सूडान में भीषण ड्रोन हमलों का कहर, बच्चों समेत 160 से अधिक लोगों की मौत सूडान में सेना और आरएसएफ के बीच जारी गृहयुद्ध के दौरान हुए भीषण ड्रोन हमलों में 160 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो गई है। बाजार और बस स्टॉप पर हुए इन हमलों में कई बच्चे भी अपनी जान गंवा चुके हैं। सूडान में चल रहा गृहयुद्ध आम नागरिकों के लिए लगातार और अधिक घातक साबित होता जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुए ड्रोन हमलों में 160 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। चाहे वह ग्रामीण इलाकों से आए लोग हों जो बाजार से खरीदारी के बाद अपने घर लौटने के लिए किसी वाहन का इंतजार कर रहे थे, या फिर राजधानी खार्तूम में खेल रहे मासूम बच्चे, इन क्रूर हमलों ने किसी को भी नहीं बख्शा है। सेना और अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच अप्रैल 2023 से छिड़ी इस जंग में अब हवाई हमलों और विशेषकर ड्रोन के इस्तेमाल ने आम जनता के जीवन पर मंडरा रहे खतरे को और ज्यादा बढ़ा दिया है। बाजार और बस स्टॉप बने खून खराबे का अखाड़ा इन तमाम हिंसक घटनाओं में सबसे बड़ा नरसंहार दक्षिण-पश्चिमी सूडान के वेस्ट कोर्डोफान राज्य के अल-दिबाब शहर से सामने आया है। रविवार की शाम को बाजार के निकट स्थित एक बस स्टॉप पर अचानक ड्रोन हमला हुआ। यह वह समय था जब साप्ताहिक बाजार का दिन समाप्त होने के बाद दूर-दराज के गांवों से आए लोग अपने घरों को लौटने के वास्ते सवारी का इंतजार कर रहे थे। स्थानीय निवासियों और वहां के स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, इस एक ही घातक हमले में मौके पर ही 80 लोगों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी AFP से मिली जानकारी के मुताबिक, इस भीषण हादसे में घायल हुए 47 लोगों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अल-मुज्लाद शहर के अस्पताल पहुंचाया गया था, जिनमें से 30 गंभीर रूप से घायलों ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस क्रूर हमले के लिए आरएसएफ के स्वघोषित प्रशासन तासिस और नागरिकों पर हो रही हिंसा की निगरानी करने वाले प्रमुख संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने सीधे तौर पर सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है। राजधानी खार्तूम और पूर्वी हिस्सों में भी तबाही युद्ध की विभीषिका केवल ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की राजधानी खार्तूम भी इसकी चपेट में है। खार्तूम में सोमवार को हुए ड्रोन हमलों में तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। देश में चल रहे संघर्ष के बीच नागरिकों पर होने वाले अत्याचारों और हिंसा का दस्तावेजीकरण करने वाले संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने इस बात की पुष्टि की है। इसके अलावा, पूर्वी सूडान के गेदारेफ राज्य से भी ड्रोन हमलों के सक्रिय होने की सूचना मिली है। एक सैन्य सूत्र ने जानकारी दी कि रविवार को सेना की वायु रक्षा प्रणाली ने अतबारा और सेतित बांधों को निशाना बनाकर किए जा रहे आरएसएफ के कई ड्रोन हमलों को हवा में ही रोक दिया। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ये बांध राजधानी खार्तूम से लगभग 420 किलोमीटर पूर्व दिशा में स्थित हैं। हालांकि, इस विशिष्ट सैन्य घटनाक्रम पर आरएसएफ की तरफ से तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या टिप्पणी सामने नहीं आई है। न्याला और ब्लू नाइल क्षेत्र में भारी जनहानि हिंसा का यह दौर सोमवार की तड़के दक्षिण दारफुर राज्य की राजधानी न्याला तक भी जा पहुंचा। न्याला को अर्धसैनिक संगठन आरएसएफ का एक बहुत मजबूत गढ़ माना जाता है। