होर्मुज जलडमरूमध्य में 20 फीसदी सुरक्षा फीस और 52,000 मौतों का दावा: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बढ़ाया दबाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए समुद्री नाकेबंदी को दोबारा लागू करने का ऐलान किया है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 फीसदी टैक्स वसूलने की भी घोषणा की है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अब एक अत्यंत नाजुक और विस्फोटक स्थिति में पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि ईरान के बंदरगाहों पर समुद्री नाकेबंदी यानी मैरीटाइम ब्लॉकेड को मंगलवार के दिन से फिर से प्रभावी बनाया जाएगा। इस सैन्य फैसले के साथ ही अमेरिकी सुरक्षा बलों द्वारा ईरान के विभिन्न सैन्य अड्डों पर लगातार तीसरी रात बमबारी और हमले किए जा रहे हैं। सैन्य क्षमताओं का विनाश व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया कि ईरान की सैन्य शक्ति का ढांचा अब लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने वर्तमान स्थिति के लिए तेहरान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते का ईरान ने तुरंत उल्लंघन किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सामरिक ताकत को नष्ट कर दिया है और यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उनका मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी ईरानी सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह खत्म करना है। डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, अमेरिका अंततः इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदर्शनकारियों की मौतों का बड़ा आरोप डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी प्रशासन पर अपने ही नागरिकों के खिलाफ क्रूरता बरतने का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान में अब तक 52,000 प्रदर्शनकारियों को मौत के घाट उतारा जा चुका है। हालांकि, उन्होंने इस बड़े आंकड़े की पुष्टि के लिए किसी भी प्रकार के दस्तावेजी सबूत या सरकारी रिपोर्ट साझा नहीं की। उन्होंने कहा कि ईरान की वर्तमान सरकार का अपने नागरिकों के साथ व्यवहार अत्यंत अमानवीय है और वैश्विक समुदाय को इस पर चुप्पी नहीं सांधनी चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि मात्र चार महीने पहले वहां महंगाई दर 5 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 350 फीसदी से ऊपर जा चुकी है। उन्होंने दोहराया कि ईरान ने समझौते का कम से कम 10 बार उल्लंघन किया और अमेरिकी नागरिकों की जान ली है। उन्होंने अपने प्रशासन की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ऐसी घटनाएं संभव नहीं हैं और ईरानी सेना अब अमेरिका के खिलाफ किसी भी सैन्य जवाब देने की स्थिति में नहीं बची है। सेंटकॉम का सैन्य अभियान और नाकेबंदी अमेरिकी सेंट्रल कमांड जिसे सेंटकॉम कहा जाता है, ने स्पष्ट किया है कि डोनाल्ड ट्रंप के स्पष्ट निर्देशों के बाद ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान को तीसरी रात भी जारी रखा गया है। इन ऑपरेशनों का लक्ष्य ईरान की सैन्य जड़ें खोदना और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक पोतों एवं नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सेंटकॉम की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, 14 जुलाई की शाम 4 बजे से ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले और वहां से बाहर निकलने वाले समुद्री यातायात की निगरानी सख्त कर दी गई है। पिछले आंकड़ों का हवाला देते हुए अमेरिकी सेना ने बताया कि अप्रैल और जून के बीच हुई पिछली नाकेबंदी के दौरान 140 से ज्यादा जहाजों के मार्ग को बदला गया था, जबकि 9 जहाजों को पूरी तरह निष्क्रिय किया गया था। उस दौरान मानवीय सहायता सामग्री ले जाने वाले 50 से अधिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया गया था। होर्मुज में सुरक्षा फीस का ऐलान डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए खुद को होर्मुज जलडमरूमध्य का रक्षक या गार्जियन घोषित किया है। उन्होंने आदेश दिया है कि इस समुद्री गलियारे से गुजरने वाली हर प्रकार की खेप और माल पर 20 प्रतिशत सुरक्षा फीस वसूली जाएगी। राष्ट्रपति के अनुसार, यह शुल्क क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए होने वाले खर्चों की भरपाई करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। ईरान ने इस फैसले का तीखा विरोध किया है। ईरानी सेना के केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोल्फाकरी ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के मामलों में किसी भी प्रकार का अमेरिकी दखल उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने खुले तौर पर चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी सेना उनकी अनुमति के बिना किसी भी तेल टैंकर या व्यापारिक जहाज के रास्ते में रुकावट डालती है, तो उसका कड़ा सैन्य जवाब दिया जाएगा। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने 16 जुलाई की रात को राष्ट्र को संबोधित करने की योजना बनाई है, जिसमें वह ईरान संकट और अमेरिका की भविष्य की रणनीतियों पर अधिक जानकारी प्रदान कर सकते हैं। इसका आप पर असर भारत में: होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाली तेल आपूर्ति में बाधा आने से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। क्षेत्रीय प्रभाव: होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ने से मध्य-पूर्व से जुड़ा समुद्री व्यापार महंगा हो सकता है और शिपिंग इंश्योरेंस की लागत में भी वृद्धि हो सकती है। सवाल-जवाब 1. डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए क्या घोषणा की है? डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका अब इस मार्ग का रक्षक होगा और वहां से गुजरने वाले सभी माल पर 20 फीसदी सुरक्षा फीस वसूल की जाएगी। 2. ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी कब से लागू होगी? अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि ईरान के बंदरगाहों के लिए समुद्री नाकेबंदी 14 जुलाई की शाम 4 बजे से दोबारा प्रभावी हो जाएगी। 3. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में कितनी मौतों का दावा किया है? डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान सरकार ने अब तक 52,000 प्रदर्शनकारियों को मार डाला है। 4. इस स्थिति पर ईरान की क्या प्रतिक्रिया है? ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सैन्य दखल को बर्दाश्त नहीं करेंगे और किसी भी हस्तक्षेप का करारा जवाब देंगे। https://trendkia.com/world/hormuja-jaladamarumadhya-men-20-phisadi-suraksha-phisa-aura-52000-mauton-ka-dava-donald-trump-ne-irana-para-barhaya-dabava-7511 TrendKia — Har trend, sabse pehle.