# पराग्वे में तख्तापलट, राष्ट्रपति सैंटियागो पेना महाभियोग के बाद पद से बर्खास्त और नजरबंद

> पराग्वे में एक बड़े बैंकिंग संकट के बीच राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग के जरिए पद से हटा दिया गया है। इसके बाद उपराष्ट्रपति पेड्रो एलियाना ने कार्यभार संभाल लिया है और पेना को नजरबंद रखा गया है।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/paraguay-mein-takkhtapalat-rashtrapati-santiago-pena-mahabhiyog-ke-baad-pad-se-barkhast-aur-najarband-57694 · **Language:** Hindi
**Tags:** पराग्वे, सैंटियागो पेना, पेड्रो एलियाना, लैटिन अमेरिका, महाभियोग, बैंकिंग संकट, अंतर्राष्ट्रीय समाचार

दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है। एक गंभीर वित्तीय घोटाले और बैंकिंग संकट के बीच राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग के माध्यम से उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया है। देश की सत्ता अब उपराष्ट्रपति पेड्रो एलियाना के हाथों में चली गई है, जिन्होंने नए राष्ट्राध्यक्ष के रूप में शपथ ले ली है। राजनीतिक उथल-पुथल के इस घटनाक्रम के बीच अपदस्थ नेता को नजरबंद किए जाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

 

## संसद के उच्च सदन में महाभियोग की कार्रवाई
 पराग्वे की संसद के उच्च सदन यानी सीनेट ने राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें महाभियोग के जरिए हटा दिया। उन पर एक बड़े बैंक के पतन से जुड़े प्रकरण में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बरतने और अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप तय किए गए थे। महाभियोग की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद उपराष्ट्रपति पेड्रो एलियाना को देश की कमान सौंप दी गई। वह अब अगस्त 2028 तक राष्ट्रपति पद का कार्यकाल पूरा करेंगे।

 संसदीय कार्यवाही के दौरान सीनेट में पेना को हटाने के पक्ष में सभी 44 उपस्थित सदस्यों ने अपना वोट डाला, जबकि सदन का एक सदस्य इस दौरान अनुपस्थित रहा। इस भारी बहुमत के साथ ही उनकी राष्ट्रपति के तौर पर विदाई तय हो गई। इससे पहले उन्होंने गुरुवार के दिन अपने पद से हटने की पेशकश की थी, परंतु सांसदों ने इस्तीफा मंजूर करने के बजाय संवैधानिक महाभियोग की प्रक्रिया को ही आगे बढ़ाना उचित समझा।

 

## वित्तीय संकट और बैंक के बंद होने से उपजा विवाद
 पराग्वे में इस बड़े राजनीतिक संकट की सुई Ueno बैंक के अचानक बंद होने के बाद घूमी। यह वित्तीय संस्थान भारी आर्थिक तंगी और भुगतान संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था, जिसके चलते देश के केंद्रीय बैंक को बीच में दखल देना पड़ा। केंद्रीय नियामक संस्था ने इस बैंक को अपने नियंत्रण में ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप लाखों आम खाताधारकों की जमा पूंजी और जरूरी बैंकिंग सेवाएं अचानक रुक गईं और वे उन तक पहुंच बनाने में असमर्थ हो गए।

 जांच के दौरान इस बैंक के साथ अपदस्थ राष्ट्रपति पेना के व्यावसायिक संबंधों की बात सामने आई। उनके ऊपर आरोप लगाए गए कि उनके सियासी प्रभाव की वजह से ही इस वित्तीय संस्थान को सरकारी स्तर पर अनुचित लाभ दिया गया और प्रशासनिक निगरानी में ढिलाई बरती गई। हालांकि, पेना ने अपने ऊपर लगे इन सभी गड़बड़ी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

 