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों और आरएसएफ के अपने सूत्रों के अनुसार, इस हमले में कुल 17 लोगों की मौत हुई है, जिनमें आरएसएफ के सात अधिकारी भी शामिल हैं, जबकि इस घटना में 23 लोग घायल भी हुए हैं। इससे पहले शुक्रवार को सूडान के ब्लू नाइल प्रांत में विस्थापित लोगों के एक बड़े समूह को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया था। इमरजेंसी लॉयर्स के मुताबिक, उस भयावह हमले में 41 लोगों की जान चली गई थी और संगठन ने इसे एक बहुत बड़ी मानवीय त्रासदी करार दिया था। अबेई क्षेत्र में भी हुआ खूनी संघर्ष सूडान और दक्षिण सूडान की सीमा पर स्थित एक संवेदनशील और विवादित क्षेत्र अबेई से भी भारी नरसंहार की खबर सामने आई है। इस क्षेत्र के कार्यवाहक सूचना मंत्री योहाना अकोल न्गोर ने मीडिया को बताया कि सोमवार के दिन एक स्थानीय बाजार पर हुए ड्रोन हमले में करीब 73 लोगों की मौत हो गई और 19 अन्य लोग घायल हो गए। उन्होंने इस हमले के पीछे सूडानी सेना का हाथ होने का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में मौके पर कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। अप्रैल 2023 से शुरू हुआ यह संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है और लगातार आम जनता इसका शिकार बन रही है। इसका आप पर असर सूडान में जारी इस भीषण गृहयुद्ध और बढ़ते ड्रोन हमलों का सीधा असर वहां के आम नागरिकों की सुरक्षा, विस्थापन और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। • मानवीय सुरक्षा: देश के विभिन्न हिस्सों में बाजार और बस स्टॉप जैसे सार्वजनिक स्थान असुरक्षित हो गए हैं, जिससे नागरिकों की जान पर हर वक्त खतरा बना हुआ है। • विस्थापन संकट: ब्लू नाइल और अन्य क्षेत्रों में शिविरों पर हमलों के कारण विस्थापित लोगों का जीवन और अधिक संकट में आ गया है। • स्वास्थ्य सेवाएं: हमलों में घायलों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों पर भारी दबाव है और इलाज के अभाव में कई लोग दम तोड़ रहे हैं। • खाद्य और बाजार पहुंच: बाजारों और परिवहन केंद्रों को निशाना बनाए जाने से लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरी चीजें खरीदना असंभव होता जा रहा है। ऐसा क्यों हुआ सूडान में हो रहे ये घातक ड्रोन हमले अप्रैल 2023 से सेना और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच छिड़ी खुली सत्ता की लड़ाई का परिणाम हैं। देश के अलग-अलग रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए दोनों पक्ष हवाई शक्ति का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रहे हैं। • सैन्य संघर्ष: सूडानी सशस्त्र बलों और आरएसएफ के बीच छिड़े गृहयुद्ध ने पूरे देश को युद्धक्षेत्र में बदल दिया है। • रणनीतिक गढ़: न्याला और अन्य क्षेत्रों में दोनों पक्ष अपने गढ़ों को बचाने और प्रतिद्वंद्वी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं। • सीमा विवाद: अबेई और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में नियंत्रण को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवादों ने हिंसा को और भड़का दिया है। • हथियारों का प्रसार: आधुनिक ड्रोन तकनीक की आसान उपलब्धता और युद्धरत पक्षों द्वारा इसका अंधाधुंध प्रयोग आम नागरिकों के लिए तबाही का कारण बन रहा है। सवाल-जवाब 1. सूडान में यह संघर्ष कब शुरू हुआ था? सूडान में सेना और अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच लड़ाई अप्रैल 2023 से जारी है। 2. ताजा हमलों में कुल कितने लोगों की मौत हुई है? हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुए ड्रोन हमलों में 160 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। 3. सबसे ज्यादा मौतें किस शहर में हुईं? सबसे ज्यादा मौतों की खबर दक्षिण-पश्चिमी सूडान के वेस्ट कोर्डोफान राज्य के अल-दिबाब शहर से आई है, जहां बस स्टॉप पर 80 लोग मारे गए। 4. राजधानी खार्तूम में हमलों में किसका नुकसान हुआ? राजधानी खार्तूम में सोमवार को हुए ड्रोन हमलों में तीन बच्चों की मौत हो गई। 5. अबेई क्षेत्र में हुए हमले में कितने लोग मारे गए? अबेई क्षेत्र के एक बाजार पर हुए ड्रोन हमले में करीब 73 लोगों की मौत हुई और 19 लोग घायल हुए। https://trendkia.com/world/sudan-civil-war-escalates-over-160-killed-in-devastating-drone-strikes-49884 TrendKia — Har trend, sabse pehle.