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  "type": "article",
  "title": "क्रेमलिन के आसमान में ड्रोनों का तांडव, व्लादिमीर पुतिन के गढ़ में वोलोडिमिर जेलेंस्की की सेना ने दागे 620 UAV",
  "summary": "यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर अब तक का सबसे भीषण ड्रोन हमला बोला है, जहां दो दिनों के भीतर सैकड़ों मानवरहित विमानों को रूसी वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा रोका गया।",
  "content": "रूस की राजधानी मॉस्को और उसके आस-पास के इलाकों को निशाना बनाकर यूक्रेन ने भारी संख्या में मानवरहित विमानों से बड़ा हमला किया है। पिछले दो वर्षों के संघर्ष के दौरान मॉस्को पर हुआ यह सबसे व्यापक हवाई हमला माना जा रहा है। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने जानकारी दी कि सोमवार शाम से लेकर मंगलवार सुबह पांच बजे के बीच कुल 620 ड्रोन मॉस्को क्षेत्र की ओर बढ़े। इनमें से 180 ड्रोनों को रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया।\n\n \n\nआपातकालीन टीमें तैनात और उड़ानों पर रोक\n\nमेयर सर्गेई सोबयानिन के मुताबिक, जिन-जिन स्थानों पर नष्ट हुए ड्रोनों का मलबा जमीन पर गिरा है, वहां राहत और बचाव कार्यों के लिए आपातकालीन दल मुस्तैद किए गए हैं। शुरुआती आकलन के अनुसार, इस बड़े पैमाने पर हुए हमले के बावजूद किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की तत्काल कोई खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, सुरक्षा के कड़े इंतजाम और संभावित खतरे को भांपते हुए मॉस्को के प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।\n\n हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि वनुकोवो, झुकोव्स्की और डोमोडेदोवो एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई, जबकि शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे पर उड़ानों को लेकर आंशिक प्रतिबंध लागू किए गए। इस हवाई हमले के बाद परिवहन व्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ा है।\n\n \n\nदो दिनों में दूसरा सबसे बड़ा हमला\n\nइससे पहले रविवार रात को भी रूस की राजधानी पर लगभग 600 ड्रोनों के जरिए हमला किए जाने की सूचना मिली थी। महज दो दिनों के भीतर इस तरह के दो बड़े हमलों से यह साफ हो जाता है कि दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध में हवाई हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है और अब रूस के अंदरूनी हिस्से भी इसकी चपेट में हैं।\n\n \n\nनोवोरोस्सिय्स्क में नौसैनिक अड्डे पर तबाही\n\nरूस के नोवोरोस्सिय्स्क शहर में भी यूक्रेनी ड्रोन हमले से भारी तबाही मच चुकी है। 12 अगस्त को हुए इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी और आठ अन्य लोग घायल हुए थे। क्रास्नोडार क्षेत्र के गवर्नर वेनियामिन कोंद्रात्येव ने इस घटना की पुष्टि की थी। हमले की गंभीरता को देखते हुए नोवोरोस्सिय्स्क के मेयर आंद्रेई क्रावचेंको ने शहर में आपातकाल घोषित कर दिया था।\n\n इस हमले की वजह से कई शैक्षणिक संस्थानों की इमारतों को नुकसान पहुंचा और पानी की दो मुख्य पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिसके चलते स्थानीय निवासियों को जलापूर्ति की समस्या से जूझना पड़ा। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, एक पाइपलाइन की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि दूसरी पाइपलाइन को ठीक करने की प्रक्रिया अभी भी जारी है।\n\n \n\nअन्य क्षेत्रों में भी नागरिक casualties\n\nकेवल मॉस्को या नोवोरोस्सिय्स्क ही नहीं, बल्कि रूस के कई अन्य क्षेत्रों से भी ड्रोन हमलों में नागरिकों के हताहत होने की दुखद खबरें सामने आई हैं। बेलगोरोद क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान हुए हमलों में दो लोगों की जान चली गई और तीन लोग घायल बताए गए हैं। इसके अलावा रूस के नियंत्रण वाले लुहांस्क क्षेत्र में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक किशोर और सात अन्य वयस्क नागरिक घायल हो गए। क्रीमिया से भी एक व्यक्ति के मारे जाने की सूचना मिली है।\n\n \n\nवोलोडिमिर जेलेंस्की का रणनीतिक खुलासा\n\nयूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक बयान में दावा किया कि नोवोरोस्सिय्स्क में किया गया हमला विशेष रूप से रूस के महत्वपूर्ण नौसैनिक अड्डे को नेस्तनाबूद करने के लिए था। यह नौसैनिक अड्डा काला सागर में रूसी बेड़े के संचालन के लिए अत्यधिक सामरिक महत्व रखता है। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि इस सैन्य कार्रवाई में रूसी वायु रक्षा ठिकानों, बंदरगाह के पियर और समुद्री बुनियादी ढांचे को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया था। ये लगातार हमले दर्शाते हैं कि यह युद्ध अब केवल मोर्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के रणनीतिक, सैन्य और शहरी बुनियादी ढांचे को तहस-नहस करने पर उतर आए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nरूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस भीषण संघर्ष का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक सुरक्षा पर पड़ रहा है।\n\n• भारत में: इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और परिवहन लागत में उतार-चढ़ाव आ सकता है, जिसका असर भारतीय घरेलू बाजार और ईंधन दरों पर पड़ सकता है।\n• रूस और यूरोप में: लगातार बढ़ते ड्रोन हमलों और हवाई क्षेत्र की पाबंदियों के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा, स्थानीय उड़ानों और दैनिक आवाजाही पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मॉस्को पर हाल ही में कितने ड्रोन दागे गए थे?\nसोमवार शाम से मंगलवार सुबह के बीच मॉस्को क्षेत्र की ओर कुल 620 मानवरहित विमान पहुंचे थे।\n\n2. कितने ड्रोनों को रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने नष्ट किया?\nरूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने इनमें से 180 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया।\n\n3. कौन-कौन से हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा?\nसुरक्षा के लिहाज से वनुकोवो, झुकोव्स्की और डोमोडेदोवो हवाई अड्डों पर उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं, जबकि शेरेमेत्येवो पर आंशिक प्रतिबंध लगाए गए।\n\n4. नोवोरोस्सिय्स्क शहर में हमले के दौरान क्या नुकसान हुआ?\nइस हमले में तीन लोगों की मौत हुई, आठ घायल हुए, शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुंचा और दो मुख्य पानी की पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं।\n\n5. वोलोडिमिर जेलेंस्की के अनुसार नोवोरोस्सिय्स्क में किसे निशाना बनाया गया था?\nयूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार यह हमला रूस के नौसैनिक अड्डे, वायु रक्षा ठिकानों और बंदरगाह की बुनियादी सुविधाओं को निशाना बनाकर किया गया था।",
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  "category": "दुनिया",
  "publishedAt": "2026-08-18",
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    "मॉस्को ड्रोन हमला",
    "रूस यूक्रेन युद्ध",
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