# हवा में गोता खाते बोइंग विमान को प्लंबर ने क्रैश से बचाया, कॉकपिट में मची चीख-पुकार के बीच संभाला स्टेयरिंग

> फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में सह-पायलट के हमले के बाद प्लंबर यानीव हायौन ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू किया और विमान को सुरक्षित निकाला।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/hava-men-gota-khate-boeing-vimana-ko-plnbara-ne-kraisha-se-bachaya-kokapita-men-machi-chikha-pukara-ke-bicha-snbhala-steyaringa-40997 · **Language:** Hindi
**Tags:** फ्लाईदुबई, यानीव हायौन, बेंजामिन नेतन्याहू, डोनाल्ड ट्रंप, विमान आपातकाल, स्मित मच्छार, तबुक

दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेल अवीव की उड़ान भरने वाला बोइंग 737 यात्री विमान जब आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर था, तभी अचानक कॉकपिट में एक खौफनाक मंजर सामने आया। 30 अक्टूबर के इस सफर में फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 अचानक अनियंत्रित होकर नीचे की ओर गिरने लगी। केबिन में बैठे यात्रियों को जब समझ आया कि विमान बेहद तेज गति से जमीन की तरफ गोता लगा रहा है, तो चीख-पुकार मच गई। ऐसे नाजुक वक्त में विमान में सफर कर रहे इज़राइली प्लंबर यानीव हायौन ने गजब का साहस दिखाते हुए मौत के मुंह से विमान को निकाल लिया।

## कॉकपिट के भीतर चाकूबाजी और अनियंत्रित होता विमान
हवाई सफर के दौरान अचानक उस समय संकट गहरा गया जब फ्लाइट के ओमानी नागरिक सह-पायलट नेरिया क्राउस ने मुख्य कैप्टन पर जानलेवा हमला कर दिया। मुख्य पायलट भारतीय नागरिक स्मित मच्छार उस वक्त विमान उड़ा रहे थे, जिन पर सह-पायलट ने कथित रूप से चाकू से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। दरवाजा खुलते ही केबिन में मौजूद लोगों को कॉकपिट के अंदरूनी संघर्ष की भनक लगी, जबकि दूसरी तरफ सह-पायलट विमान को नीचे की ओर क्रैश कराने पर आमादा था।

## प्लंबर का साहसिक दखल और चोकहोल्ड
कॉकपिट से खतरे का संकेत मिलते ही यानीव हायौन बिजली की फुर्ती से आगे बढ़े। वे न तो एयरलाइन के कर्मचारी थे और न ही उनके पास एविएशन का कोई पेशेवर अनुभव था। वे पेशे से एक साधारण प्लंबर हैं जो दुबई से तेल अवीव लौट रहे थे। कॉकपिट के भीतर कदम रखते ही उन्होंने देखा कि हमलावर विमान के कंट्रोल पैनल पर हावी है और प्लेन तेजी से ऊंचाई खो रहा है। बिना एक पल गंवाए यानीव ने हमलावर को पीछे से दबोच लिया।

उन्होंने हमलावर की गर्दन को चोकहोल्ड में जकड़ लिया और पूरी ताकत लगाकर उसे कंट्रोल पैनल से दूर घसीट लिया। इसके तुरंत बाद केबिन से पहुंचे अन्य यात्रियों और क्रू सदस्यों ने हमलावर को पूरी तरह काबू में कर बांध दिया। लेकिन चुनौती अभी खत्म नहीं हुई थी, क्योंकि प्लेन बेकाबू होकर लगातार नीचे गिर रहा था और मुख्य कैप्टन बुरी तरह लहूलुहान पड़े थे।

## डॉक्यूमेंट्री शो की सीख आई काम
हमलावर को दूर करने के बाद यानीव हायौन ने तुरंत फ्लाइट डेक की कमान अपने हाथों में ली। विमान खतरनाक रफ्तार से गोता खा रहा था और जमीन से टकराने का खतरा हर सेकंड बढ़ रहा था। यानीव ने तुरंत कंट्रोल स्टिक को अपनी ओर पीछे खींचा, जिससे नीचे गिरते विमान की नाक ऊपर उठी और वह समतल होने लगा। कुछ ही क्षणों में विमान में सफर कर रहे एक अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलट ने कॉकपिट में आकर पूरी बागडोर संभाल ली।

बाद में जब यानीव इज़राइल पहुंचे, तो उन्होंने बताया कि उन्हें आपात स्थिति में कंट्रोल खींचने का विचार कहां से आया। उन्होंने खुलासा किया कि वे टीवी पर हवाई हादसों की जांच पर आधारित लोकप्रिय वृत्तचित्र श्रृंखला 'मेडे' नियमित रूप से देखते थे। उसी शो से मिली जानकारी के आधार पर उन्हें याद आया कि गोता लगाते विमान को सीधा करने के लिए स्टिक को पीछे खींचना जरूरी होता है।

## सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग और नेताओं की प्रतिक्रिया
विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों और क्रू की संयुक्त सूझबूझ के चलते फ्लाइट को तुरंत सऊदी अरब के तबुक शहर की ओर मोड़ दिया गया। तबुक एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। घायल भारतीय पायलट स्मित मच्छार को फौरन प्राथमिक उपचार दिया गया।

