ओमान से बातचीत कर रहा है तेहरान, सीधे अमेरिका से किसी भी चर्चा से इनकार ईरान ने ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत की पुष्टि की है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप के नए दौर की वार्ताओं के दावे पर तेहरान ने अमेरिका से सीधी चर्चा से साफ इंकार कर दिया है। तेहरान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह वर्तमान में ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को फिर से शुरू करने और एक अस्थायी मार्ग निकालने के लिए आपसी समझ बनाने को लेकर बातचीत कर रहा है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए सोमवार से नए दौर की वार्ताओं की शुरुआत करेगा और इसी उद्देश्य से उन्होंने देश पर होने वाले बड़े हमलों को रोक दिया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह साफ नहीं किया था कि इन बैठकों में कौन-कौन शामिल होगा, जबकि तेहरान की ओर से यह दो टूक कहा गया कि उसकी अमेरिका के साथ ऐसी कोई बातचीत नहीं चल रही है और न ही उसकी ऐसी कोई योजना है। ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया और ट्रुथ सोशल पर बयान तेहरान के इस खंडन से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खासे नाराज नजर आए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा कि ईरान का नेतृत्व बेहद दोहरे चरित्र वाला है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि वे खुद बैठक की मांग करते हैं, जिसे कुछ लोग भीख मांगना भी कह सकते हैं, और जब बातचीत शुरू होती है तथा भविष्य के लिए बैठकें तय हो जाती हैं, तो वे खुले तौर पर यह कहते हैं कि उनकी कोई चर्चा नहीं हो रही है और वे केवल ओमान के साथ संपर्क में हैं। वीकेंड के दौरान ट्रंप ने दावा किया था कि एक समझौते की रूपरेखा तय हो चुकी है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जाना शामिल है। उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को ईरान द्वारा बंद किए जाने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल बाजारों की हलचल फरवरी महीने में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद से तेहरान ने इस जलडमरूमध्य को बार-बार बंद किया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को कड़े शब्दों में यह दावा किया कि इस जलमार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण है और जब तक कोई पुख्ता समझौता या पूर्ण आत्मसमर्पण नहीं हो जाता, तब तक किसी भी जहाज को ईरान तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एयर फोर्स वन पर बात करते हुए उन्होंने रविवार को कहा कि ईरान इस बात से अच्छी तरह वाकिफ था कि अमेरिका द्वारा किस स्तर के हमले की योजना बनाई जा रही थी क्योंकि उन्होंने उसे बनते हुए देख लिया था। उन्होंने कहा कि हम उनके साथ बातचीत के जरिए संवाद कर रहे हैं, जो सोमवार दोपहर से शुरू होगी। हालांकि, उन्होंने समझौते के लिए कोई समयसीमा तय करने से इनकार करते हुए कहा कि वे हालात के हिसाब से आगे बढ़ेंगे और किसी की जान लेने के इच्छुक नहीं हैं। क्षेत्रीय नेताओं का हस्तक्षेप और वैश्विक तेल कीमतों पर असर ट्रंप ने यह भी जानकारी दी कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के अलावा संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे अमेरिकी सहयोगियों ने उन्हें वीकेंड के दौरान सैन्य हमले न करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह तैयार थे, लेकिन उन्होंने इसलिए अनुरोध किया क्योंकि उन्हें लगता है कि एक समझौता होने वाला है, जिसमें होर्मुज और परमाणु मुद्दों पर बात बनेगी। इस घोषणा के बाद एशिया के शुरुआती कारोबार में सोमवार सुबह वैश्विक तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल 4.5 प्रतिशत लुढ़ककर 83.98 डॉलर पर आ गया, जबकि अमेरिकी तेल 4.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80.74 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से वैश्विक ऊर्जा कीमतें लगातार उतार-चढ़ाव का सामना कर रही हैं क्योंकि व्यापारी जलडमरूमध्य में नौवहन बाधित होने पर तुरंत प्रतिक्रिया दे रहे हैं। समुद्री यातायात और कूटनीतिक गतिरोध का इतिहास आंकड़ों के अनुसार, दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा माल और तरल प्राकृतिक गैस यानी LNG इसी जलमार्ग से होकर गुजरती है। व्यापार आसूचना कंपनी केप्लर के पोत-ट्रैकिंग आंकड़ों से संकेत मिलता है कि इस जलमार्ग से होने वाला वाणिज्यिक यातायात धीमा पड़ गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच इस जलडमरूमध्य से केवल 51 पोतों ने आवाजाही की, जो पिछले चार दिनों की तुलना में लगभग 28 प्रतिशत कम है, क्योंकि उससे पहले की अवधि में 71 जहाजों के गुजरने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। संघर्ष को समाप्त करने के लिए मुख्य रूप से मध्यस्थों के माध्यम से की जा रही वार्ताएं पिछले महीने विफल हो गई थीं, जिससे अप्रैल में सहमति हुआ संघर्ष विराम भी समाप्त हो गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई बार यह दावा किया है कि इस युद्ध का कूटनीतिक समाधान नजदीक है, लेकिन इसके बावजूद जवाबी हमलों का सिलसिला लगातार जारी रहा है। इसका आप पर असर वैश्विक स्तर पर: होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी वार्ताओं और घटनाक्रम का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सवाल-जवाब 1. ईरान वर्तमान में किसके साथ बातचीत कर रहा है? ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अस्थायी मार्ग और वाणिज्यिक शिपिंग को लेकर ओमान के साथ बातचीत कर रहा है। 2. क्या ईरान अमेरिका के साथ सीधे बातचीत कर रहा है? नहीं, तेहरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की सीधी बातचीत नहीं कर रहा है। 3. वैश्विक तेल की कीमतों में क्या बदलाव आया है? ट्रंप की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल 4.5 प्रतिशत गिरकर 83.98 डॉलर पर आ गया और अमेरिकी तेल 4.6 प्रतिशत गिरकर 80.74 डॉलर पर पहुंच गया। 4. होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का कितना तेल गुजरता है? दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और तरल प्राकृतिक गैस इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से होकर गुजरती है। https://trendkia.com/world/iran-confirms-talks-with-oman-while-denying-any-direct-negotiations-with-us-13291 TrendKia — Har trend, sabse pehle.