# गाजा से उड़ाई जा रही पतंगों और ड्रोनों पर इस्राइल की सख्त चेतावनी, भीषण सैन्य कार्रवाई का ऐलान

> गाजा से इस्राइली सीमा के पास पतंगें और ड्रोन उड़ाए जाने की घटनाओं पर इस्राइल ने कड़ा रुख अपनाया है। रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-08-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/israel-threatens-heavy-retaliation-over-gaza-kite-launches-as-tensions-rise-21363 · **Language:** Hindi
**Tags:** गाजा संघर्ष, इस्राइल हमास, इस्राइल काट्ज, मध्य पूर्व तनाव, सीमा सुरक्षा, फिलिस्तीन, इस्राइली सेना

गाजा पट्टी से इस्राइली सीमावर्ती इलाकों की ओर लगातार उड़ाई जा रही पतंगों, गुब्बारों और ड्रोनों की घटनाओं ने सुरक्षा चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इस्राइल ने हमास को चेतावनी दी है कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका, तो गाजा में हवाई हमलों और सैन्य कार्रवाइयों को और तेज कर दिया जाएगा। सीमा के नजदीक के समुदायों में इन उड़ने वाली वस्तुओं के मिलने के बाद इस्राइली प्रशासन और सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने सोमवार को कड़े शब्दों में ऐलान किया कि इस तरह की हरकतों को पूरी तरह कुचलने के लिए बेहद आक्रामक और जोरदार कदम उठाए जाएंगे। हालिया सप्ताह के दौरान सीमा से लगे इस्राइली इलाकों में कई ऐसी पतंगें बरामद की गईं, जिन पर हालांकि कोई विस्फोटक सामग्री नहीं बंधी थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, केवल शुक्रवार और शनिवार को ही किबुत्ज़ नहाल ओज में चार पतंगें मिलीं, जो गाजा सीमा से महज 800 मीटर यानी करीब 2,620 फीट की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा दक्षिणी इस्राइल के अन्य हिस्सों से भी ऐसी ही कई वस्तुएं मिलने की खबरें सामने आई हैं।

सेना के सूत्रों का हवाला देते हुए मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि माना जा रहा है कि इन पतंगों के पीछे हमास का हाथ हो सकता है और यह इस्राइल की प्रतिक्रिया को परखने की एक सोची-समझी चाल हो सकती है। हालांकि सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि इन पतंगों के साथ कोई संदिग्ध सामग्री नहीं पाई गई थी और फिलहाल इनसे कोई सीधा खतरा नहीं था। इसके बावजूद रक्षा मंत्री काट्ज ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात दोहराते हुए कहा कि गुब्बारे को पतंग की तरह और पतंग को ड्रोन की तरह ट्रीट किया जाएगा, चाहे उसमें विस्फोटक हो या नहीं।

नहाल ओज के स्थानीय निवासियों ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें एक बार फिर से उन incendiary यानी आग लगाने वाली पतंगों और गुब्बारों के लौटने का डर सता रहा है जिन्होंने अतीत में भारी तबाही मचाई थी। युद्ध से पहले इस तरह की पतंगों और गुब्बारों के जरिए इस्राइल के खेतों और जंगलों में भीषण आग लगाई जाती थी। निवासियों ने दो टूक कहा कि वे अपनी सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की नरमी या नियंत्रण की नीति को कतई स्वीकार नहीं करेंगे।

दूसरी ओर, हमास ने इस्राइल के इन तमाम आरोपों और धमकियों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। समूह का कहना है कि यह सभी आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत बहानों पर आधारित हैं और गाजा के लोगों पर लगातार जारी आक्रामकता और उल्लंघनों को जायज ठहराने का एक प्रयास मात्र हैं। हमास ने सफाई देते हुए कहा कि ये पतंगें युद्ध के विस्थापन शिविरों में अपनी मासूमियत भरी बचपन की तलाश कर रहे बच्चों के खिलौने हैं, जिनका आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है। समूह ने यह भी आरोप लगाया कि इस्राइल अक्टूबर में हुए संघर्ष विराम समझौते के बावजूद गाजा में अपने हवाई हमलों को जारी रखने के लिए इन पतंगों को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

