# युद्ध के बीच अमेरिकी सेना के हथियारों का जखीरा हुआ कम, पेंटागन ने कंपनियों को दिया 21 दिन का अल्टीमेटम

> ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिकी भंडार में हथियारों की भारी कमी सामने आने के बाद, पेंटागन ने रक्षा कंपनियों को उत्पादन की गति तेज करने के लिए 21 दिन का कड़ा निर्देश जारी किया है।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-08-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/pentagon-issues-21-day-ultimatum-to-us-defense-contractors-amid-sinking-weapon-inventories-15219 · **Language:** Hindi
**Tags:** पेंटागन, हथियार भंडार, अमेरिका ईरान युद्ध, पैट्रिअट मिसाइल, THAAD, स्टीव फाइनबर्ग, मसूद पेजेश्कियान

ईरान के साथ जारी सैन्य तनातनी के साए में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के सामने गोला-बारूद के भारी अभाव का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मौजूदा हालात इस स्तर तक पहुंच चुके हैं कि यदि बीजिंग और मास्को मिलकर कोई मोर्चा खोल देते हैं, तो अमेरिकी सेना के लिए उन परिस्थितियों से निपटना बेहद कठिन हो सकता है। इसी जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए पेंटागन ने देश की तमाम प्रमुख हथियार निर्माण कंपनियों को अपनी उत्पादन क्षमता को युद्ध स्तर पर बढ़ाने के लिए साफ शब्दों में 21 दिन की मोहलत दी है।

वाशिंगटन से सामने आए आंतरिक निर्देशों के अनुसार, उप रक्षा मंत्री स्टीव फाइनबर्ग ने रक्षा उद्योग से जुड़े दिग्गजों को एक औपचारिक मेमो भेजा है। इस दस्तावेज में कंपनियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अगले 21 दिनों के भीतर ऐसे ठोस और त्वरित प्रस्ताव पेश करें जिनसे साजो-सामान की डिलीवरी में हो रही देरी को तुरंत खत्म किया जा सके। मेमो में इस बात पर खास जोर दिया गया है कि हथियारों के विकास में सालों का लंबा समय लगने वाले पुराने तरीके अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और कार्यक्रमों की समयसीमा को छोटा करना तथा उत्पादन का दायरा बढ़ाना इस वक्त सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

यह आपातकालीन कदम ऐसे दौर में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में ईरान के साथ चल रहे टकराव के कारण अमेरिका के मुख्य रणनीतिक रक्षा भंडारों पर अभूतपूर्व दबाव बन चुका है। अमेरिकी रक्षा विभाग इस समय पैट्रियट और THAAD जैसे अत्याधुनिक इंटरसेप्टर डिफेंस सिस्टम के घटते स्टॉक को दोबारा भरने के लिए संघर्ष कर रहा है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के पास उपलब्ध आंकड़ों पर गौर करें तो संघर्ष शुरू होने से पहले वैश्विक स्तर पर पैट्रियट मिसाइलों का कुल भंडार लगभग 2200 के करीब था, जो अब लुढ़क कर 827 से भी कम पर सिमट चुका है। इसी तरह THAAD मिसाइलों का स्टॉक भी 452 से घटकर 278 से नीचे आ पहुंचा है।

उत्पादन को रफ्तार देने के लिए पेंटागन ने भले ही बड़ी रक्षा कंपनियों और टेक्नोलॉजी फर्मों के साथ कुछ ढांचागत समझौते किए हों, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि ये करार अभी कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं और इनका पूरा दारोमदार अमेरिकी कांग्रेस से मिलने वाले बजट पर टिका हुआ है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट के निदेशक टॉम कराको ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, लगभग कुछ भी कॉन्ट्रैक्ट नहीं हुआ है, और यही समस्या है। उनका यह आकलन साफ बयां करता है कि उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी रणनीतिक योजनाएं अभी भी कागजी और शुरुआती दौर से ही गुजर रही हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने स्टीव फाइनबर्ग द्वारा जारी किए गए मेमो की सत्यता की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नीतिगत दस्तावेज आगामी 2028 के वित्तीय वर्ष के बजट का खाका तैयार करने में मददगार साबित होगा और यह अमेरिकी रक्षा क्षेत्र के औद्योगिक ढांचे को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। हालांकि, दूसरी तरफ 1.15 ट्रिलियन डॉलर का भारी-भरकम रक्षा खर्च विधेयक अभी भी अमेरिकी कांग्रेस की फाइलों में अटका हुआ है। इस विधाई देरी के कारण हथियार निर्माण की गति को तेज करने की कोशिशों को झटका लग सकता है, जिससे आने वाले दिनों में चुनौतियां और अधिक विकट हो सकती हैं।

दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दो टूक शब्दों में यह घोषणा कर दी है कि उनका देश किसी भी कीमत पर पीछे हटने वालों में शामिल नहीं है और इस लड़ाई के साए से उन्हें कोई खौफ नहीं है। देश के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सभी फैसलों के प्रति अपनी अटूट वफादारी जताते हुए उन्होंने यह बात दोहराई कि सर्वोच्च स्तर से जो भी निर्देश मिलेंगे, वे अंत तक उनके साथ पूरी दृढ़ता से खड़े रहेंगे। पेजेश्कियान ने शहादत को अपने जीवन की सबसे बड़ी तमन्ना बताते हुए यह संकल्प लिया कि वे अपनी मातृभूमि के लिए हर प्रकार की कठिनाई झेलने को तैयार हैं और अपनी आखिरी सांस तक मैदान नहीं छोड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने देश की अवाम को आगाह किया कि इस तरह के जंग के माहौल में अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में भी महंगाई आसमान छूती है, इसलिए ईरान के नागरिकों को भी आने वाले दिनों में तंगी और कड़े दौर का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** वैश्विक स्तर पर हथियारों के घटते भंडार और अमेरिका की व्यस्तता के कारण भारत के रक्षा आयात और सामरिक साजो-सामान की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।

**वैश्विक स्तर पर:** रक्षा उत्पादन में देरी और मध्य पूर्व के तनाव से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. पेंटागन ने रक्षा कंपनियों को कितने दिनों का अल्टीमेटम दिया है?
पेंटागन ने रक्षा कंपनियों को हथियारों का उत्पादन तेजी से बढ़ाने और नए प्रस्ताव देने के लिए 21 दिन की समयसीमा तय की है।

### 2. युद्ध से पहले पैट्रियट मिसाइलों का वैश्विक भंडार कितना था?
युद्ध शुरू होने से पहले पैट्रियट मिसाइलों का वैश्विक भंडार करीब 2200 था, जो घटकर अब 827 से भी कम रह गया है।

### 3. THAAD मिसाइलों का स्टॉक घटकर कितना हो गया है?
THAAD मिसाइलों का स्टॉक 452 से घटकर 278 से कम पर आ गया है।

### 4. पेंटागन की ओर से यह मेमो किसने जारी किया है?
यह मेमो उप रक्षा मंत्री स्टीव फाइनबर्ग द्वारा रक्षा उद्योग को जारी किया गया है।

### 5. ईरान के राष्ट्रपति ने सुप्रीम लीडर को लेकर क्या कहा है?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के फैसलों पर पूरी निष्ठा जताते हुए हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने की बात कही है।

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