कोलंबिया में 'टाइगर' की बढ़त, लैटिन अमेरिका में रूढ़िवादी नेताओं का उभार कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव में लगभग सभी मतों की गिनती के बाद डोनाल्ड ट्रंप समर्थित अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला इवान सेपेदा से करीब 251,000 वोटों से आगे हैं, हालांकि अभी विजेता की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। अर्जेंटीना से कोस्टा रिका तक, लैटिन अमेरिका में रूढ़िवादी लहर ने कई देशों की राजनीति को बदल दिया है। कोलंबिया में सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना में ट्रंप समर्थित वकील और कारोबारी अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला बढ़त बनाए हुए हैं। लगभग सभी वोट गिने जा चुके हैं और वे अपने प्रतिद्वंद्वी इवान सेपेदा से करीब 251,000 मतों से आगे हैं। यह अंतर तकरीबन एक प्रतिशत बैठता है। अभी तक किसी विजेता की घोषणा नहीं हुई है और पुनर्समीक्षा की चुनौती से नतीजा बदलने की संभावना कम मानी जा रही है। एस्प्रिएला का अभियान: सुरक्षा और मेगा जेल 'टाइगर' के नाम से मशहूर दे ला एस्प्रिएला ने अपना पूरा चुनाव अभियान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर केंद्रित किया। उन्होंने कोलंबिया के विद्रोही संगठनों के साथ चल रही शांति वार्ता खत्म करने का वादा किया और एल सल्वाडोर की तर्ज पर विशाल जेलें बनाने का प्रस्ताव रखा। डोनाल्ड ट्रंप ने उनके समर्थन में कहा कि दे ला एस्प्रिएला कोलंबिया में कानून और व्यवस्था बहाल कर सकते हैं। अर्जेंटीना: 'द लायन' और महंगाई की लड़ाई नवंबर 2023 में अर्जेंटीना ने हेवियर मिलेई को राष्ट्रपति चुना। अर्थशास्त्री और TV कमेंटेटर मिलेई को 'द लायन' भी कहा जाता है। उन्होंने पेरोनिस्ट आंदोलन को हराकर सत्ता हासिल की और वित्तीय अनुशासन के कड़े वादे किए। पद संभालते ही उन्होंने केंद्रीय बैंक को सरकारी खर्च के लिए नोट छापने से रोक दिया, सार्वजनिक सेवाओं पर सब्सिडी घटाई, सरकारी कर्मचारियों की छंटनी की और बुनियादी ढांचे में निवेश रोक दिया। इन सख्त नीतियों का सबसे बड़ा असर महंगाई पर दिखा। 2023 में 211 प्रतिशत रही महंगाई दर 2025 में घटकर 32 प्रतिशत पर आ गई। लेकिन आलोचकों ने इन्हीं नीतियों को जीवन स्तर में गिरावट के लिए जिम्मेदार ठहराया और सरकारी कर्मचारी सबसे अधिक प्रभावित रहे। इक्वाडोर: नोबोआ, सेना और ड्रग गिरोह अप्रैल 2025 में इक्वाडोर के मतदाताओं ने डेनियल नोबोआ को दोबारा चार साल के लिए राष्ट्रपति चुना और उन्हें 56 प्रतिशत वोट मिले। इक्वाडोर के सबसे धनी परिवारों में से एक से ताल्लुक रखने वाले नोबोआ ने तटीय इलाकों में बढ़ती हिंसा से निपटने के लिए सेना को मैदान में उतारा। बंदरगाहों और तस्करी के रास्तों पर कब्जे के लिए ड्रग गिरोह आपस में भिड़े हुए थे। इक्वाडोर की सेना ने अमेरिका के साथ मिलकर नशा तस्करों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया। बड़ी सैन्य मौजूदगी के बावजूद अधिकारियों ने माना कि हत्याओं की दर में कोई खास कमी नहीं आई। नोबोआ की सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगे जिनमें न्यायेतर हत्याओं की बात कही गई। अमेरिकी सैन्य अड्डा दोबारा खोलने का प्रस्ताव जनमत संग्रह में खारिज हो गया। होंडुरास: ट्रंप का समर्थन और निर्वासन समझौता होंडुरास में नासरी असफुरा ने नवंबर में बेहद करीबी मुकाबले में एक प्रतिशत से भी कम के अंतर से जीत हासिल की। अचल संपत्ति क्षेत्र के कारोबारी और पूर्व शहर महापौर असफुरा नेशनल पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। इसी पार्टी से जुड़े पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑर्लैंडो हर्नांडेज़ को ट्रंप ने ड्रग तस्करी की सजा से माफी दी थी। ट्रंप ने असफुरा का खुलकर समर्थन किया और चेतावनी दी कि उनके हारने पर अमेरिकी सहायता बंद की जा सकती है। सत्ता में आने के बाद असफुरा की सरकार ने 2025 की शुरुआत में अमेरिका के साथ एक समझौता किया जिसके तहत होंडुरास ने तीसरे देशों से आए दर्जनों निर्वासितों को स्वीकार किया। इनमें बड़ी संख्या ग्वाटेमाला के नागरिकों की थी और यह नीति सरकार के शुरुआती महीनों की पहचान बन गई। चिली: सीमाएं कसीं, प्रवासियों पर सख्ती चिली में होज़े एंटोनियो कास्ट ने दिसंबर में 58 प्रतिशत वोट पाकर जीत दर्ज की और चार साल से सत्ता में रही प्रगतिशील सरकार को हराया। धर्मनिष्ठ कैथोलिक और प्रखर रूढ़िवादी कास्ट ने चुनाव अभियान में बढ़ते अपराध और प्रवासन को मुद्दा बनाया। उन्होंने वैध आवासीय अनुमति के बिना