ईरान का दावा, होर्मुज के पास तीन तेल टैंकरों और अमेरिका से जुड़े जहाजों पर हमला, जल्द बनेगा नया 'प्रतिबंधित क्षेत्र' ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों और अमेरिका से जुड़े कुछ जहाजों पर हमला किया है, जिसे हाल में अमेरिका द्वारा ईरानी टैंकरों पर किए गए हमलों का जवाब बताया जा रहा है। शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रज़ई ने कहा है कि आने वाले दिनों में फारस की खाड़ी के पास एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाएगा। ईरान की सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए एक अनधिकृत मार्ग इस्तेमाल कर रहे तीन तेल टैंकरों पर हमला किया है। इसके साथ ही अमेरिका से जुड़े कई जहाजों को भी निशाना बनाया गया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई हफ्ते के अंत में अमेरिका द्वारा ईरानी टैंकरों पर किए गए हमलों का बदला है। होर्मुज के पास बनेगा नया 'प्रतिबंधित क्षेत्र' ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रज़ई ने बताया कि तेहरान आने वाले दिनों में इस अहम जलमार्ग के पास एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र स्थापित करेगा। रज़ई के शब्दों में यह क्षेत्र, "अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी रेखा से शुरू होकर फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक फैलेगा।" उन्होंने आगे यह भी साफ किया कि इस नए क्षेत्र में घुसने वाले किसी भी जहाज को ईरान अपनी प्रतिबंध सूची में डाल देगा। ओमान के साथ नए गलियारे पर समझौता रज़ई ने यह भी बताया कि ईरान और ओमान आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले एक नए गलियारे को लेकर आपस में एक समझौता करने वाले हैं। इस प्रस्तावित गलियारे की खास बात यह होगी कि इसके प्रवेश और निकास, दोनों बिंदु ईरान के नियंत्रण में रहेंगे। इसका सीधा मतलब है कि इस रास्ते से कौन सा जहाज कब और कैसे गुजरेगा, इस पर तेहरान की सीधी निगरानी होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य इतना अहम क्यों है होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है और दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। फारस की खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादक देशों का तेल इसी संकरे जलमार्ग से होकर खुले समंदर तक पहुंचता है। ऐसे में जब कोई देश इस रास्ते पर आवाजाही सीमित करने या अनधिकृत मार्ग अपनाने वाले जहाजों को प्रतिबंधित सूची में डालने की बात करता है, तो इसका सीधा असर तेल की वैश्विक आपूर्ति पर पड़ने की आशंका बनती है। नए गलियारे के प्रवेश और निकास बिंदुओं को अपने नियंत्रण में रखने की ईरान की योजना यह भी दिखाती है कि तेहरान इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच टैंकरों पर हमलों के एक सिलसिले के तौर पर सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों की तरफ से जवाबी कार्रवाई की बात कही जा रही है। आने वाले दिनों में नया प्रतिबंधित क्षेत्र और ओमान के साथ गलियारा समझौता, दोनों औपचारिक रूप लेते हैं या नहीं, इस पर सबकी नजर रहेगी। इसका आप पर असर अगर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो सबसे बड़ा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और उसके जरिए ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है, क्योंकि दुनिया का काफी बड़ा हिस्सा कच्चा तेल इसी एक जलमार्ग से होकर गुजरता है। • ईंधन और ऊर्जा की कीमतें: इस जलमार्ग पर टैंकरों की आवाजाही में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ा सकती है। तेल आयात करने वाले देशों, जिनमें भारत भी शामिल है क्योंकि वह अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से मंगाता है, वहां इसका असर आखिरकार पेट्रोल-डीजल और बिजली के बिलों पर दिख सकता है। • शिपिंग और बीमा लागत: नए गलियारे का इस्तेमाल करने वाले जहाजों को ईरान की प्रतिबंध सूची में डाले जाने का खतरा शिपिंग कंपनियों और बीमा कंपनियों को इस इलाके के रास्तों को लेकर सतर्क कर सकता है। इससे आमतौर पर बीमा प्रीमियम और माल ढुलाई की लागत बढ़ती है, जिसका बोझ अंततः आयातकों और उपभोक्ताओं पर आता है। • कार्गो और व्यापार में देरी: नया प्रतिबंधित क्षेत्र लागू होने के बाद जहाजों को इससे बचने के लिए अपना रास्ता बदलना पड़ सकता है या इंतजार करना पड़ सकता है, जिससे खाड़ी क्षेत्र से आने-जाने वाले माल की आवाजाही धीमी पड़ सकती है। • सतर्कता बढ़ेगी: खाड़ी क्षेत्र में काम कर रही एयरलाइनों और शिपिंग कंपनियों को आने वाले दिनों में नए क्षेत्र और गलियारे के नियम लागू होते ही अपने रूट और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करनी पड़ सकती है। सवाल-जवाब 1. ईरान ने किन जहाजों पर हमला किया? ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से एक अनधिकृत मार्ग से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया, साथ ही अमेरिका से जुड़े कुछ जहाजों पर भी हमला किया। 2. यह हमला क्यों किया गया? ईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह हमला हफ्ते के अंत में अमेरिका द्वारा ईरानी टैंकरों पर किए गए हमलों के जवाब में किया गया। 3. नया प्रतिबंधित क्षेत्र क्या होगा? मोहसिन रज़ई के मुताबिक यह क्षेत्र अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी रेखा से शुरू होकर फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक फैलेगा, और इसमें घुसने वाले किसी भी जहाज को ईरान की प्रतिबंध सूची में डाला जाएगा। 4. ओमान की इसमें क्या भूमिका है? रज़ई के अनुसार ईरान और ओमान आने वाले दिनों में होर्मुज से गुजरने वाले एक नए गलियारे को लेकर समझौता करेंगे, जिसके प्रवेश और निकास बिंदु ईरान के नियंत्रण में होंगे। 5. यह जानकारी कब सामने आई? यह जानकारी रविवार को सामने आई, जिसमें बताया गया कि नया प्रतिबंधित क्षेत्र और ओमान समझौता आने वाले दिनों में लागू किए जाएंगे। 6. होर्मुज जलडमरूमध्य इतना महत्वपूर्ण क्यों है? यह ईरान और ओमान के बीच स्थित एक अहम जलमार्ग है जिससे होकर फारस की खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादक देशों का तेल दुनिया भर में पहुंचता है। https://trendkia.com/world/iran-ka-dava-hormuz-ke-pasa-tina-tela-tainkaron-aura-us-se-jure-jahajon-para-hamala-jalda-banega-naya-pratibndhita-kshetra-28719 TrendKia — Har trend, sabse pehle.