तनाव के इस माहौल के बीच गाजा में सैन्य कार्रवाइयां लगातार जारी हैं। रविवार को फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि मध्य गाजा के नुसीरात शरणार्थी शिविर और अल-जुवायदा शहर में हुए दो अलग-अलग इस्राइली हमलों में दो लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार अल-जुवायदा में एक इमारत पर बमबारी की गई, जिसमें मोहम्मद ताहा नाम का चार साल का एक मासूम बच्चा मारा गया। यह इलाका मग़ाज़ी शरणार्थी शिविर के ठीक उत्तर में स्थित है।

इस्राइली सेना ने अपनी कार्रवाई के संबंध में कहा कि उसने मग़ाज़ी क्षेत्र में हमास के एक हथियार निर्माण केंद्र के कमांडर को निशाना बनाया और मार गिराया। सेना के अनुसार मारे गए कमांडर की पहचान इस्माइल अबू फुल के रूप में हुई है और इस हमले से पहले वहां के निवासियों को सुरक्षित बाहर निकलने की चेतावनी भी दी गई थी। वहीं पास ही शरण लिए हुए अबू अहमद नामक एक विस्थापित व्यक्ति ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में दर्द बयां करते हुए कहा कि वहां कोई संघर्ष विराम जैसी स्थिति नहीं है और लोग बस शांति से जीना चाहते हैं।

सोमवार को फिलिस्तीनी मीडिया ने खबर दी कि मध्य शहर डेर अल-बलाह में एक तंबू पर हुए रातभर के इस्राइली हमले में मोहम्मद अबू असद नाम का एक व्यक्ति मारा गया। इस्राइली सेना ने दावा किया कि अबू असद हमास की सैन्य विंग की कुख्यात नुख्बा फोर्स का एक सदस्य था और उसने 7 अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इस्राइल पर हुए हमास के नेतृत्व वाले हमलों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। उल्लेखनीय है कि इस सीमा पार के हमले के जवाब में ही इस्राइल ने गाजा में अपना सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसमें उस दौरान लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था।

गाजा के हमास-संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद से अब तक इस्राइली हमलों में 74,420 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें से 1,288 लोग उस समय के बाद मारे गए हैं जब पिछले साल अक्टूबर में संघर्ष विराम लागू हुआ था। सीमा पर सुलगती यह चिंगारियां इस बात का संकेत देती हैं कि दोनों पक्षों के बीच नाजुक बनी शांति कभी भी बड़े संघर्ष में बदल सकती है।

## इसका आप पर असर
इस खबर का पाठकों पर निम्नलिखित व्यावहारिक प्रभाव पड़ेगा:

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक स्थिरता पर इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।
- **सुरक्षा और यात्रा:** मध्य पूर्व की यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के मद्देनजर सतर्क रहने की आवश्यकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. इस्राइल ने गाजा को लेकर हाल ही में क्या चेतावनी दी है?
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने चेतावनी दी है कि गाजा से पतंगें, ड्रोन और गुब्बारे उड़ाए जाने की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए सैन्य हमलों को बढ़ाया जाएगा।

### 2. सीमावर्ती इलाकों में हाल ही में क्या बरामद हुआ है?
गाजा सीमा के पास इस्राइली समुदायों में कई पतंगें बरामद की गईं, जिनमें किबुत्ज़ नहाल ओज में मिली चार पतंगें भी शामिल हैं।

### 3. हमास ने पतंग उड़ाने की घटनाओं पर क्या सफाई दी है?
हमास ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ये पतंगें विस्थापन शिविरों में रहने वाले बच्चों के खिलौने हैं और इस्राइल इनका इस्तेमाल हमलों को सही ठहराने के लिए कर रहा है।

### 4. इस संघर्ष में हाल ही में हताहतों के क्या आंकड़े सामने आए हैं?
ताजा हमलों में नुसीरात शरणार्थी शिविर और अल-जुवायदा में दो लोगों की मौत हुई, जिनमें एक चार साल का बच्चा मोहम्मद ताहा भी शामिल था।

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