# ओमान तट पर अमेरिकी हमलों में 3 भारतीय नाविकों की मौत, जयशंकर का कड़ा विरोध; रुबियो ने दी होर्मुज पर सख्ती की चेतावनी

> ओमान के पास तीन जहाजों पर अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में 3 भारतीय नाविकों की जान गई, जिस पर भारत ने तीखा एतराज जताया है, जबकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में नाकेबंदी उल्लंघन बर्दाश्त न करने की बात दोहराई।

**Category:** दुनिया · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/omana-tata-para-ameriki-hamalon-men-3-bharatiya-navikon-ki-mauta-jayashnkara-ka--526

खाड़ी के पानी में बढ़ते टकराव ने अब भारत और अमेरिका के रिश्तों में भी खटास घोल दी है। ओमान तट के नज़दीक तीन व्यापारिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में जहां तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, वहीं वॉशिंगटन ईरान से जुड़े तेल कारोबार और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में कथित नाकेबंदी तोड़े जाने को लेकर और कड़ा रुख अपना रहा है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत में यह तनाव खुलकर सामने आया।

## रूबियो का दो टूक संदेश

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar से बातचीत में यह साफ कर दिया कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई किसी भी सूरत में मंज़ूर नहीं की जाएगी। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Pigott की ओर से जारी बयान के मुताबिक, रूबियो ने जयशंकर से कहा कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में शांति और सुरक्षा कायम रखने के लिए हर वाणिज्यिक जहाज को अमेरिकी सेना के निर्देशों का तत्काल पालन करना होगा।

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## भारत का कड़ा एतराज

दूसरी ओर, भारत ने इस पूरे मामले पर अपना विरोध मज़बूती से दर्ज कराया है। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने शुक्रवार को अमेरिकी समकक्ष से बात की और ओमान तट के पास हुए हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत पर सख्त नाराज़गी जताई। सोशल मीडिया मंच X पर उन्होंने लिखा कि अमेरिकी कार्रवाई को लेकर भारत की कड़ी आपत्ति उन्होंने दोहरा दी है। जयशंकर के शब्दों में— 'व्यावसायिक जहाजों पर इस तरह की जानलेवा कार्रवाई उचित नहीं है। मैंने अमेरिकी विदेश मंत्री को भारत का मजबूत विरोध दोहराया है।'

## एक हफ्ते में तीन जहाज निशाने पर

इसी सप्ताह ओमान के नज़दीक तीन ऐसे जहाजों पर हमले हुए जिन पर भारतीय चालक दल मौजूद था, और इनमें से एक हमले ने तीन भारतीय नाविकों की जान ले ली। घटनाओं का सिलसिला कुछ इस तरह रहा:

	- पलाऊ का ध्वज लगाए जहाज 'मारिवेक्स' (Marivex) पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। 8 जून को अमेरिकी बलों ने इसे निष्क्रिय कर दिया, मगर इस मामले में सभी नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया।

	- 10 जून को पलाऊ के ही ध्वज वाले एक और टैंकर 'सेटेबेलो' (Setebello) को निशाना बनाया गया, जिस पर सवार 24 में से 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई।

	- तीसरा जहाज गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाला 'जालवीर' (Jalveer) था, जिस पर गुरुवार को हमला हुआ। इस पर 20 भारतीय मौजूद थे।

## राजनयिक स्तर पर भारत की प्रतिक्रिया

इन घटनाओं के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक प्रमुख Jason Meeks को तलब किया और उन्हें दो टूक बता दिया कि भारतीय नाविकों के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बार फिर उन्हें बुलाकर अपना विरोध दोहराया और कहा कि अमेरिकी नौसेना द्वारा नागरिक जहाजों पर घातक बल के इस्तेमाल को लेकर भारत गहरी चिंता रखता है।

## क्यों गहरा सकता है तनाव

यह पहला मौका है जब भारत ने सार्वजनिक रूप से माना है कि ओमान के पास तीन जहाजों पर अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई हुई, जिन पर भारतीय चालक दल था और तीन नागरिकों की मौत हुई। एक तरफ अमेरिका ईरान से जुड़े तेल परिवहन पर शिकंजा कसने पर अड़ा है, तो दूसरी ओर भारत अपने नागरिकों की मौत पर जवाबदेही मांग रहा है। यही टकराव दोनों देशों के बीच कूटनीतिक खींचतान को और बढ़ाता दिख रहा है।

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