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  "type": "article",
  "title": "रिकॉर्ड 36.7 डिग्री सेल्सियस तापमान से बेहाल हुआ उत्तर कोरिया, गर्मी से राहत के लिए सरकारी सलाह में छाया डॉग मीट सूप",
  "summary": "उत्तर कोरिया में पारा 36.7 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचने के बाद सरकार ने नागरिकों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सलाह जारी की है, जिसमें पारंपरिक डॉग मीट सूप और ठंडक देने वाले आहार शामिल हैं।",
  "content": "उत्तर कोरिया में इस समय भीषण गर्मी का अप्रत्याशित प्रकोप देखा जा रहा है, जिसने जनजीवन और खानपान के ढर्रे को गहराई से प्रभावित किया है। मौसम संबंधी आधिकारिक रिकॉर्ड की शुरुआत के बाद देश में अब तक का सबसे अधिक 36.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। इस अभूतपूर्व स्थिति से निपटने के लिए सरकारी स्तर पर एक व्यापक स्वास्थ्य अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नागरिकों को शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए खानपान और दिनचर्या से जुड़े कई सुझाव दिए गए हैं। सरकारी मीडिया में जारी इन दिशानिर्देशों में सबसे अधिक चर्चा डॉग मीट सूप की हो रही है, जिसे उत्तर कोरियाई संस्कृति में ग्रीष्मकाल का एक पारंपरिक और पौष्टिक आहार माना जाता है।\n\nरिकॉर्ड तोड़ 36.7 डिग्री सेल्सियस तापमान और सरकारी एडवाइजरी\nउत्तर कोरियाई सरकारी टेलीविजन द्वारा प्रसारित आंकड़ों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में पारा 36.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम निगरानी का इतिहास शुरू होने के बाद से उत्तर कोरिया में दर्ज किया गया यह उच्चतम तापमान है। अत्यधिक गर्मी के कारण स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को केवल पारंपरिक भोजन तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि दैनिक गतिविधियों में सावधानी बरतने के प्रति सचेत करना भी है। सरकारी मीडिया ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने वाले पेय पदार्थों का सेवन करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कड़ी धूप के दौरान खुले में शारीरिक व्यायाम करने और तैराकी के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह भी दी गई है।\n\nसामबोक परंपरा और डॉग मीट सूप का सांस्कृतिक महत्व\nउत्तर कोरिया में वर्ष के सबसे गर्म काल को स्थानीय भाषा में सामबोक कहा जाता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉग डेज ऑफ समर के नाम से जाना जाता है। इसी अवधि के दौरान देश में डॉग मीट सूप का सेवन करने की सदियों पुरानी परंपरा रही है। सरकारी समाचार पत्र रोदोंग सिनमुन ने 2 अगस्त को प्रकाशित एक विशेष स्वास्थ्य लेख में इस परंपरा का विस्तृत उल्लेख किया। इस रिपोर्ट में प्योंगयांग जनरल हॉस्पिटल के एक वरिष्ठ चिकित्सक के हवाले से बताया गया कि तेज गर्मी में डॉग मीट सूप शरीर को अंदरूनी ठंडक और आवश्यक पोषण प्रदान करता है। समाचार पत्र ने एक लोक कहावत का उदाहरण देते हुए लिखा कि सामबोक के दिनों में यदि डॉग मीट सूप पैर पर भी गिर जाए, तो वह औषधि की भांति प्रभाव दिखाता है। यह विवरण दर्शाता है कि उत्तर कोरियाई समाज में इस विशेष व्यंजन को स्वास्थ्य सुधार से कितना गहराई से जोड़ा गया है।\n\nसमग्येतांग और ठंडक पहुंचाने वाले पारंपरिक व्यंजन\nगर्मी से बचाव के लिए दी जा रही सलाह में केवल डॉग मीट सूप ही अकेला विकल्प नहीं है। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए (KCNA) ने एक अन्य पारंपरिक चिकन सूप समग्येतांग की उपयोगिता पर प्रकाश डाला है। इस व्यंजन को साबुत चिकन के भीतर जिनसेंग, चिपचिपा चावल और जुजूब मिलाकर तैयार किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, प्योंगयांग के प्रमुख रेस्तरां में नागरिक गर्मी से राहत पाने के लिए इस पौष्टिक सूप का सेवन कर रहे हैं। इसके अलावा, सरकारी मीडिया ने तरबूज, खीरा और मूंग जैसी चीजों को प्राकृतिक रूप से ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थों के रूप में रेखांकित किया है। साथ ही मछली के दलिये और लाल बीन्स से बने दलिये को भी शरीर की ऊर्जा बनाए रखने के लिए उपयुक्त बताया गया है।