# पुर्तगाल में महंगाई और आवास संकट के खिलाफ फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी

> पुर्तगाल में आसमान छूते मकानों के किराये और बढ़ती महंगाई के खिलाफ हजारों नागरिकों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने भी देश में गरीबी के आंकड़ों पर चिंता जताई है।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/portugal-men-mahngai-aura-avasa-snkata-ke-khilapha-phuta-gussa-sarakon-para-utare-hajaron-pradarshanakari-49110 · **Language:** Hindi
**Tags:** पुर्तगाल विरोध प्रदर्शन, महंगाई संकट, आवास संकट, लिस्बन, एंटोनियो जोस सेगुरो, यूरोप समाचार

पुर्तगाल के प्रमुख शहरों में इन दिनों महंगाई और आवास संकट के खिलाफ भारी जनरोोष देखने को मिल रहा है। लिस्बन, पोर्टो और कोयम्ब्रा जैसे बड़े शहरों में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि आम नागरिकों के लिए सस्ते और किफायती आवास की पुख्ता व्यवस्था की जाए। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि देश में लगातार बढ़ रही आवास लागत के कारण सामान्य परिवारों के लिए शहरों में अपना जीवन बसर करना बेहद कठिन हो गया है।

## राजधानी लिस्बन में प्रदर्शन और निवेशकों पर शिकंजे की मांग
राजधानी लिस्बन के मध्य हिस्से में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और उन्होंने अपने विरोध को दर्ज कराने के लिए तंबू भी लगाए। इन लोगों की मुख्य मांग है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश करने वाले बड़े फंडों पर सरकार सख्त नियम और नियंत्रण लागू करे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन बड़े निवेशकों की बाजार में बढ़ती दिलचस्पी के कारण मकानों और संपत्तियों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम आदमी का अपना घर खरीदने का सपना लगातार दूर होता जा रहा है।

## पोर्टो में पुलिस कार्रवाई और घायलों का मामला
इस आंदोलन के दौरान पोर्टो शहर में गुरुवार तड़के हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आवास अधिकारों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया गया था। इस अप्रिय कार्रवाई में कुल 37 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और अधिक भड़क गया तथा उन्होंने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए आवास सुरक्षा की मांग को और तेज कर दिया है।

## राष्ट्रपति ने जताई देश में गरीबी पर चिंता
इस बीच पुर्तगाल के राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज में गरीबी को केवल भाग्य का फेर मानकर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक संदेश के अनुसार, देश में आज भी लगभग 16.6 लाख लोग गरीबी के गंभीर जोखिम का सामना कर रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि वर्ष 2015 के बाद यह पहला मौका है जब देश में यह आंकड़ा 20 लाख से नीचे आया है। इसके बावजूद राष्ट्रपति ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आवश्यक सुविधाएं देने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से और अधिक कड़े कदम उठाने का आह्वान किया है।

## यूरोप के अन्य देशों में भी सुलग रही नाराजगी
पुर्तगाल में हो रहे ये विरोध प्रदर्शन अकेले नहीं हैं, बल्कि यह पूरे यूरोप महाद्वीप में बढ़ती महंगाई और आवास संकट के खिलाफ चल रहे एक बड़े व्यापक आंदोलन का हिस्सा हैं। पिछले कुछ दिनों के दौरान बेल्जियम, इटली, स्पेन और फ्रांस जैसे देशों में भी आम जनता ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किए हैं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अकेले शनिवार को देश भर में हुए विभिन्न प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, इटली में भी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार की नीतियों के खिलाफ छात्रों, शिक्षकों और विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने मिलकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है।

## इसका आप पर असर
पुर्तगाल और यूरोप के इन बड़े प्रदर्शनों का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई नीतियों और रियल एस्टेट बाजार पर पड़ सकता है।

- **अंतरराष्ट्रीय स्तर पर:** **यह वैश्विक स्तर पर आवास बाजारों और बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकारों पर दबाव बढ़ा रहा है।** इससे यूरोपीय देशों में नीति निर्माताओं को किराए और संपत्ति की कीमतों पर नए नियंत्रण लागू करने पड़ सकते हैं।
- **स्थानीय नागरिकों के लिए:** **आम परिवारों के लिए शहरों में रहने और घर खरीदने का खर्च आने वाले समय में बड़ा मुद्दा बन सकता है।** स्थानीय प्रशासन को किफायती आवास योजनाओं पर नए सिरे से विचार करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
पुर्तगाल और अन्य यूरोपीय देशों में ये विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ती महंगाई, रियल एस्टेट में बड़े फंडों के हस्तक्षेप और आवास की भारी किल्लत के कारण भड़के हैं।

- **बढ़ती आवास लागत:** **शहरी क्षेत्रों में घरों के किराए और खरीद मूल्य में बेतहाशा वृद्धि हुई है।** आम परिवारों की आय इस तेजी से बढ़ती महंगाई और संपत्ति के दामों के मुकाबले बहुत पीछे छूट गई है।
- **बड़े निवेशकों का दखल:** **रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े वित्तीय फंडों की भारी दिलचस्पी ने बाजार को प्रभावित किया है।** इससे साधारण नागरिकों के लिए मकान खरीदना या किराए पर लेना लगभग असंभव हो गया है।
- **पुलिस कार्रवाई का प्रभाव:** **पोर्टो में प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसक पुलिस कार्रवाई ने जनता के असंतोष को और अधिक हवा दे दी।** इस घटना ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों को एक नया और आक्रामक मोड़ दे दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. पुर्तगाल में लोग किन मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे?
पुर्तगाल के नागरिकों ने बढ़ती महंगाई, आसमान छूते किराए और घर खरीदने में आ रही भारी दिक्कतों के खिलाफ प्रदर्शन किया।

### 2. यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से किन शहरों में हुआ?
यह प्रदर्शन लिस्बन, पोर्टो और कोयम्ब्रा समेत देश के कई प्रमुख शहरों में आयोजित किया गया।

### 3. पोर्टो में हुई पुलिस कार्रवाई में कितने लोग घायल हुए?
पोर्टो में प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में 37 लोग घायल हुए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई गई।

### 4. पुर्तगाल के राष्ट्रपति ने गरीबी को लेकर क्या कहा?
राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में गरीबी को किस्मत मानकर स्वीकार नहीं किया जा सकता और देश में लगभग 16.6 लाख लोग गरीबी के जोखिम का सामना कर रहे हैं।

### 5. यूरोप के किन अन्य देशों में इसी तरह के प्रदर्शन हुए?
पुर्तगाल के अलावा बेल्जियम, इटली, स्पेन और फ्रांस में भी लोगों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं।

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