# हिंद महासागर में बसा है अनोखा द्वीप, खून जैसे लाल रस वाले पेड़ों के बीच फंसे थे 38 भारतीय

> हिंद महासागर में स्थित सोकोत्रा द्वीप अपनी अनोखी वनस्पति और ड्रैगन ब्लड ट्री के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहां एक समय चक्रवात के दौरान 38 भारतीय नाविक फंस गए थे।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-10-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/hind-mahasagar-mein-basa-hai-anokha-dwip-khoon-jaise-laal-ras-wale-pedon-ke-beech-phanse-the-38-bhardiya-51696 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोकोत्रा द्वीप, ड्रैगन ब्लड ट्री, भारतीय नौसेना, चक्रवात मेकुनु, यूनेस्को धरोहर, यमन

हिंद महासागर के बीच स्थित यमन का सोकोत्रा आइलैंड देखने में किसी अन्य ग्रह या काल्पनिक दुनिया जैसा प्रतीत होता है। इस द्वीप की भौगोलिक बनावट और यहां पाए जाने वाले जीव-जंतु पृथ्वी के बाकी हिस्सों से काफी अलग हैं, जिस कारण इसे देखने वाले लोग इसे एलियन ग्रह की संज्ञा देते हैं। यहां की प्राकृतिक विशेषताएं इसे दुनिया भर के शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बनाती हैं, क्योंकि इस भूमि पर ऐसी कई प्रजातियां पनपती हैं जो पृथ्वी पर अन्यत्र कहीं और देखने को नहीं मिलतीं।

## ड्रैगन ब्लड ट्री और उनका रहस्यमयी लाल रस
सोकोत्रा की सबसे बड़ी पहचान यहां के अनोखे ड्रैगन ब्लड ट्री हैं, जिनकी शाखाएं ऊपर की तरफ फैलकर एक उल्टे छाते का आकार अख्तियार कर लेती हैं। दूर से देखने पर ऐसा आभास होता मानो किसी फंतासी फिल्म के विशाल छाते इस धरती पर उग आए हों। इन पेड़ों का नाम इनके अंदर पाए जाने वाले उस गाढ़े रेजिन के कारण पड़ा है जो कटने या छिलने पर खून की तरह लाल रंग का बहता है। जब भी पेड़ की छाल या उसके ऊतकों को नुकसान पहुंचता है, तो उससे रिसने वाला यह तरल पदार्थ बिल्कुल लाल खून जैसा प्रतीत होता है, जिसने इस वनस्पति को यह अनूठा नाम दिया है।

## रेगिस्तानी गुलाब और द्वीप की अनूठी जैव विविधता
इन अजीबोगरीब पेड़ों के अलावा, सोकोत्रा की धरती पर बोतल जैसे मोटे और फूले हुए तनों वाले रेगिस्तानी गुलाब भी बहुतायत में उगते हैं। इन पेड़ों के मोटे तने भारी मात्रा में पानी को संग्रहित करने की क्षमता रखते हैं, जिससे वे द्वीप के शुष्क मौसम में भी जीवित रहते हैं। लंबे समय तक मुख्य भूभाग से भौगोलिक रूप से कटे रहने के कारण सोकोत्रा की वनस्पतियों और जीवों का विकास एक अलग ही दिशा में हुआ है। यहां का पर्यावरण और जलवायु उन जीवों और पौधों के अनुकूल रही है जो दुनिया के किसी अन्य कोने में जीवित नहीं रह सकते।

## भारतीय नौसेना का साहसिक अभियान और नागरिकों की सुरक्षा
इस द्वीप का इतिहास भारत से भी जुड़ा हुआ है, जब मई 2018 में चक्रवात मेकुनु ने सोकोत्रा क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया था। उस खतरनाक प्राकृतिक आपदा के दौरान वहां कई भारतीय नागरिक और नाविक फंस गए थे, जिनके जीवन पर संकट मंडराने लगा था। अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए भारतीय नौसेना ने एक विशेष बचाव अभियान की शुरुआत की थी जिसे ऑपरेशन निस्तार नाम दिया गया था। इस सफल अभियान के दौरान आईएनएस सुनयना की सहायता से कुल 38 भारतीय नाविकों को उस संकटग्रस्त द्वीप से सकुशल निकाल लिया गया था।

## अद्वितीय जीव-जंतु और यूनेस्को की विश्व धरोहर का दर्जा
यह द्वीप केवल विचित्र वनस्पति तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां कई प्रकार के दुर्लभ पक्षी, सरीसृप और कीट भी पाए जाते हैं जो केवल इसी भूभाग की विशेषता हैं। इसके अलावा, सोकोत्रा के चमकीले सफेद रेत वाले समुद्र तट और साफ नीला पानी इसकी प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। द्वीप की इस असाधारण और अनूठी जैव विविधता के संरक्षण के महत्व को पहचानते हुए, साल 2008 में सोकोत्रा द्वीपसमूह को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया था।

## इसका आप पर असर
सोकोत्रा द्वीप से जुड़ा यह विवरण वैश्विक जैव विविधता और अंतरराष्ट्रीय आपदा राहत के महत्व को रेखांकित करता है।

- **भारत में:** भारतीय नौसेना के ऐसे त्वरित बचाव अभियान यह दर्शाते हैं कि संकट के समय विदेशों में फंसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश की सामरिक ताकत कितनी प्रभावी है।
- **यात्रा और भूगोल प्रेमियों के लिए:** यह अनूठा पारिस्थितिकी तंत्र शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों को पृथ्वी के अनछुए पहलुओं के बारे में गहरी जानकारी प्रदान करता है।

## ऐसा क्यों हुआ
सोकोत्रा द्वीप का यह विशिष्ट स्वरूप और वहां उत्पन्न संकट प्राकृतिक और भौगोलिक कारणों का परिणाम है।

- **भौगोलिक अलगाव:** मुख्य भूभाग से लाखों वर्षों तक कटे रहने के कारण इस द्वीप पर ऐसी दुर्लभ प्रजातियों का विकास हुआ जो अन्यत्र नहीं मिलतीं।
- **मौसम का प्रभाव:** मई 2018 में आए चक्रवात मेकुनु के कारण अचानक समुद्री मार्ग बाधित हुए, जिससे वहां काम कर रहे नाविक फंस गए।
- **संरक्षण की आवश्यकता:** द्वीप की असाधारण पारिस्थितिकी और विलुप्तप्राय वनस्पतियों के कारण इसे वैश्विक स्तर पर यूनेस्को द्वारा संरक्षित किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. सोकोत्रा आइलैंड कहां स्थित है?
सोकोत्रा आइलैंड हिंद महासागर में यमन के पास स्थित है।

### 2. ड्रैगन ब्लड ट्री से किस रंग का रस निकलता है?
इन पेड़ों की छाल या ऊतक को नुकसान पहुंचने पर गहरे लाल रंग का खून जैसा रस निकलता है।

### 3. सोकोत्रा में कितने भारतीय नाविक फंसे थे?
मई 2018 में चक्रवात के दौरान वहां 38 भारतीय नाविक फंस गए थे।

### 4. भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए कौन सा अभियान चलाया गया था?
भारतीय नौसेना ने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन निस्तार चलाया था।

### 5. सोकोत्रा को यूनेस्को की सूची में कब शामिल किया गया?
सोकोत्रा द्वीपसमूह को साल 2008 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।

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