# फ्लाईदुबई विमान में साथी पायलट पर हमले के बाद ओमानी को-पायलट का न्यूजीलैंड कनेक्शन सामने आया

> फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट पर कब्जा करने की कोशिश करने वाले ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हमामी के पुराने रिकॉर्ड की जांच अब न्यूजीलैंड पुलिस कर रही है।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/flydubai-vimana-men-sathi-payalata-para-hamale-ke-bada-omani-ko-payalata-ka-new-zealand-kanekshana-samane-aya-43873 · **Language:** Hindi
**Tags:** फ्लाईदुबई, हम्माम अल-हमामी, न्यूजीलैंड, स्मित मच्छर, विमानन सुरक्षा, कॉकपिट हमला

हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा पर गहरा संकट खड़ा करने वाली एक सनसनीखेज घटना के बाद अब जांच एजेंसियां आरोपी पायलट के पुराने रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई हैं। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में साथी कैप्टन स्मित मच्छर पर हिंसक हमला करने और प्लेन का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वाले ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हमामी का अतीत अब गंभीर जांच के दायरे में आ चुका है। इस विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे, जिनकी जान को गंभीर खतरे में डालते हुए आरोपी ने बंद कॉकपिट के भीतर मुख्य कैप्टन को लहूलुहान कर दिया था। इस घटना के बाद विभिन्न देशों के सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है और आरोपी के हर एक पुराने कदम की पड़ताल की जा रही है।

## न्यूजीलैंड में बिताए गए 175 दिनों की शुरू हुई समीक्षा
इस पूरे मामले की कड़ियां तलाशते हुए अब न्यूजीलैंड का संबंध भी खुलकर सामने आया है। न्यूजीलैंड पुलिस के सहायक आयुक्त माइकल जॉनसन ने औपचारिक रूप से पुष्टि की है कि हम्माम अल-हमामी साल 2018-19 के दौरान वहां मौजूद था। आव्रजन दस्तावेजों के ब्योरे के अनुसार, अल-हमामी 30 नवंबर 2018 को न्यूजीलैंड पहुंचा था और उसके बाद 23 मई 2019 को उसने देश छोड़ा था। छह महीने के स्टूडेंट वीजा पर रहते हुए उसने वहां कुल 175 दिन बिताए थे। सहायक आयुक्त के अनुसार, अब पुलिस उन 175 दिनों के दौरान उसके रहने, उठने-बैठने और हर तरह की गतिविधियों के पूरे रिकॉर्ड की दोबारा गहराई से समीक्षा कर रही है ताकि उसके अतीत का कोई भी पहलू अनसुलझा न रह जाए।

## यूके की कंपनी से जुड़ा था उड़ान प्रशिक्षण
न्यूजीलैंड में अल-हमामी की मौजूदगी का सीधा संबंध विमान उड़ाने के प्रशिक्षण से था। माइकल जॉनसन ने बताया कि अल-हमामी एक यूके-आधारित कंपनी के तहत अपने फ्लाइट ट्रेनिंग प्रोग्राम का एक अहम हिस्सा पूरा करने के लिए न्यूजीलैंड आया था। हालांकि, प्रशिक्षण देने वाली यह ब्रिटिश कंपनी अब न्यूजीलैंड में अपना कोई भी कामकाज या संचालन नहीं करती है। पुलिस का कहना है कि उस समय उसके रुकने का आधिकारिक उद्देश्य पूरी तरह से उड़ान प्रशिक्षण और उससे जुड़ी गतिविधियों तक सीमित था। चूंकि अब उसी पायलट पर हवा में कॉकपिट का कंट्रोल जबरन छीनने और खूनी हमला करने का गंभीर आरोप लगा है, इसलिए जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या प्रशिक्षण के दिनों में भी उसने कोई असामान्य या संदिग्ध व्यवहार दिखाया था।

## विमान सुरक्षा और पायलटों के बैकग्राउंड पर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं
इस खतरनाक घटना ने वैश्विक विमानन उद्योग में पायलटों की मानसिक स्थिति और उनकी पृष्ठभूमि की जांच प्रक्रिया को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। न्यूजीलैंड पुलिस अब उन पुराने छह महीनों की एक-एक फाइल खंगाल रही है ताकि यह साफ हो सके कि वहां रहने के दौरान अल-हमामी किन लोगों के संपर्क में आया था और उसकी दिनचर्या कैसी थी। यद्यपि अब तक के आधिकारिक दस्तावेजों में उसका उद्देश्य केवल ट्रेनिंग पूरी करना ही दर्ज है, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आने की संभावना बनी हुई है। पुलिस की इस विस्तृत समीक्षा से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि इस बड़ी साजिश की शुरुआत कहां से हुई थी।

