# नेगोंबो जेल में खूनी झड़प, 26 लोगों की मौत, श्रीलंका के न्याय मंत्री ने ली जिम्मेदारी

> श्रीलंका की नेगोंबो जेल में कैदियों और जेल कर्मचारियों के बीच हिंसक झड़प में 26 लोगों की जान गई और 100 से ज्यादा घायल हुए। न्याय मंत्री हर्षणा नानायक्कारा ने घटना की जिम्मेदारी स्वीकार की है।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-07-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/negombo-jela-men-khuni-jharapa-26-logon-ki-mauta-sri-lanka-ke-nyaya-mntri-ne-li-jimmedari-5245 · **Language:** Hindi
**Tags:** नेगोंबो जेल, श्रीलंका जेल हिंसा, हर्षणा नानायक्कारा, जेल दंगा, कैदी झड़प, श्रीलंका न्याय मंत्री

श्रीलंका की नेगोंबो जेल में हुई खूनी हिंसा ने पूरे देश को हिला दिया है। कैदियों और जेल कर्मचारियों के बीच भड़की झड़प में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी लेते हुए श्रीलंका के न्याय मंत्री हर्षणा नानायक्कारा सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक जिस वक्त यह हिंसा भड़की, उस समय जेल में क्षमता से कहीं ज्यादा कैदी बंद थे।

न्याय मंत्री ने मीडिया के सामने साफ शब्दों में कहा कि यह संस्थान उनके अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए वे इसकी जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने बताया कि इस हिंसा में सात जेल अधिकारी और उन्नीस कैदी मारे गए हैं। नानायक्कारा के अनुसार अब हालात पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाने जरूरी हैं।

## जांच के आदेश, कई एजेंसियां जुटीं
जेल विभाग के मीडिया प्रवक्ता एसी गजनायके ने बताया कि इस घटना की एक विशेष जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने जानकारी दी कि जेल महानिरीक्षक की ओर से एक जांच दल का गठन किया गया है। इस दल को हिंसा के कारणों और उससे जुड़ी घटनाओं की पूरी पड़ताल करने का काम सौंपा गया है। इसके साथ ही एक अलग पुलिस जांच भी चल रही है, ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

अधिकारियों के अनुसार रविवार को इस घटना की मजिस्ट्रेट स्तर की जांच भी कराई गई। हिंसा और उसके बाद फैली अराजकता में हुए नुकसान का ब्योरा भी अधिकारियों ने साझा किया। मरने वाले 26 लोगों में सात जेल अधिकारी शामिल हैं, वहीं मारे गए लोगों में उन्नीस कैदी थे। इस झड़प के दौरान 100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए।

## दो दिन तक भड़कती रही हिंसा
अधिकारियों ने बताया कि पहली झड़प रविवार को कैदियों के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हुई थी। इसके बाद सोमवार को हिंसा एक बार फिर भड़क उठी। दोबारा हुई इस झड़प के दौरान उपद्रवी कैदियों ने जेल के हथियार तक अपने कब्जे में ले लिए। हालात बिगड़ते देख सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) और दंगा नियंत्रण दस्तों को मौके पर तैनात किया गया।

जानकारी के मुताबिक जब लड़ाई शुरू हुई, उस वक्त जेल के भीतर करीब 1,800 कैदी मौजूद थे। शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस हिंसा का संबंध जेल के अंदर चल रही ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों से हो सकता है। बताया जा रहा है कि एक गुट जेल के अंदर नशीले पदार्थों की तस्करी का समर्थन कर रहा था, जबकि दूसरा गुट इन गतिविधियों का विरोध कर रहा था। अधिकारियों का मानना है कि यही आपसी टकराव इस खूनी झड़प की वजह बना।

## हालात संभालने की कोशिश
हिंसा के बाद व्यवस्था बहाल करने के लिए अधिकारियों ने कई कदम उठाए। सोमवार को तीन कैदियों को पल्लनसेना जेल शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक यह तबादला इसलिए किया गया ताकि तनाव कम हो और आगे किसी तरह के हमले को रोका जा सके। जांच अभी जारी है और अधिकारियों ने साफ किया है कि नेगोंबो जेल में किसी भी नए उपद्रव को टालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है।

## इसका आप पर असर
- **पाठकों के लिए:** यह घटना दिखाती है कि जेलों में क्षमता से ज्यादा भीड़ और नशीले पदार्थों की गतिविधियां कितनी बड़ी सुरक्षा चूक बन सकती हैं।
- **श्रीलंका में:** जांच पूरी होने तक नेगोंबो जेल और आसपास सुरक्षा कड़ी रहेगी, जिससे कैदियों के परिजनों की मुलाकात और आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. नेगोंबो जेल की हिंसा में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हिंसा में कुल 26 लोगों की मौत हुई, जिनमें सात जेल अधिकारी और उन्नीस कैदी शामिल हैं।

### 2. इस घटना की जिम्मेदारी किसने ली?
श्रीलंका के न्याय मंत्री हर्षणा नानायक्कारा ने घटना की जिम्मेदारी स्वीकार की और कहा कि यह संस्थान उनके अधिकार क्षेत्र में आता है।

### 3. हिंसा की वजह क्या मानी जा रही है?
शुरुआती जांच में हिंसा का संबंध जेल के अंदर चल रही ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों से बताया जा रहा है, जहां एक गुट तस्करी का समर्थन और दूसरा विरोध कर रहा था।

### 4. घटना के समय जेल में कितने कैदी थे?
जब लड़ाई शुरू हुई, उस वक्त जेल के भीतर करीब 1,800 कैदी मौजूद थे।

### 5. हालात संभालने के लिए क्या कदम उठाए गए?
पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) और दंगा नियंत्रण दस्तों को तैनात किया गया, और तीन कैदियों को पल्लनसेना जेल शिविर में स्थानांतरित किया गया।

### 6. क्या घटना की जांच हो रही है?
हां, जेल महानिरीक्षक की ओर से गठित एक विशेष जांच दल के साथ अलग पुलिस जांच भी चल रही है, और रविवार को मजिस्ट्रेट स्तर की जांच भी हुई।

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