पापुआ में अमेरिकी पायलट की हत्या के बाद विमान में लगाई आग, बागियों ने अमेरिका-इंडोनेशिया को दी खुली चेतावनी इंडोनेशिया के पापुआ स्थित याहुकिमो में अलगाववादी लड़ाकों ने अमेरिकी पायलट निकोलस एफ. गोसलिन की हत्या कर एक यात्री विमान जला डाला, टीपीएनपीबी ने इसे अमेरिका और इंडोनेशिया के लिए चेतावनी बताया है. इंडोनेशिया के पापुआ इलाके में एक अमेरिकी पायलट की गोली मारकर हत्या कर दी गई और एक यात्री विमान को जलाकर राख कर दिया गया. अलगाववादी लड़ाकों का कहना है कि यह हमला वॉशिंगटन और जकार्ता दोनों के लिए सीधी चेतावनी है. यह वारदात ऐसे समय हुई है जब अमेरिका अभी ईरान के साथ हुए टकराव के झटकों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था और अब उसे हजारों किलोमीटर दूर पापुआ के पहाड़ी इलाके में एक नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. याहुकिमो के पहाड़ों में हुआ हमला यह वारदात पापुआ के पहाड़ी जिले याहुकिमो में हुई, जहां पिछले कई दशकों से एक छोटा अलगाववादी आंदोलन इंडोनेशिया से अलग होकर नया देश बनाने की मांग कर रहा है. इंडोनेशियाई सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इलाके के एक सुनसान रनवे पर पूरी तरह जला हुआ विमान मिला है, हालांकि पायलट की मौत और बागियों के दावों की जमीनी सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है. हाल के महीनों में इन लड़ाकों के हमले पहले से कहीं ज्यादा घातक, हिंसक और हाईटेक हो गए हैं, जिसने जकार्ता से लेकर वॉशिंगटन तक हलचल मचा दी है. बागी संगठन ने ली हमले की जिम्मेदारी इस हमले को वेस्ट पापुआ नेशनल लिबरेशन आर्मी यानी टीपीएनपीबी नाम के कट्टर अलगाववादी संगठन ने अंजाम दिया है. संगठन के प्रवक्ता सेब्बी संबोम ने खुद सामने आकर पूरे हमले की जिम्मेदारी ली. संबोम के मुताबिक, टीपीएनपीबी के लड़ाकों ने अमेरिकी पायलट निकोलस एफ. गोसलिन को घेर लिया और जैसे ही उनका विमान बालिंगगामा जिले के एक छोटे हवाईअड्डे पर उतरा, उन्हें मौत के घाट उतार दिया. इंडोनेशियाई सेना पर बागियों के गंभीर आरोप बागियों ने इंडोनेशियाई सेना पर एक बड़ा आरोप भी लगाया. उनका दावा है कि यह यात्री विमान असल में कोई सामान्य नागरिक उड़ान नहीं था, बल्कि लंबे समय से इसका इस्तेमाल इंडोनेशियाई सैनिकों और हथियारों को चुपचाप इस संघर्षग्रस्त इलाके में पहुंचाने के लिए किया जा रहा था. 'यह सबक इंडोनेशिया और अमेरिका कभी नहीं भूलेंगे' संबोम ने बताया कि लड़ाकों का गुस्सा इसलिए भड़का क्योंकि उन्होंने पहले ही नागरिक उड़ानों को इस इलाके से दूर रहने का सख्त अल्टीमेटम दे रखा था, लेकिन इंडोनेशिया और अमेरिकी प्रशासन दोनों ने बार-बार इस चेतावनी को नजरअंदाज किया. तीखे और आक्रामक लहजे में संबोम ने कहा कि यह हमला इंडोनेशिया और अमेरिका दोनों सरकारों के लिए एक बड़ा और कभी न भुलाया जाने वाला सबक है, क्योंकि दोनों देश पापुआ के इस पुराने संघर्ष की जड़ तक पहुंचने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं. उन्होंने आगे एक डरावनी चेतावनी भी दी कि अगर इंडोनेशिया ने अपनी जिद छोड़कर बागी-नियंत्रित इन 'रेड जोन' इलाकों में नागरिक उड़ानें भेजना तुरंत बंद नहीं किया, तो आने वाले समय में उतरने वाला हर विमान इसी तरह जलाकर राख कर दिया जाएगा. हथियार, कुल्हाड़ियां और आजादी का झंडा हमले के तुरंत बाद बागी संगठन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को हिलाकर रख दिया. इस वीडियो में सैन्य वर्दी जैसे कपड़े पहने लड़ाके आधुनिक मशीनगन, बंदूकें और धारदार कुल्हाड़ियां लहराते और विक्ट्री का निशान बनाते नजर आए. वे पापुआ की आजादी का प्रतीक माने जाने वाले अपने विवादित 'मॉर्निंग स्टार' झंडे को फहराते हुए इस खूनी हमले का जश्न मनाते और चीखते-चिल्लाते दिखे. वीडियो सामने आते ही इंडोनेशियाई सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं और सेना ने पूरे पहाड़ी इलाके को चारों तरफ से घेर लिया. सुरक्षाबल जांच में जुटे, दावों की पुष्टि बाकी इस बीच इंडोनेशिया की पुलिस और सेना की संयुक्त टास्क फोर्स फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है. अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर बताया कि याहुकिमो के एक हवाईअड्डे पर एक विमान पूरी तरह जलकर कोयला बन चुका है. अधिकारियों के मुताबिक इस विमान में एक अमेरिकी पायलट और पापुआ के सात स्थानीय यात्री सवार थे. सुरक्षा अभियान के मुख्य प्रवक्ता यूसुफ सुतेजो ने मीडिया से कहा कि वे अभी गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या विमान वाकई बागियों की अंधाधुंध गोलीबारी का शिकार हुआ और क्या पायलट निकोलस की जान जा चुकी है या उन्हें कहीं बंधक बनाया गया है. दूरदराज गांवों की जीवनरेखा बना निशाना इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि यह विमान वामेना से याहुकिमो के सुदूर इलाके के लिए रवाना हुआ था. उड़ान सामान्य लग रही थी, लेकिन रनवे पर उतरने के कुछ ही मिनट बाद कंट्रोल रूम से इसका संपर्क पूरी तरह टूट गया. यह विमान 'पीटी एएमए' नाम की एक लोकप्रिय निजी एयरलाइन का था. यह कोई लग्जरी एयरलाइन नहीं, बल्कि पापुआ के सबसे दूरदराज, कटे हुए और खतरनाक पहाड़ी गांवों में रहने वाले गरीब आदिवासियों तक खाना, राशन, तेल, जरूरी दवाइयां और डाक पहुंचाने वाली एक जीवनरेखा सेवा है, जहां पहुंचने के लिए कोई सड़क तक नहीं है. दशकों पुराना संघर्ष, अब सीधे निशाने पर अमेरिका पापुआ लंबे समय से इंडोनेशिया के सबसे संवेदनशील इलाकों में गिना जाता रहा है, जहां पहाड़ों में एक धीमी लेकिन लगातार चलने वाली अलगाववादी बगावत सुलगती रही है. जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे बागियों के पास आधुनिक हथियार पहुंच रहे हैं और वे सोशल मीडिया के जरिए अपने हमलों को खुलकर सामने ला रहे हैं, वैसे-वैसे यह संघर्ष जंगलों तक सीमित न रहकर सीधे अमेरिका जैसी बड़ी ताकत को निशाना बनाने तक पहुंच गया है. वॉशिंगटन और एयरलाइन की चुप्पी इस बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना के बाद जकार्ता में मौजूद अमेरिकी दूतावास और पीटी एएमए एयरलाइन के दफ्तरों में सन्नाटा पसरा है और अब तक किसी भी तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव साफ बढ़ता दिख रहा है, और अब यह देखना बाकी है कि जकार्ता और वॉशिंगटन गोलियों और आग के जरिए दी गई इस चेतावनी का जवाब किस तरह देते हैं. इस एक हमले ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान इस सुदूर और अक्सर अनदेखे रह जाने वाले द्वीप की तरफ खींच दिया है, जहां बगावत की आग पानी के भीतर छिपे ज्वालामुखी की तरह अब भी सुलग रही है. इसका आप पर असर • यात्रियों और एयरलाइनों के लिए: पापुआ के सुदूर पहाड़ी इलाकों में उड़ान भरने वाली छोटी एयरलाइनों और वहां जाने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षा जोखिम अचानक बढ़ गया है, क्योंकि बागियों ने आगे भी नागरिक विमानों को निशाना बनाने की खुली धमकी दी है. • कूटनीतिक हलकों के लिए: एक अमेरिकी नागरिक की मौत के बाद अमेरिका और इंडोनेशिया के रिश्तों पर भी दबाव बढ़ सकता है, जिस पर आने वाले दिनों में दोनों देशों का रुख अहम रहेगा. सवाल-जवाब 1. याहुकिमो में क्या हुआ? पापुआ के याहुकिमो जिले में अलगाववादी लड़ाकों ने एक अमेरिकी पायलट को गोली मारकर मार डाला और उनके यात्री विमान को जलाकर राख कर दिया. 2. हमले की जिम्मेदारी किसने ली? वेस्ट पापुआ नेशनल लिबरेशन आर्मी (टीपीएनपीबी) के प्रवक्ता सेब्बी संबोम ने हमले की पूरी जिम्मेदारी ली. 3. मारे गए पायलट कौन थे? मारे गए अमेरिकी पायलट का नाम निकोलस एफ. गोसलिन बताया गया है, जो बालिंगगामा जिले के एक हवाईअड्डे पर विमान उतारते ही बागियों के निशाने पर आ गए. 4. बागियों ने विमान पर हमला क्यों किया? बागियों का आरोप है कि यह विमान इंडोनेशियाई सैनिकों और हथियारों को इलाके में पहुंचाने के लिए इस्तेमाल हो रहा था, जबकि उन्होंने पहले ही नागरिक उड़ानों पर रोक की चेतावनी दी थी. 5. विमान में कितने लोग सवार थे? अधिकारियों के मुताबिक विमान में एक अमेरिकी पायलट और पापुआ के सात स्थानीय यात्री सवार थे. 6. यह विमान किस एयरलाइन का था और क्या काम करता था? यह विमान 'पीटी एएमए' एयरलाइन का था, जो पापुआ के सुदूर पहाड़ी गांवों तक राशन, तेल, दवाइयां और डाक पहुंचाने का काम करती है. 7. बागियों ने आगे क्या धमकी दी है? टीपीएनपीबी ने चेतावनी दी है कि अगर इंडोनेशिया ने बागी-नियंत्रित इलाकों में नागरिक उड़ानें भेजना बंद नहीं किया, तो हर विमान को इसी तरह जला दिया जाएगा. 8. क्या अमेरिका या इंडोनेशिया की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है? अभी तक जकार्ता स्थित अमेरिकी दूतावास और पीटी एएमए एयरलाइन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. https://trendkia.com/world/papua-men-ameriki-payalata-ki-hatya-ke-bada-vimana-men-lagai-aga-bagiyon-ne-amerika-indoneshiya-ko-di-khuli-chetavani-4196 TrendKia — Har trend, sabse pehle.