## इसका आप पर असर
हवाई यात्रियों और अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले लोगों के लिए पायलटों की जांच और विमान सुरक्षा के नियम कड़े किए जा सकते हैं।

- **हवाई यात्रियों के लिए:** उड़ानों में पायलटों की मानसिक और सुरक्षा जांच के नियमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सख्त बनाया जा सकता है। इससे भविष्य में उड़ानों के दौरान यात्रियों की व्यक्तिगत सुरक्षा और कॉकपिट प्रोटोकॉल और मजबूत होंगे।
- **फ्लाइट ट्रेनिंग संस्थानों पर:** उड़ान प्रशिक्षण देने वाली अकादमियों और विदेशी छात्रों के वीजा नियमों की निगरानी बढ़ सकती है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों के रिकॉर्ड और गतिविधियों की समय-समय पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी जा सकती है।
- **सुरक्षा जांच प्रक्रिया:** अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में दोहरे पायलट सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा सकती है। इससे कॉकपिट के भीतर किसी एक पायलट द्वारा नियंत्रण छीनने जैसी घटनाओं को रोकने के नए उपाय लागू हो सकते हैं।
- **न्यूजीलैंड में:** विदेशी छात्रों के लिए जारी होने वाले विशेष प्रशिक्षण वीजा के पुराने और नए रिकॉर्ड की जांच तेज हो सकती है। आव्रजन विभाग ऐसे मामलों में सुरक्षा मंजूरी के नियमों को पहले से ज्यादा कड़ा कर सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई गंभीर हिंसक घटना के बाद आरोपी को-पायलट के उद्देश्यों और पूर्व पृष्ठभूमि को समझने के लिए यह जांच शुरू की गई है।

- **सीधा कारण:** को-पायलट हम्माम अल-हमामी ने उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर कॉकपिट का नियंत्रण छीनने की कोशिश की, जिससे 170 से अधिक यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी। इस अप्रत्याशित हिंसक कदम के बाद उसके पिछले जीवन और गतिविधियों की जांच जरूरी हो गई।
- **न्यूजीलैंड से संबंध:** आव्रजन रिकॉर्ड से खुलासा हुआ कि अल-हमामी 2018-19 में 175 दिनों तक स्टूडेंट वीजा पर न्यूजीलैंड में रहा था। इस दौरान उसने एक ब्रिटिश कंपनी के जरिए उड़ान प्रशिक्षण का हिस्सा पूरा किया था।
- **जांच की वर्तमान स्थिति:** न्यूजीलैंड पुलिस के सहायक आयुक्त माइकल जॉनसन ने पुष्टि की है कि पुलिस उसके उस प्रवास से जुड़ी सभी गतिविधियों और फाइलों की समीक्षा कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उस दौरान भी किसी संदिग्ध गतिविधि का कोई सुराग मौजूद था।

## सवाल-जवाब

### 1. फ्लाईदुबई की किस उड़ान में यह घटना घटी थी?
यह घटना फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी, जहां को-पायलट ने विमान का नियंत्रण हथियाने का प्रयास किया।

### 2. आरोपी को-पायलट और घायल कैप्टन के नाम क्या हैं?
आरोपी को-पायलट का नाम हम्माम अल-हमामी है, जिसने मुख्य कैप्टन स्मित मच्छर पर हिंसक हमला किया था।

### 3. हम्माम अल-हमामी कितने समय तक न्यूजीलैंड में रहा था?
वह 30 नवंबर 2018 से 23 मई 2019 के बीच स्टूडेंट वीजा पर कुल 175 दिनों तक न्यूजीलैंड में रहा था।

### 4. अल-हमामी के न्यूजीलैंड प्रवास का मुख्य उद्देश्य क्या था?
न्यूजीलैंड पुलिस के अनुसार, वह एक यूके-आधारित कंपनी के तहत फ्लाइट ट्रेनिंग का एक हिस्सा पूरा करने वहां गया था।

### 5. न्यूजीलैंड पुलिस इस मामले में क्या कदम उठा रही है?
सहायक आयुक्त माइकल जॉनसन के अनुसार, पुलिस उसके 175 दिनों के प्रवास से जुड़े सभी रिकॉर्ड और गतिविधियों की समीक्षा कर रही है।

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