## आपराधिक जांच का शिकंजा और राजनीतिक पृष्ठभूमि
 बैंकिंग संकट खुलकर सामने आने के बाद पराग्वे के अटॉर्नी जनरल ने सैंटियागो पेना और कई अन्य पूर्व अधिकारियों के खिलाफ तीन अलग-अलग आपराधिक मामलों में जांच शुरू कर दी है। उनके विरुद्ध विश्वासघात और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर मामलों की पड़ताल की जा रही है। महाभियोग के जरिए कुर्सी जाने के कारण उन्हें पूर्व राष्ट्राध्यक्ष के रूप में मिलने वाली कानूनी सुरक्षा का कवच भी समाप्त हो गया है, और अभियोजन पक्ष के निर्देशों के बाद उन्हें नजरबंद कर दिया गया है।

 महज 44 साल की उम्र में अगस्त 2023 के दौरान राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने वाले पेना दक्षिणपंथी कोलोराडो पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। सियासत में आने से पहले वह एक पेशेवर अर्थशास्त्री और देश के वित्त मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी गिनती अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के करीबी लैटिन अमेरिकी नेताओं में होती रही है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बावजूद अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह पराग्वे के साथ अपने कूटनीतिक संबंध पहले की तरह ही बनाए रखेगा।

## इसका आप पर असर
पराग्वे में हुए इस बड़े राजनीतिक बदलाव का असर देश के शासन और बैंकिंग प्रणाली पर सीधा पड़ा है।

- **पराग्वे में:** खाताधारकों की रुकी हुई पूंजी और बैंकिंग सेवाओं को बहाल करने को लेकर नए प्रशासन पर भारी दबाव रहेगा। अपदस्थ नेता के खिलाफ चल रही आपराधिक जांच से देश की न्याय व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता पर सीधा असर पड़ेगा।
- **अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर:** अमेरिका जैसे प्रमुख देशों के साथ पराग्वे के कूटनीतिक संबंध फिलहाल सामान्य बने रहने की उम्मीद है। लैटिन अमेरिकी क्षेत्र की राजनीति में इस घटनाक्रम से बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
पराग्वे में राष्ट्रपति के खिलाफ अचानक शुरू हुए इस राजनीतिक संकट की वजह एक बड़े बैंक का फेल होना और उससे जुड़े प्रशासनिक भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

- **बैंकिंग संकट:** Ueno बैंक के अचानक डूबने और लाखों खाताधारकों के पैसे फंसने के बाद वित्तीय नियामक संस्था ने हस्तक्षेप किया।
- **कमजोरी और आरोप:** राष्ट्रपति पेना के उस बैंक के साथ कारोबारी संबंध होने और सरकारी स्तर पर वित्तीय मदद पहुंचाने की बात सामने आई।
- **संवैधानिक कार्रवाई:** इस्तीफा ठुकराए जाने के बाद सीनेट ने महाभियोग प्रक्रिया अपनाई और सभी 44 सदस्यों ने उनके खिलाफ मतदान किया।

## सवाल-जवाब

### 1. पराग्वे के नए राष्ट्रपति कौन बने हैं?
उपराष्ट्रपति पेड्रो एलियाना ने पराग्वे के नए राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।

### 2. सैंटियागो पेना को पद से क्यों हटाया गया?
एक बड़े बैंकिंग संकट से जुड़े मामले में लापरवाही और पद के दुरुपयोग के आरोपों के चलते उन्हें महाभियोग के जरिए हटाया गया है।

### 3. सीनेट में महाभियोग के पक्ष में कितने वोट पड़े?
सीनेट में मौजूद सभी 44 सदस्यों ने पेना को हटाने के पक्ष में मतदान किया।

### 4. पराग्वे में राजनीतिक संकट किस बैंक के कारण शुरू हुआ था?
यह संकट Ueno बैंक के अचानक बंद होने और वित्तीय संकट में आने के बाद शुरू हुआ था।

### 5. पेड्रो एलियाना का कार्यकाल कब तक रहेगा?
वह अगस्त 2028 तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।

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