रह रहे प्रवासियों को देश से बाहर निकालने का वादा किया जिसमें वेनेज़ुएला और हैती के लोग भी शामिल थे। पद संभालने के बाद कास्ट सरकार ने पेरू और बोलीविया की सीमाओं पर खाई को और विस्तारित किया। सरकार का कहना था कि इससे नशा तस्करी और अवैध प्रवेश पर रोक लगेगी। बाद में बेरोजगारी को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए और सरकारी कर्मचारियों को प्रभावित करने वाली बजट कटौती की भी आलोचना हुई। कोस्टा रिका: सख्त कानून और नई मेगा जेल फरवरी में कोस्टा रिका में लौरा फ़र्नांडेज़ ने 48 प्रतिशत वोट पाकर जीत हासिल की। पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो चावेज़ के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था मंत्री रह चुकीं फ़र्नांडेज़ ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 15 प्रतिशत अंकों से हराया और दूसरे दौर से बचने के लिए जरूरी 40 प्रतिशत की सीमा भी पार कर ली। उनके अभियान का जोर कड़े अपराध नियंत्रण पर था। उन्होंने विशेष पुलिसिया स्थिति की घोषणा का प्रस्ताव रखा जिससे पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सके। उन्होंने एल सल्वाडोर की CECOT जेल की तर्ज पर एक विशाल जेल बनाने की भी बात कही। पद संभालने से पहले हुए एक समझौते के तहत कोस्टा रिका ने अमेरिकी निर्वासन उड़ानें स्वीकार कीं। जून की एक उड़ान में चीन, वियतनाम, कोलंबिया और अज़रबैजान के प्रवासी थे। पूरे लैटिन अमेरिका में बदल रहा राजनीतिक रंग अर्जेंटीना, इक्वाडोर, होंडुरास, चिली और कोस्टा रिका के बाद अब कोलंबिया भी इसी दिशा में बढ़ता दिख रहा है। अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की इवान सेपेदा पर बढ़त लगभग पूरी मतगणना के बाद भी बनी हुई है। आधिकारिक घोषणा भले ही बाकी हो, नतीजे का रुख साफ नजर आ रहा है। इसका आप पर असर • वैश्विक राजनीति में रुचि रखने वालों के लिए: लैटिन अमेरिका में रूढ़िवादी नेताओं की यह लहर दुनिया भर में सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देने वाले मतदाताओं के बदलते मिजाज को दर्शाती है। • व्यापार और निवेश पर असर: इस क्षेत्र में रूढ़िवादी सरकारें आमतौर पर बाजार अनुकूल नीतियों और अमेरिका से मजबूत आर्थिक संबंधों का समर्थन करती हैं, जो क्षेत्रीय व्यापार समझौतों और निवेश माहौल को प्रभावित कर सकता है। सवाल-जवाब 1. कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव में कौन आगे चल रहा है? डोनाल्ड ट्रंप समर्थित वकील और कारोबारी अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला अपने प्रतिद्वंद्वी इवान सेपेदा से करीब 251,000 वोटों यानी तकरीबन एक प्रतिशत की बढ़त पर हैं। 2. क्या कोलंबिया में विजेता की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है? नहीं, लगभग सभी मतों की गिनती के बाद भी अधिकारियों ने अभी तक किसी विजेता की घोषणा नहीं की है और पुनर्समीक्षा से नतीजा बदलने की संभावना कम मानी जा रही है। 3. दे ला एस्प्रिएला के मुख्य चुनावी वादे क्या हैं? उन्होंने विद्रोही संगठनों के साथ शांति वार्ता खत्म करने और एल सल्वाडोर की तर्ज पर विशाल जेलें बनाने का वादा किया है, उनका अभियान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर केंद्रित रहा। 4. अर्जेंटीना में मिलेई की नीतियों से महंगाई पर क्या असर पड़ा? हेवियर मिलेई की कड़ी आर्थिक नीतियों के बाद अर्जेंटीना की महंगाई दर 2023 के 211 प्रतिशत से घटकर 2025 में 32 प्रतिशत पर आ गई। 5. इक्वाडोर के डेनियल नोबोआ ने अप्रैल 2025 चुनाव में कितने प्रतिशत वोट पाए? डेनियल नोबोआ ने 56 प्रतिशत वोट पाकर चार साल के कार्यकाल के लिए दोबारा राष्ट्रपति पद जीता। 6. होंडुरास के संबंध में ट्रंप ने किसे माफी दी? ट्रंप ने होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑर्लैंडो हर्नांडेज़ को ड्रग तस्करी की सजा से माफी दी। 7. चिली के होज़े एंटोनियो कास्ट ने कितने प्रतिशत वोट से जीत हासिल की? होज़े एंटोनियो कास्ट ने दिसंबर में हुए चिली के चुनाव में 58 प्रतिशत वोट पाकर जीत दर्ज की। 8. कोस्टा रिका की लौरा फ़र्नांडेज़ दूसरे दौर के मतदान से कैसे बचीं? फ़र्नांडेज़ ने 48 प्रतिशत वोट पाए और निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 15 प्रतिशत अंकों से हराया, जिससे वे दूसरे दौर से बचने के लिए जरूरी 40 प्रतिशत की सीमा पार करने में सफल रहीं। https://trendkia.com/world/colombia-men-taigara-ki-barhata-latin-america-men-rurhivadi-netaon-ka-ubhara-2371 TrendKia — Har trend, sabse pehle.