ओमान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान में बनी बात, जल्द खुल सकता है होर्मुज जलडमरूमध्य ओमान में मध्यस्थों ने अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का समझौता ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद है। दुनिया भर के व्यापारिक और ऊर्जा क्षेत्रों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर से सभी प्रकार के कमर्शियल जहाजों की आवाजाही के लिए खोला जा सकता है। अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच चल रही अप्रत्यक्ष कूटनीतिक बातचीत अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। खाड़ी देश ओमान की मध्यस्थता में तैयार किया गया एक विशेष समझौता मसौदा अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है, जिससे इस प्रमुख वैश्विक समुद्री मार्ग पर सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। इस पूरी समस्या की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया था। इस हमले के कड़े जवाब में ईरान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे, जिसके बाद से इस मार्ग से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय शिपिंग जहाजों का संचालन पूरी तरह से बाधित हो गया था और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा संकट मंडराने लगा था। ओमान में मध्यस्थता वार्ता और समझौते का ढांचा ओमान में मौजूद एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र ने इस बात की आधिकारिक जानकारी दी है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच महीनों से चले आ रहे गंभीर सैन्य और कूटनीतिक तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थों द्वारा तैयार किया गया समझौते का ड्राफ्ट अब अंतिम रूप ले चुका है। मध्यस्थों की टीमों ने दोनों देशों के रुख और मांगों को ध्यान में रखते हुए इस मसौदे को बहुत ही सावधानीपूर्वक तैयार किया है। फिलहाल ओमान की राजधानी में अमेरिका और ईरान दोनों देशों की बातचीत करने वाली टीमें लगातार बैठकों में हिस्सा ले रही हैं। इन उच्च स्तरीय चर्चाओं का मुख्य ध्यान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले तेल टैंकरों और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ भविष्य में किसी भी नए सैन्य टकराव की संभावना को पूरी तरह समाप्त करने पर केंद्रित है। इसके अतिरिक्त, ओमान में आयोजित की जा रही इन बैठकों के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के भविष्य के संचालन, गश्त और प्रबंधन से जुड़े सभी आवश्यक नियमों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। ऊर्जा बाजारों पर असर और अमेरिका का रुख इस नए कूटनीतिक घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने भी बहुत जल्द किसी बड़ी सफलता की उम्मीद जताई है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिदृश्य और ऊर्जा सुरक्षा पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से शुरू करने पर बहुत जल्द एक अंतिम समझौता हो सकता है। उनके आकलन के अनुसार, यह ऐतिहासिक समझौता आज या कल तक संपन्न होने की पूरी संभावना है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के दोबारा खुलने से पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजारों में स्थिरता आएगी, जो हमले के बाद से लगातार अनिश्चितता और मूल्य वृद्धि के जोखिम से जूझ रहे थे। एक प्रमुख मीडिया इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि वाशिंगटन का प्राथमिक उद्देश्य इस अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर वाणिज्यिक जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही को जल्द से जल्द पुनः बहाल करना है। उन्होंने याद दिलाया कि 28 फरवरी को अमेरिकी और इजराइली ताकतों द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय पोतों के संचालन के लिए एक पूरी तरह खुला, स्वतंत्र और सुरक्षित समुद्री मार्ग था। हालांकि, उस सैन्य टकराव के बाद से इस मार्ग पर जहाजों का सामान्य संचालन पूरी तरह ठप पड़ा हुआ था। ईरान का वर्तमान नियंत्रण और शर्तें मौजूदा स्थिति की बात करें तो इस संकीर्ण जलमार्ग पर वर्तमान में ईरान का प्रभावी सैन्य और रणनीतिक नियंत्रण बना हुआ है। ईरान ने इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए अपनी सख्त शर्तें लागू कर रखी हैं। ईरान चाहता है कि वहां से गुजरने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय पोत सबसे पहले उसके अधिकारियों के साथ आधिकारिक समन्वय स्थापित करें। इसके साथ ही ईरान ने यह शर्त भी रखी है कि सभी कमर्शियल जहाज उसके तटीय क्षेत्रों के समीप तय किए गए विशिष्ट और सीमित समुद्री रास्तों से ही होकर गुजरें। केवल इतना ही नहीं, ईरान इस जलमार्ग से होकर गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों से टोल यानी आवाजाही शुल्क वसूलने का प्रयास भी कर रहा है। दूसरी तरफ, अमेरिका ईरान की इन सभी एकतरफा शर्तों, गश्त के दावों और जहाजों से शुल्क वसूलने की कोशिशों का लगातार और कड़ा विरोध कर रहा है। खाड़ी सहयोगियों की भूमिका और कूटनीतिक स्थिति होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए इस बड़े संकट को दूर करने के लिए खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख पड़ोसी देशों ने भी एक बेहद अहम कूटनीतिक भूमिका निभाई है। सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले पर अपना दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और अन्य खाड़ी देशों के विशेष आग्रह और अनुरोध पर ईरान के साथ बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ाने पर अपनी सहमति दी थी। दूसरी ओर, ईरान की ओर से अमेरिका के साथ सीधे संवाद के दावों को सिरे से खारिज किया गया है। ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसकी अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। इस बीच, मंगलवार को कतर सरकार ने भी आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिशें और कूटनीतिक प्रयास अभी भी निरंतर जारी हैं। हालांकि, कतर ने यह भी साफ कर दिया है कि वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच किसी भी प्रकार की सीधी या प्रत्यक्ष वार्ता की कोई तात्कालिक योजना नहीं बनाई गई है। इसका आप पर असर पाठकों पर प्रभाव: • भारत में: होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति सुचारू होगी, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और एलपीजी दरों पर दबाव कम हो सकता है। • वैश्विक स्तर पर: अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग सामान्य होने से समुद्री मालभाड़े में कमी आएगी और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता लौटेगी। सवाल-जवाब 1. क्या अमेरिका और ईरान के बीच सीधे बातचीत हो रही है? नहीं, दोनों देशों के बीच ओमान और कतर के माध्यम से अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है, और ईरान ने सीधे संवाद से इनकार किया है। 2. होर्मुज जलडमरूमध्य को कब बंद किया गया था? 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद ईरान ने इस जलमार्ग पर प्रतिबंध लगा दिए थे। 3. अमेरिकी वित्त मंत्री के अनुसार समझौता कब तक हो सकता है? अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार आज या कल तक होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर समझौता होने की संभावना है। 4. इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए ईरान की क्या शर्तें हैं? ईरान चाहता है कि जहाज उसके अधिकारियों से समन्वय करें, उसके तटीय रास्तों से गुजरें और टोल शुल्क का भुगतान करें। 5. किन खाड़ी देशों ने बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया था? सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और अन्य खाड़ी देशों के अनुरोध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई थी। https://trendkia.com/world/oman-ki-madhyasthata-se-usa-aura-iran-men-bani-bata-jalda-khula-sakata-hai-strait-of-hormuz-13744 TrendKia — Har trend, sabse pehle.