पटाया पहुंचते ही भिड़े अमेरिकी नौसैनिक, 5 दिन तक जहाज से उतरने पर लगी रोक 286 दिन समंदर में बिताने के बाद पटाया पहुंचे अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन के दो नौसैनिक पहुंचने के कुछ घंटों में ही आपस में भिड़ गए, जिसके बाद उन्हें बाकी पांच दिनों के लिए जहाज से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई. भारत से करीब 4 हजार किलोमीटर दूर थाईलैंड के मशहूर टूरिस्ट शहर पटाया में एक अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी इस हफ्ते चर्चा का विषय बन गई. वजह रही जहाज पर सवार दो नौसैनिकों के बीच हुई झड़प, जो जमीन पर कदम रखने के कुछ ही घंटों बाद हो गई. पहुंचते ही भिड़ गए दो नौसैनिक अमेरिकी नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन बुधवार को पटाया पहुंचा. यह जहाज करीब 286 दिन लगातार समंदर में रहने के बाद पहली बार किनारे लगा था, इसलिए इस पर सवार करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों और नौसैनिकों के लिए यह जमीन पर उतरकर आराम करने का लंबे समय बाद मिला मौका था. लेकिन राहत की यह घड़ी ज्यादा देर टिक नहीं पाई. जहाज के पहुंचने के कुछ ही घंटों में दो नाविक वॉकिंग स्ट्रीट के आसपास आपस में भिड़ते नजर आए. वॉकिंग स्ट्रीट पटाया के सबसे मशहूर और चर्चित इलाकों में गिना जाता है. स्थानीय पुलिस प्रमुख कर्नल एनेक स्राथोंगयू ने बताया कि दोनों नाविक नशे में थे, आपस में लड़ रहे थे और काफी हो-हल्ला भी मचा रहे थे. कानून नहीं तोड़ा, फिर भी नहीं मिलेगी छूट पुलिस ने साफ किया कि दोनों नाविकों ने थाईलैंड का कोई कानून नहीं तोड़ा. इसके बावजूद उन्हें बाकी बचे पांच दिनों के पोर्ट स्टॉप के दौरान जहाज से नीचे उतरने की इजाजत नहीं दी जाएगी. अमेरिकी नौसेना के लिए यह मामूली सी झड़प भर थी, लेकिन थाई प्रशासन के लिए, जो इस दौरे को बेहद सावधानी से मैनेज कर रहा था, यह शुरुआत असहज करने वाली जरूर रही. जहाज के पहुंचने से पहले ही तय हो गई थीं सीमाएं दरअसल अमेरिकी और थाई अधिकारियों ने इस दौरे से पहले ही कई सख्त नियम बना दिए थे. वजह यह थी कि पटाया अपने नाइटलाइफ के लिए दुनियाभर में मशहूर है, और करीब 5,000 सैनिकों की मौजूदगी में किसी बड़े विवाद का खतरा प्रशासन को साफ नजर आ रहा था. सैनिकों को क्लबों और बार के लिए मशहूर सोई 6 इलाके में जाने से रोक दिया गया था. थाई पुलिस ने बाकायदा सैनिकों को यह याद भी दिलाया कि थाईलैंड में वेश्यावृत्ति गैरकानूनी है. पटाया के मेयर पोरामासे न्गामपिचेस ने सैनिकों के पहुंचने से पहले रेड लाइट एरिया में गिरफ्तारी की खबरों को खारिज किया था, हालांकि उन्होंने यह जरूर माना कि शहर में ऐसी गतिविधियां अब भी चलती हैं. पाबंदियां यहीं खत्म नहीं हुईं. सैनिकों को कैनेबिस की दुकानों से भी दूर रहने को कहा गया था, और पैराग्लाइडिंग व जेट स्कीइंग जैसे कुछ एडवेंचर स्पोर्ट्स पर भी रोक लगाई गई थी. मकसद साफ था, इतनी बड़ी तादाद में सैनिकों की मौजूदगी को बिना किसी बड़े हंगामे के निपटाना. लेकिन पहले ही दिन हुई इस झड़प ने अधिकारियों की चिंता जरूर बढ़ा दी. 