से बेदखली के दो साल पूरे होने पर भावुक हुईं शेख हसीना, आंदोलन को बताया सुनियोजित साजिश

> बांग्लादेश से निष्कासन की दूसरी बरसी पर आवामी लीग प्रमुख शेख हसीना भावुक हो गईं और दो साल पहले हुए प्रदर्शनों को एक सुनियोजित साजिश करार दिया।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-08-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/bangladesh-se-bedakhali-ke-do-sala-pure-hone-para-bhavuka-huin-sheikh-hasina-andolana-ko-bataya-suniyojita-sajisha-14022 · **Language:** Hindi
**Tags:** शेख हसीना, बांग्लादेश, आवामी लीग, बीएनपी, मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल, बांग्लादेश राजनीति

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और आवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने देश से अपने निष्कासन की दूसरी बरसी के अवसर पर समर्थकों को संबोधित किया। इस दौरान अपने विचार साझा करते हुए वे काफी भावुक हो गईं। उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज का यह परिदृश्य उस बांग्लादेश से बिल्कुल अलग है जिसके निर्माण के लिए 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 30 लाख लोगों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इस विशेष कार्यक्रम में शेख हसीना के वक्तव्य से पहले आवामी लीग के कई निर्वासित नेताओं ने भी अपनी बात रखी और बांग्लादेश की सत्तारूढ़ बीएनपी पर तीखे जुबानी हमले किए।

## विरोध प्रदर्शनों के स्वरूप पर सवाल
दो वर्ष पूर्व हुए उपद्रव का जिक्र करते हुए आवामी लीग प्रमुख शेख हसीना ने स्पष्ट किया कि वह कोई साधारण छात्र आंदोलन नहीं था। उनके अनुसार वह एक पूरी तरह सुनियोजित और संगठित विरोध प्रदर्शन था। उन्होंने रेखांकित किया कि 15 जुलाई के बाद से उस आंदोलन का चरित्र पूरी तरह बदल गया था। उस तारीख के बाद प्रदर्शनकारियों ने हिंसक रूप ले लिया था और सड़कों पर मारकाट तथा सार्वजनिक संपत्तियों की तोड़फोड़ शुरू कर दी गई थी।

## इंसाफ की मांग और कट्टरवाद का विरोध
कार्यक्रम के दौरान शेख हसीना की सरकार में पूर्व मंत्री रहे मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवामी लीग का मकसद किसी से बदला लेना नहीं है बल्कि वे केवल इंसाफ की मांग कर रहे हैं। नौफेल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि बांग्लादेश के भीतर धार्मिक कट्टरवाद को बढ़ावा या समर्थन न दिया जाए। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि आवामी लीग बांग्लादेश को किसी भी सूरत में एक विफल राष्ट्र नहीं बनने देगी।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** बांग्लादेश की राजनीतिक हलचल और सीमावर्ती स्थिरता का सीधा असर भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय व्यापार नीतियों पर पड़ता है।

**बांग्लादेशी नागरिकों के लिए:** शासन में बदलाव और राजनीतिक संघर्ष से देश में सुरक्षा, इंसाफ और नागरिक अधिकारों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

## सवाल-जवाब

### 1. शेख हसीना ने संबोधन किस अवसर पर दिया?
शेख हसीना ने बांग्लादेश से अपने निष्कासन की दूसरी बरसी के अवसर पर समर्थकों को संबोधित किया।

### 2. भाषण के दौरान शेख हसीना क्यों भावुक हुईं?
शेख हसीना ने कहा कि वर्तमान बांग्लादेश वैसा नहीं है जिसके लिए 1971 के मुक्ति संग्राम में 30 लाख लोगों ने अपनी जान न्योछावर की थी।

### 3. दो साल पहले हुए प्रदर्शनों के बारे में शेख हसीना ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वह कोई छात्र आंदोलन नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित प्रदर्शन था जो 15 जुलाई के बाद हिंसक हो गया था।

### 4. पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल ने क्या अपील की?
नौफेल ने बदला न लेने और इंसाफ की मांग करते हुए बांग्लादेश में धार्मिक कट्टरवाद का समर्थन न करने की अपील की।

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