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  "type": "article",
  "title": "दक्षिण चीन सागर में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया संग फिलीपींस के युद्धाभ्यास से भड़का चीन, भारत की ब्रह्मोस मिसाइलें बढ़ाएंगी बीजिंग की टेंशन",
  "summary": "साउथ चाइना सी में फिलीपींस द्वारा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ किए गए छह दिवसीय नौसैन्य अभ्यास पर चीनी सेना ने कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस मिसाइलों की अंतिम खेप हासिल कर अपनी तटीय सुरक्षा को मजबूत कर रहा है।",
  "content": "साउथ चाइना सी के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलक्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच फिलीपींस ने अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सेनाओं के साथ मिलकर एक बड़ा बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास संपन्न किया है। वेस्ट फिलीपींस सी में आयोजित इस छह दिवसीय सैन्य अभ्यास पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। चीनी सेना के साउदर्न थिएटर कमांड ने फिलीपींस पर बाहरी शक्तियों को क्षेत्र में आमंत्रित करके शांति और स्थिरता को खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, चीन की इस कड़ी नाराजगी और धमकियों के बावजूद फिलीपींस अपने रक्षा ढांचे को तेजी से मजबूत करने में जुटा हुआ है। भारत से खरीदी गई घातक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की अंतिम खेप इसी महीने के अंत तक फिलीपींस पहुंचने वाली है, जिससे समंदर में शक्ति संतुलन पूरी तरह बदलने की संभावना जताई जा रही है।\n\nबहुपक्षीय समुद्री अभ्यास और तैनात किए गए सैन्य हथियार\nफिलीपींस की आर्म्ड फोर्सेज ने वेस्ट फिलीपींस सी में अपने 19वें मल्टीलेटरल मैरीटाइम को-ऑपरेटिव एक्टिविटी का सफल समापन किया। 19 अगस्त से शुरू होकर 25 अगस्त तक चले इस बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में अमेरिकी पैसिफिक कमांड और ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स के अग्रिम दस्तों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास के दौरान तीनों देशों की सेनाओं ने जटिल समुद्री और हवाई ऑपरेशन्स को अंजाम दिया, जिसका मुख्य उद्देश्य नौसैन्य इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना था।\n\nइस बड़े पैमाने के सैन्य अभ्यास में तीनों देशों ने अपने आधुनिक युद्धपोतों और विमानों को मैदान में उतारा। फिलीपींस की ओर से स्वदेशी और उन्नत एफए-50 फाइटर जेट्स और एडब्ल्यू109 हेलीकॉप्टर्स ने उड़ान भरी। वहीं अमेरिकी नौसेना ने अपने युद्धपोत यूएसएस सांता बारबरा और अत्याधुनिक पी-8ए पोसीडॉन समुद्री गश्ती विमान को तैनात किया। ऑस्ट्रेलिया ने भी अपने नौसैन्य जहाजों और हेलीकॉप्टर्स के साथ इस ड्रिल में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। अंतरराष्ट्रीय बलों की इतनी व्यापक सैन्य उपस्थिति देखकर चीन को इस इलाके में अपना वर्षों पुराना प्रभुत्व डगमगाता हुआ नजर आने लगा।\n\nचीनी सेना की चेतावनी और समानांतर गश्त का ऐलान\nइस बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास के समाप्त होते ही चीन की तरफ से आक्रामक और कड़े बयान सामने आने लगे। पीएलए के साउदर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता झाई शिचेन ने आरोप लगाया कि फिलीपींस जानबूझकर साउथ चाइना सी में विवाद भड़काने और तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है। झाई शिचेन ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि फिलीपींस बाहरी देशों को लाकर शांति भंग कर रहा है।\n\nचीन ने इस अभ्यास के जवाब में अपनी नौसेना और वायुसेना को भी अलर्ट पर रखा और 21 अगस्त से 25 अगस्त के बीच क्षेत्र में अपनी रूटीन गश्त तेज कर दी। प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि चीनी पीएलए अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और समुद्री अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। चीन ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं के आसपास किसी भी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि चीन का यह आक्रामक रुख साउथ चाइना सी में एक बड़े सैन्य टकराव का रूप ले सकता है।\n\nभारत की ब्रह्मोस मिसाइल से समंदर में बदलेगा शक्ति का गणित\nफिलीपींस द्वारा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ युद्धाभ्यास के अलावा चीन की असली बौखलाहट का एक मुख्य कारण भारत के साथ फिलीपींस की मिसाइल डील भी है। फिलीपींस अपनी तटीय सुरक्षा पंक्ति को अभेद्य बनाने के लिए भारत से खरीदी गई ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की तैनाती को अंतिम रूप दे रहा है। तीन बैटरी वाली इस ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की तीसरी और आखिरी खेप अगस्त के अंत तक फिलीपींस की धरती पर पहुंचने की पूरी उम्मीद है।\n\nइस मिसाइल सिस्टम के लिए आवश्यक मोबाइल लॉन्चर और ट्रांसपोर्टर गाड़ियां भारत में पहले ही तैयार की जा चुकी हैं। ब्रह्मोस की यह प्रणाली पूरी तरह से मोबाइल है, जिसे वेस्ट फिलीपींस सी के तटों पर कहीं भी आसानी से तैनात किया जा सकता है। यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल अपनी अत्यधिक गति और कम ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता के कारण दुश्मन के रडार सिस्टम को चकमा देने में माहिर है। ब्रह्मोस की मारक क्षमता से वेस्ट फिलीपींस सी में चीनी युद्धपोतों की आवाजाही पर सीधा अंकुश लगेगा, जिससे समंदर में फिलीपींस की स्ट्राइक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।\n\nइसका आप पर असर\nभारत के लिए: फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइलों की सफल आपूर्ति भारत के रक्षा निर्यात और रक्षा निर्माण क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है।\n\nक्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर: दक्षिण चीन सागर में बढ़ते सैन्य अभियानों से प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्गों पर तनाव बढ़ सकता है, जिससे रणनीतिक और आर्थिक चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. साउथ चाइना सी में किन देशों ने संयुक्त नौसैन्य अभ्यास किया?\nफिलीपींस ने अमेरिकी पैसिफिक कमांड और ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स के साथ मिलकर वेस्ट फिलीपींस सी में छह दिवसीय सैन्य अभ्यास किया।\n\n2. यह बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास कब से कब तक आयोजित किया गया?\nयह 19वां मल्टीलेटरल मैरीटाइम को-ऑपरेटिव एक्टिविटी अभ्यास 19 अगस्त से 25 अगस्त तक आयोजित किया गया।\n\n3. फिलीपींस के अभ्यास पर चीनी सेना ने क्या आरोप लगाया?\nपीएलए साउदर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता झाई शिचेन ने कहा कि फिलीपींस बाहरी ताकतों को लाकर क्षेत्र की शांति भंग कर रहा है।\n\n4. भारत फिलीपींस को कौन सी मिसाइल प्रणाली दे रहा है?\nभारत फिलीपींस को तीन बैटरी वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली की तीसरी और अंतिम खेप दे रहा है, जो अगस्त के अंत तक पहुंचेगी।",
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  "category": "दुनिया",
  "publishedAt": "2026-08-26",
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