कीर स्टार्मर का इस्तीफा, ब्रिटेन में एक दशक के भीतर छठे प्रधानमंत्री की विदाई ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार सुबह डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर इस्तीफे का ऐलान किया, जिससे वे 2016 के ब्रेग्जिट जनमत संग्रह के बाद से पद छोड़ने वाले छठे प्रधानमंत्री बन गए। लेबर पार्टी अब नया नेता चुनेगी और मैनचेस्टर के पूर्व महापौर एंडी बर्नहैम सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार सुबह लंदन के डाउनिंग स्ट्रीट स्थित अपने सरकारी आवास के बाहर खड़े होकर इस्तीफे का ऐलान किया। 2016 में ब्रेग्जिट जनमत संग्रह के बाद से यह ब्रिटेन का छठा प्रधानमंत्री है जिसने पद गंवाया है। स्टार्मर के अपने शब्दों में स्टार्मर ने अपने जाने की वजह खुद साफ की। उन्होंने कहा, "मेरी पार्टी अभी यह सवाल पूछ रही है कि क्या मैं अगले आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सबसे सही व्यक्ति हूं। मैंने अपनी संसदीय पार्टी का जवाब सुन लिया है, और मैं उस जवाब को सहर्ष स्वीकार करता हूं।" ब्रिटेन में अगला आम चुनाव 2029 से पहले होने की उम्मीद नहीं है। गिरती साख और स्थानीय चुनावों में करारी हार स्टार्मर की लोकप्रियता प्रधानमंत्री बनने के शुरुआती दिनों से ही लुढ़कनी शुरू हो गई थी। ब्रिटेन के लोगों को टैक्स में बढ़ोतरी, सरकारी खर्च में कटौती और सार्वजनिक सेवाओं की बिगड़ती हालत का सामना करना पड़ा जबकि सुधार के वादे खोखले साबित होते रहे। मई के स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी की बुरी तरह हार हुई। पूरे देश में पार्टी ने करीब 1,500 पार्षद गंवाए और 38 नगर परिषदों पर से अपना नियंत्रण खो दिया। इनमें से बड़ी संख्या में परिषदें नाइजेल फराज की चुनौती देने वाली पार्टी रिफॉर्म UK के हाथों में चली गईं। एंडी बर्नहैम की उपचुनाव जीत बनी आखिरी तिनका शुक्रवार को हालात और पेचीदा हो गए जब मैनचेस्टर के पूर्व लेबर महापौर एंडी बर्नहैम ने नॉर्थ वेस्ट इंग्लैंड में उपचुनाव जीतकर संसद में अपनी जगह बना ली। इस जीत से पार्टी के भीतर लोकप्रिय बर्नहैम नेतृत्व की दौड़ में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से पात्र हो गए। स्टार्मर के इस्तीफे की घोषणा न होती तो वे सीधे उनकी प्रधानमंत्री की कुर्सी को भी चुनौती दे सकते थे। उत्तराधिकारी की तस्वीर साफ यह लगभग तय माना जा रहा है कि एंडी बर्नहैम ही स्टार्मर की जगह लेंगे। इस कयास को और बल मिला जब पूर्व स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने बर्नहैम को अपने समर्थन का ऐलान किया। स्ट्रीटिंग ने पिछले महीने स्टार्मर की सरकार से इस्तीफा दिया था और पहले यह कह चुके थे कि वे किसी भी नेतृत्व चुनाव में खड़े होंगे। स्टार्मर तब तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे जब तक लेबर पार्टी नया नेता नहीं चुन लेती। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया सितंबर में संसद के दोबारा शुरू होने से पहले पूरी हो जाएगी। ट्रम्प ने पहले ही भांप लिया था सप्ताहांत में डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस घटनाक्रम में दखल दिया। उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए स्टार्मर के इस्तीफे की भविष्यवाणी की और उन पर आरोप लगाया कि वे आव्रजन और ऊर्जा के मोर्चे पर "बुरी तरह विफल" रहे। सच यह है कि स्टार्मर के कार्यकाल में ब्रिटेन में शुद्ध प्रवास में कमी ज़रूर आई है, लेकिन छोटी नावों से होने वाली अवैध घुसपैठ को वे काबू नहीं कर पाए, जो जनता के बीच अनधिकृत आव्रजन का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुकी है। ट्रम्प लेबर सरकार की नॉर्थ सी में तेल और गैस की खुदाई पर लगाई गई पाबंदियों के भी खुले आलोचक