\n\nक्षेत्रीय प्रभाव और दक्षिण कोरिया से तुलना\nभीषण गर्मी का यह प्रभाव केवल उत्तर कोरिया तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण कोरियाई प्रायद्वीप इसकी चपेट में है। पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया में भी तापमान में भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जहां गर्मी से संबंधित जटिलताओं के कारण 20 से अधिक लोगों की जान जाने की आधिकारिक सूचना सामने आई है। इसके विपरीत, उत्तर कोरिया की सरकार ने अब तक गर्मी के कारण हुई बीमारियों या मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। हालांकि, आंकड़े साझा न करने के बावजूद सरकारी तंत्र लगातार रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से स्वास्थ्य चेतावनियां प्रसारित कर रहा है ताकि नागरिक मौसम के प्रतिकूल प्रभावों से बचे रहें।\n\nकिम जोंग उन का वर्क नैरेटिव और मनोरंजन स्थलों पर भीड़\nभीषण गर्मी के इस दौर में उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया अपने सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की कार्यशैली को भी प्रमुखता से प्रचारित कर रहा है। मीडिया का उद्देश्य नेता को एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत करना है जो कठिन परिस्थितियों में भी जनता के लिए समर्पित रहते हैं। इस क्रम में रोदोंग सिनमुन ने वर्ष 2013 के ग्रीष्मकाल की एक घटना का स्मरण कराया, जब किम जोंग उन ने एक निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। उस दौरान अत्यधिक गर्मी के कारण उनके वस्त्र पसीने से पूरी तरह भीग गए थे। जब एक अधिकारी ने उन्हें भीषण गर्मी में यात्रा न करने का परामर्श दिया, तो किम जोंग उन ने कहा था कि मौसम चाहे कितना भी गर्म क्यों न हो, जनता के लिए आवश्यक कार्यों को रोका नहीं जा सकता। वहीं दूसरी ओर, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए आम नागरिक वॉनसान कालमा कोस्टल टूरिस्ट जोन के समुद्र तटों, स्विमिंग पूल और प्योंगयांग के वाटर पार्कों में बड़ी संख्या में एकत्र हो रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nविश्व समाचार परिप्रेक्ष्य: उत्तर कोरिया में रिकॉर्ड तापमान और स्वास्थ्य सलाह से यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन का प्रभाव हर देश की खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य नीतियों को प्रभावित कर रहा है।\n\nस्वास्थ्य एवं आहार सीख: अत्यधिक गर्मी के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना, मौसमी फलों जैसे तरबूज व खीरा का सेवन करना और अत्यधिक धूप में गतिविधियों से बचना आम नागरिकों के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. उत्तर कोरिया में हाल ही में कितना अधिकतम तापमान दर्ज किया गया?\nउत्तर कोरिया में मौसम का रिकॉर्ड रखने की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे अधिक 36.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।\n\n2. गर्मी से राहत पाने के लिए उत्तर कोरियाई सरकार ने किस विशेष सूप की सलाह दी है?\nसरकारी स्वास्थ्य अभियान के तहत पारंपरिक डॉग मीट सूप और चिकन से बने 'समग्येतांग' सूप का सेवन करने की सलाह दी गई है।\n\n3. उत्तर कोरिया में 'सामबोक' किसे कहा जाता है?\nउत्तर कोरिया में साल के सबसे गर्म ग्रीष्मकालीन दौर को 'सामबोक' कहा जाता है, जिसे अंग्रेजी में 'डॉग डेज ऑफ समर' भी कहते हैं।\n\n4. क्या इस गर्मी से पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया पर भी प्रभाव पड़ा है?\nहां, दक्षिण कोरिया में भी तेज गर्मी के कारण 20 से अधिक लोगों की जान जाने की आधिकारिक सूचना सामने आई है।",
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  "category": "दुनिया",
  "publishedAt": "2026-08-08",
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    "उत्तर कोरिया",
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