# मोनाको हमले की संदिग्ध की हत्या का मामला: यूक्रेनी एजेंट का बदला हुआ बयान

> कीव की अदालत में एक यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंट ने अपना पिछला इकबालिया बयान पलट दिया है और अब हत्या का आरोप अपने साथी पर मढ़ दिया है।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-07-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/monaco-hamle-ki-sandigdh-ki-hatya-ka-mamla-ukrainian-agent-ka-badla-hua-bayan-6344 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूक्रेन, मोनाको, अपराध, खुफिया एजेंसी, कीव

कीव की एक अदालत में गुरुवार को सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, जहां एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया। एक यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंट, जिसने पिछले हफ्ते मोनाको में एक व्यवसायी और उसके परिवार पर हमले की संदिग्ध महिला की हत्या करने की बात स्वीकार की थी, अब उसने दावा किया है कि उसने गोली नहीं चलाई थी।

## अदालत में नया बयान
कीव की हिरासत सुनवाई के दौरान व्लादिस्लाव र्युत, जो कुछ दिन पहले ही जांचकर्ताओं को जंगलों में अनास्तासिया बेरेज़ोव्स्का की कब्र तक ले गया था, ने अब कहा कि वह इस हत्या में अपनी संलिप्तता से पूरी तरह इनकार करता है। उसने इसके बजाय अपने सह-आरोपी पर सारा दोष मढ़ दिया है। यह मामला इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि र्युत यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी GUR का एक सक्रिय और सम्मानित अधिकारी है, जबकि उसका सह-आरोपी विताली ज़िकोविच हाल ही तक SBU सुरक्षा सेवा में कार्यरत था।

## राष्ट्रपति का रुख और घटनाक्रम
गुरुवार की शाम यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में वह अतिरिक्त और प्रासंगिक रिपोर्ट साझा करेंगे। मोनाको में हुए धमाके का वास्तविक मकसद अभी भी स्पष्ट नहीं है। व्यवसायी वादिम यरमोलायेव ने कई साल पहले यूक्रेनी नागरिकता छोड़ दी थी। उन पर कीव द्वारा प्रतिबंध भी लगाए गए थे क्योंकि रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा किए जाने के बाद उन्होंने वहां व्यापार जारी रखा था। अब उस हमले की मुख्य संदिग्ध की भी हत्या हो चुकी है।

## जांच और कबूलनामा
दोनों संदिग्धों को अलग-अलग सुनवाई के लिए हथकड़ी लगाकर अदालत में लाया गया था, जिन्हें भारी हथियारों से लैस और नकाबपोश सुरक्षा अधिकारियों ने घेर रखा था। अदालत की कांच की पिंजरे में बैठे दोनों आरोपी अपने हुड ऊपर किए हुए थे और मास्क से चेहरे ढके हुए थे। अभियोजक ने स्पष्ट किया कि अनास्तासिया बेरेज़ोव्स्का मोनाको में धमाके के दो दिन बाद ही यूक्रेन पहुंच गई थी, जब तक कि उसकी पहचान मामले में मुख्य संदिग्ध के रूप में नहीं हुई थी। जांचकर्ताओं ने अनास्तासिया बेरेज़ोव्स्का के फोन रिकॉर्ड का उपयोग करते हुए विताली ज़िकोविच (50) और र्युत (34) तक पहुंच बनाई। उन्होंने नकदी और क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर का पता लगाया जो उन्होंने अनास्तासिया बेरेज़ोव्स्का के खातों में किए थे। शुरुआत में र्युत ने हत्या की बात स्वीकार की थी और वह स्वयं जांचकर्ताओं को कीव के पश्चिम में उस स्थान पर ले गया जहां उसने शव को शाखाओं से ढंककर दफनाया था।

## नया दावा और बचाव
अदालत में र्युत ने कहा कि वह अब सच बोलना चाहता है। उसने दावा किया कि दोनों ने अपनी BMW कार में अनास्तासिया बेरेज़ोव्स्का को हाईवे से उठाया था क्योंकि उसे एक आपराधिक मामले के चलते छिपने की जरूरत थी। र्युत का कहना है कि रास्ते में विताली ज़िकोविच ने अपने बैग से एक मॉडिफाइड मकारोव पिस्तौल निकाली। र्युत के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया, तो विताली ज़िकोविच ने कहा कि यह सिर्फ सावधानी के लिए है। बाद में सभी युरीव गांव के पास जंगल में उतरे जहां र्युत के अनुसार विताली ज़िकोविच ने उसे गोली चलाने का आदेश दिया। र्युत का दावा है कि विताली ज़िकोविच ने खुद ही अनास्तासिया बेरेज़ोव्स्का को चार गोलियां मारीं और फिर शव को छिपा दिया। र्युत का यह भी कहना है कि उसे विताली ज़िकोविच द्वारा धमकाया गया था कि यदि उसे कुछ हुआ, तो र्युत के रिश्तेदार खतरे में होंगे। विताली ज़िकोविच के वकील अनातोली इवानोव ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने अपने मुवक्किल को एक देशभक्त बताया जिसने 2014 में पूर्वी यूक्रेन में लड़ाई लड़ी थी।

## अनसुलझे सवाल
अभियोजक का कहना है कि दोनों ने संयुक्त रूप से इस हत्या को अंजाम दिया है। इस मामले में अब कई तरह के सिद्धांत सामने आ रहे हैं, जिसमें भ्रष्टाचार से लेकर संगठित अपराध और रूस का हाथ होने तक की संभावना जताई जा रही है। अभियोजक दिमित्रो तकाचुक ने कहा कि वे सभी सूचनाओं की जांच कर रहे हैं। फिलहाल, दोनों आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया गया है और वे न्यायिक हिरासत में हैं।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह अंतरराष्ट्रीय अपराध का मामला भारतीय पाठकों के लिए एक वैश्विक घटनाक्रम है, जिसका सुरक्षा प्रणालियों और इंटेलिजेंस एजेंसियों के काम करने के तरीकों पर प्रभाव पड़ता है।

**कीव में:** स्थानीय नागरिकों के लिए यह मामला खुफिया एजेंसियों की जवाबदेही और कानून-व्यवस्था के प्रति प्रशासन की कठोरता पर सवाल उठाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. मोनाको हमले की संदिग्ध कौन थी?
मोनाको हमले की मुख्य संदिग्ध अनास्तासिया बेरेज़ोव्स्का थी, जिसकी हत्या के मामले में दो यूक्रेनी एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है।

### 2. आरोपियों ने कौन सी एजेंसी में काम किया है?
व्लादिस्लाव र्युत यूक्रेनी सैन्य खुफिया एजेंसी GUR का एक सक्रिय अधिकारी है, जबकि विताली ज़िकोविच SBU सुरक्षा सेवा में काम कर चुका है।

### 3. न्यायाधीश ने आरोपियों की जमानत पर क्या फैसला सुनाया?
न्यायाधीश ने दोनों संदिग्धों को जमानत देने से इनकार कर दिया और उन्हें जांच जारी रहने तक हिरासत में भेज दिया है।

### 4. हत्या का कथित मकसद क्या है?
इस मामले का सटीक मकसद अभी भी स्पष्ट नहीं है, हालांकि जांचकर्ता भ्रष्टाचार से लेकर संगठित अपराध और रूस के संभावित संबंधों तक के विभिन्न सिद्धांतों पर विचार कर रहे हैं।

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