इज़राइल पहुंचने पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यानीव हायौन से मुलाकात की और उन्हें गले लगाकर उनकी जांबाजी की प्रशंसा की। इस मुलाकात के समय यानीव वही शर्ट पहने हुए थे जिस पर खूनी संघर्ष के गहरे धब्बे लगे थे। प्रधानमंत्री ने एक साधारण प्लंबर द्वारा अदम्य साहस दिखाने पर उनकी पीठ थपथपाई। उधर डोनाल्ड ट्रंप ने भी यानीव के पराक्रम का उल्लेख करते हुए उनके मजबूत हौसले की सराहना की। ट्रंप ने टिप्पणी की, 
> "मुझे लगता है कि यह सबसे अद्भुत कहानी है।"
 पूरे घटनाक्रम को यात्रियों ने एक बेहद तनावपूर्ण और अफरा-तफरी भरी जंग बताया, जिसमें सभी के साझा प्रयास से एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई हादसा टल गया।

## इसका आप पर असर
यह घटना हवाई सुरक्षा और संकट प्रबंधन के लिहाज से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सबक प्रस्तुत करती है।

- **उड़ान सुरक्षा प्रोटोकॉल:** वाणिज्यिक एयरलाइनों में कॉकपिट सुरक्षा और सह-चालकों की स्क्रीनिंग को और अधिक कड़ा किए जाने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय उड्डयन एजेंसियां उड़ान के दौरान केबिन क्रू और पायलटों के समन्वय नियमों की समीक्षा कर सकती हैं।
- **आपातकालीन प्रतिक्रिया:** यात्रियों की त्वरित सतर्कता और सूझबूझ से यह स्पष्ट हुआ है कि संकट के समय सामूहिक सहयोग कितना अहम है। एयरलाइंस भविष्य में ऐसे चरम मामलों से निपटने के लिए क्रू ट्रेनिंग को अधिक व्यावहारिक बना सकती हैं।
- **वैश्विक यात्री:** उड़ानों में यात्रा करने वाले सामान्य नागरिक आपातकालीन प्रक्रियाओं के प्रति अधिक जागरूक हो सकते हैं। लंबी दूरी की उड़ानों में ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मौजूदगी जीवनरक्षक साबित हो सकती है।
- **सऊदी-इज़राइल समन्वय:** आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर विमान का उतरना मानवीय सहयोग का प्रमाण है। संकट के पलों में हवाई अड्डों की तत्परता निर्दोष जिंदगियों को बचाने में निर्णायक भूमिका निभाती है।

## ऐसा क्यों हुआ
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में यह गंभीर आपात स्थिति कॉकपिट के भीतर अचानक भड़की हिंसा और सह-पायलट के अनपेक्षित हमले की वजह से उत्पन्न हुई।

- **कॉकपिट में हिंसक हमला:** उड़ान के दौरान सह-पायलट नेरिया क्राउस ने कथित तौर पर मुख्य कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। इस हमले का मकसद कैप्टन को अक्षम करके विमान को जानबूझकर क्रैश कराना था।
- **ऊंचाई में अचानक गिरावट:** सह-पायलट द्वारा फ्लाइट कंट्रोल को आगे की ओर धकेलने से विमान हजारों फीट नीचे गिरने लगा। इसी तेज गिरावट के कारण केबिन में तुरंत खतरे का सायरन जैसा माहौल बना।
- **दरवाजा खुलने से मिला मौका:** घायल अवस्था में मुख्य पायलट द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोल देने से यात्रियों को भीतर हो रहे हमले का पता चला। इसी दरवाजे से प्लंबर यानीव हायौन भीतर दाखिल होकर विमान को बचाने में सफल रहे।

## सवाल-जवाब

### 1. फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में क्या घटना घटी थी?
उड़ान के दौरान सह-पायलट ने मुख्य पायलट पर चाकू से हमला कर विमान को नीचे क्रैश कराने की कोशिश की थी।

### 2. विमान को बचाने वाले यानीव हायौन कौन हैं?
यानीव हायौन इज़राइल के रहने वाले एक प्लंबर हैं, जो उस वक्त बतौर यात्री विमान में सफर कर रहे थे।

### 3. यानीव हायौन ने कॉकपिट में घुसकर क्या किया?
उन्होंने हमलावर सह-पायलट को चोकहोल्ड में जकड़कर कंट्रोल से दूर किया और नीचे गिरते विमान के कंट्रोल को पीछे खींचकर सीधा किया।

### 4. यानीव को प्लेन का कंट्रोल संभालने का तरीका कैसे पता था?
उन्होंने बताया कि वे विमान हादसों पर आधारित टीवी डॉक्यूमेंट्री शो 'मेडे' देखते हैं, जिससे उन्हें आपात स्थिति में कंट्रोल खींचने की समझ मिली।

### 5. विमान की सुरक्षित लैंडिंग कहां करवाई गई?
विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर की ओर मोड़कर वहां सुरक्षित आपात लैंडिंग करवाई गई।

### 6. हमले में घायल हुए मुख्य पायलट का नाम क्या है?
घायल मुख्य पायलट का नाम स्मित मच्छार है, जो भारतीय नागरिक हैं।

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