286 दिन के सफर की कहानी जो प्लान जैसी नहीं रही अब्राहम लिंकन का यह सफर किसी सामान्य तैनाती जैसा नहीं रहा. यह जहाज पिछले साल नवंबर में सैन डिएगो से रवाना हुआ था. शुरुआती योजना के मुताबिक इसे करीब छह महीने के लिए प्रशांत क्षेत्र और साउथ चाइना सी में तैनात रहना था. लेकिन फरवरी में जैसे ही अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया, लिंकन को रास्ता बदलकर पश्चिम एशिया भेज दिया गया. इसके बाद जहाज को लंबे समय तक समंदर में ही डटे रहना पड़ा. नतीजा यह हुआ कि बुधवार को पटाया पहुंचने तक यह जहाज लगातार 286 दिन समंदर में बिता चुका था. इतने लंबे समय तक समंदर में रहने को लेकर अमेरिका में भी सवाल उठे. वहां के सांसदों ने जहाज पर खाने की कमी, खराब शौचालयों और सैनिकों में मानसिक तनाव से जुड़ी रिपोर्टों पर चिंता जताई थी. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन सभी चिंताओं को खारिज कर दिया था. वहीं एक अमेरिकी सैनिक की पत्नी ने इस जहाज को तैरती हुई लोहे की जेल तक करार दिया था. 1975 के बाद पटाया में सबसे बड़ी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी अधिकारियों के मुताबिक इस एक झड़प के अलावा पटाया दौरे के दौरान कोई और बड़ा मामला सामने नहीं आया. इस यात्रा को साल 1975 में साइगोन के पतन के बाद पटाया में अमेरिकी सैन्यकर्मियों की सबसे बड़ी मौजूदगी में गिना जा रहा है. USS अब्राहम लिंकन और उसका पूरा क्रू रविवार को थाईलैंड से अमेरिका के लिए रवाना होगा. इसका आप पर असर यह घटना सीधे तौर पर भारत से जुड़ी नहीं है, लेकिन पटाया हर साल लाखों भारतीय टूरिस्ट के लिए पसंदीदा जगह है, इसलिए वहां का माहौल जानना उनके लिए जरूरी है. • पटाया जाने वाले भारतीय टूरिस्ट के लिए: जहाज रविवार को रवाना हो रहा है, यानी इस दौरान वॉकिंग स्ट्रीट और आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों की मौजूदगी और चेकिंग सामान्य से ज्यादा रह सकती है. जो लोग इन दिनों पटाया घूमने जा रहे हैं, वे इन इलाकों में देर रात ज्यादा भीड़भाड़ या पुलिस चेकिंग देख सकते हैं. • पश्चिम एशिया में तनाव पर नजर रखने वालों के लिए: जहाज का 286 दिन समंदर में रहना यह बताता है कि ईरान को लेकर अमेरिका की सैन्य तैयारी अब भी पूरी तरह घटी नहीं है. जो लोग तेल के दाम या पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखते हैं, उनके लिए यह एक संकेत है कि इलाके में सैन्य सरगर्मी अभी बनी हुई है. • अमेरिकी सेना में परिवार वालों के लिए: जहाज पर मानसिक तनाव और सुविधाओं की कमी की जो रिपोर्टें आई थीं, वे लंबी तैनातियों को लेकर परिवारों की चिंता को और बढ़ा सकती हैं. सवाल-जवाब 1. USS अब्राहम लिंकन पटाया कब पहुंचा? जहाज बुधवार को थाईलैंड के पटाया पहुंचा. 2. जहाज कितने दिनों से लगातार समंदर में था? पटाया पहुंचने तक यह जहाज 286 दिनों से समंदर में था. 3. झड़प कहां हुई थी? पटाया के मशहूर इलाके वॉकिंग स्ट्रीट के पास दो नाविक भिड़ गए. 4. नाविकों पर क्या कार्रवाई हुई? उन्हें बाकी बचे पांच दिनों के पोर्ट स्टॉप के दौरान जहाज से उतरने की इजाजत नहीं दी जाएगी. 5. क्या नाविकों ने कोई कानून तोड़ा था? नहीं, पुलिस के मुताबिक दोनों ने थाईलैंड का कोई कानून नहीं तोड़ा. 6. सैनिकों पर पहले से क्या पाबंदियां लगाई गई थीं? सोई 6 इलाके, कैनेबिस दुकानों और पैराग्लाइडिंग व जेट स्कीइंग जैसे खेलों पर रोक लगाई गई थी. 7. जहाज को पश्चिम एशिया की ओर क्यों भेजा गया था? फरवरी में अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद जहाज का रास्ता बदल दिया गया था. 8. जहाज कब वापस अमेरिका के लिए रवाना होगा? USS अब्राहम लिंकन और उसका क्रू रविवार को थाईलैंड से अमेरिका के लिए रवाना होगा. https://trendkia.com/world/pattaya-pahunchate-hi-bhire-ameriki-nausainika-5-dina-taka-jahaja-se-utarane-para-lagi-roka-27953 TrendKia — Har trend, sabse pehle.