रहे हैं। एक दशक में छह प्रधानमंत्री 2016 के ब्रेग्जिट जनमत संग्रह के बाद से ब्रिटेन ने जिस रफ्तार से प्रधानमंत्री बदले हैं, वह आधुनिक इतिहास में बेमिसाल है। सबसे पहले डेविड कैमरन ने ब्रेग्जिट वोट के फौरन बाद इस्तीफा दिया। फिर थेरेसा मे ने 2019 में संसद में अपना ब्रेग्जिट समझौता पास न करवा पाने के बाद पद छोड़ा। बोरिस जॉनसन अपनी सरकार के मंत्रियों के इस्तीफों की बाढ़ और व्यक्तिगत विवादों के बोझ तले दब गए। लिज़ ट्रस के मिनी-बजट ने बाज़ारों में हड़कंप मचा दिया और उन्हें जल्द ही हटना पड़ा। जुलाई 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी की प्रचंड जीत के बाद ऋषि सुनक की विदाई हुई, जिसने कंजर्वेटिव पार्टी के 14 साल के शासन का पर्दा गिरा दिया। उस पूरे कार्यकाल में पांच अलग-अलग कंजर्वेटिव प्रधानमंत्री आए। उस वक्त स्टार्मर ने इसी अस्थिरता की तीखी आलोचना की थी। अब वे खुद उसी सिलसिले की एक और कड़ी बन गए हैं। यह एक विकासशील खबर है। नए अपडेट के लिए जुड़े रहें। इसका आप पर असर • UK में रहने वाले भारतीयों के लिए: नए नेतृत्व के साथ ब्रिटेन की आव्रजन नीतियां बदल सकती हैं, इसलिए वहां काम करने या पढ़ने की योजना बनाने वाले भारतीयों को इस पर नज़र रखनी चाहिए। • एक दशक में छह प्रधानमंत्रियों का बदलना ब्रिटेन की गहरी राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाता है, जो वहां की आर्थिक और विदेश नीति दोनों को प्रभावित कर सकता है। सवाल-जवाब 1. कीर स्टार्मर ने इस्तीफा क्यों दिया? स्टार्मर की संसदीय लेबर पार्टी ने संकेत दिया कि वे अगले आम चुनाव के लिए सही नेतृत्व नहीं हैं। टैक्स बढ़ोतरी, खर्च में कटौती और मई के स्थानीय चुनावों में भारी हार के बाद उनकी लोकप्रियता गहरे संकट में पहुंच गई थी। 2. ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? मैनचेस्टर के पूर्व लेबर महापौर एंडी बर्नहैम के उत्तराधिकारी बनने की सबसे ज़्यादा उम्मीद है, खासकर तब जब पूर्व स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने उनके समर्थन की घोषणा की। 3. एंडी बर्नहैम की उपचुनाव जीत का इस घटनाक्रम में क्या महत्व था? बर्नहैम ने नॉर्थ वेस्ट इंग्लैंड में उपचुनाव जीतकर संसद में अपनी सीट हासिल की, जिससे वे लेबर नेतृत्व की दौड़ में औपचारिक रूप से शामिल होने के योग्य हो गए और स्टार्मर की कुर्सी के लिए सीधा खतरा बन गए। 4. डोनाल्ड ट्रम्प ने स्टार्मर के इस्तीफे पर क्या कहा? ट्रम्प ने सप्ताहांत में ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करके स्टार्मर के इस्तीफे की भविष्यवाणी की और आरोप लगाया कि वे आव्रजन और ऊर्जा नीति पर 'बुरी तरह विफल' रहे। 5. ब्रेग्जिट के बाद से ब्रिटेन में कितने प्रधानमंत्री बदले हैं? 2016 के ब्रेग्जिट जनमत संग्रह के बाद से कुल छह प्रधानमंत्री बदले हैं: डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज़ ट्रस, ऋषि सुनक और अब कीर स्टार्मर। 6. नया लेबर नेता कब तक चुन लिया जाएगा? स्टार्मर ने कहा कि नया नेता सितंबर में संसद के दोबारा शुरू होने से पहले चुन लिया जाएगा। 7. मई के स्थानीय चुनावों में लेबर का क्या हाल रहा? लेबर पार्टी ने पूरे देश में करीब 1,500 पार्षद गंवाए और 38 नगर परिषदों पर से नियंत्रण खो दिया, जिनमें से बड़ी संख्या नाइजेल फराज की पार्टी रिफॉर्म UK के हाथों में गई। 8. लेबर ने कंजर्वेटिव के कितने साल के शासन को खत्म किया था? जुलाई 2024 के आम चुनाव में लेबर की जीत ने कंजर्वेटिव के 14 साल के शासन का अंत किया, जिसमें पांच अलग-अलग कंजर्वेटिव प्रधानमंत्री आए थे। https://trendkia.com/world/keir-starmer-ka-istipha-britain-men-eka-dashaka-ke-bhitara-chhathe-pradhanamntri-ki-vidai-2330 TrendKia — Har trend, sabse pehle.