# फिलीपींस के समुद्र में मिला 'नरक का जहाज' Hofuku Maru, 80 साल पहले डूबा था 1000 युद्धबंदियों के साथ

> दूसरे विश्व युद्ध में युद्धबंदियों को ढोने वाले कुख्यात जापानी हेलशिप Hofuku Maru का मलबा फिलीपींस के पास समुद्र में करीब 160 फीट गहराई में खोज लिया गया है, जो 1944 में हमले के बाद तीन मिनट से भी कम समय में डूब गया था।

**Category:** दुनिया · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/philipinsa-ke-samudra-men-mila-naraka-ka-jahaja-hofuku-maru-80-sala-pahale-duba--515

समुद्र की गहराई में दशकों से छिपा एक भयावह इतिहास अब सामने आ गया है। समुद्री पुरातत्वविदों और इतिहासकारों की एक टीम का दावा है कि उसने फिलीपींस के पश्चिमी तट के पास उस जापानी कार्गो जहाज Hofuku Maru का मलबा ढूंढ निकाला है, जिसे दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 'हेलशिप' यानी नरक का जहाज कहा जाता था। यह कोई सामान्य मालवाहक जहाज नहीं था — जापान इसका इस्तेमाल युद्धबंदियों को एक जगह से दूसरी जगह ढोने के लिए करता था।

## आखिर पूरी दुनिया में इसकी चर्चा क्यों
दूसरे विश्व युद्ध को खत्म हुए 80 साल से ज्यादा बीत चुके हैं, और इतने लंबे अरसे के बाद इतिहास का एक खोया हुआ अध्याय दोबारा हाथ लगने का दावा किया जा रहा है। यही वजह है कि इस खोज की चर्चा दुनिया भर में हो रही है।

## क्यों कहा जाता था इन्हें 'नरक का जहाज'
इन जहाजों को नरक का जहाज यूं ही नहीं कहा जाता था। कैदियों को इनमें बेहद अमानवीय हालात में ठूंस दिया जाता था। प्यास, भूख, असहनीय गर्मी, मारपीट और बीमारियों ने अनगिनत बंदियों की जान ले ली। हालात की विडंबना यह थी कि कई बार मित्र देशों की सेनाओं को यह भनक तक नहीं होती थी कि किसी जापानी जहाज में उन्हीं के सैनिक कैद हैं — और वे उसी जहाज पर हमला बोल देते थे, जिससे अपने ही लोग मारे जाते थे।

## 20 हजार सैनिकों की रास्ते में ही मौत
इतिहासकारों का अनुमान है कि ऐसे हेलशिप जहाजों के जरिए 1.25 लाख से ज्यादा मित्र देशों के सैनिकों को ढोया गया था। इनमें से करीब 20 हजार सैनिक तो यात्रा के दौरान ही दम तोड़ गए।

## 21 सितंबर 1944 का वह मनहूस दिन
Hofuku Maru के साथ भी ठीक यही त्रासदी हुई। 21 सितंबर 1944 को इस जहाज पर हमला हुआ, जबकि उस वक्त इसमें करीब 1000 ब्रिटिश और डच युद्धबंदी सवार थे। हमले के बाद जहाज को डूबने में तीन मिनट भी नहीं लगे, और 1000 से ज्यादा लोग समुद्र में समा गए।

## दस्तावेजों से खुला राज
सालों तक यह पहेली बनी रही कि आखिर जहाज का मलबा समुद्र में कहां जा गिरा। इसी बीच Hellship Memorial Foundation को अमेरिकी और जापानी सैन्य रिकॉर्ड में कुछ ऐसे दस्तावेज मिले, जिन्होंने तस्वीर बदल दी। इन कागजातों से पता चला कि जहाज उस जगह से करीब 30 मील दूर डूबा था, जहां अब तक उसके होने का अनुमान लगाया जाता रहा था।

## सोनार और गोताखोरों ने सुलझाई गुत्थी
इस नई जानकारी के बाद विशेषज्ञों की टीम ने खोज अभियान छेड़ा। सोनार तकनीक की मदद से समुद्र की तलहटी में एक अज्ञात मलबे का सुराग मिला। इसके बाद गोताखोर नीचे उतरे और जांच में वहां मानव अवशेष भी बरामद हुए। जानकारों के मुताबिक मलबे का आकार, उसकी स्थिति और जिस तरह वह दो हिस्सों में टूटा हुआ है — यह सब कुछ Hofuku Maru के रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाता है। यह मलबा समुद्र की सतह से करीब 160 फीट नीचे पड़ा है।

## रिसर्चर को पूरा यकीन
Hellship Memorial Foundation के रिसर्चर Tim Beckenshaw का कहना है कि सारे सबूत एक ही दिशा की ओर इशारा कर रहे हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि यह मलबा Hofuku Maru का ही है। इस ऐतिहासिक खोज को Discovery Channel के कार्यक्रम Expedition Unknown के एक विशेष एपिसोड में दिखाया जाएगा।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle._