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  "type": "article",
  "title": "ताशकंद पहुंचे नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत, शौकत मिर्जियोयेव ने एयरपोर्ट पर गले लगाकर प्रोटोकॉल तोड़ा",
  "summary": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर ताशकंद पहुंचे, जहां उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार में सवार होकर यांगी उज्बेकिस्तान पार्क गए।",
  "content": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के तहत मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे। ताशकंद एयरपोर्ट का नजारा उस वक्त बेहद खास बन गया जब प्रधानमंत्री का विमान जमीन पर उतरा। सामान्य कूटनीतिक दौरों के नियमों के मुताबिक विदेशी मेहमानों की अगवानी आमतौर पर विदेश मंत्रियों या वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाती है। हालांकि, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने इन तमाम पारंपरिक प्रोटोकॉल को पीछे छोड़ते हुए खुद हवाई अड्डे पर पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया। जैसे ही दोनों नेता आमने-सामने आए, राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने आगे बढ़कर प्रधानमंत्री को गले लगा लिया।\n\nहवाई अड्डे पर हुए इस अभूतपूर्व स्वागत के बाद दोनों शीर्ष नेता अलग-अलग वाहनों के बजाय एक ही कार में बैठकर आगे के कार्यक्रमों के लिए रवाना हुए। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का यह अनूठा अंदाज दोनों राष्ट्रों के बीच आपसी संबंधों की गहराई और मजबूत व्यक्तिगत केमिस्ट्री का एक बड़ा उदाहरण बन गया है।\n\n \n\nसोशल मीडिया पर जताया आभार\nताशकंद एयरपोर्ट पर मिले इस स्नेहपूर्ण स्वागत के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें साझा करते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव का धन्यवाद करते हुए लिखा कि ताशकंद में उन्हें जो गर्मजोशी भरा स्वागत मिला है, उसके लिए वह उनके आभारी हैं और उनके इस विशेष हाव-भाव की सराहना करते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि यह उनकी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के लगातार मजबूत होने और उनकी बढ़ती रफ्तार को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।\n\nभारत से अपनी इस यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले भी प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में उल्लेख किया था कि हाल के वर्षों में भारत और उज्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी एक ऊंचे मुकाम पर पहुंची है। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के विशेष आमंत्रण पर हो रहा यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक उन्नत स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।\n\nयांगी उज्बेकिस्तान पार्क में अर्पित की श्रद्धांजलि\nहवाई अड्डे से एक ही गाड़ी में सवार होकर दोनों नेता सीधे यांगी उज्बेकिस्तान पार्क पहुंचे। यह पार्क उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता और उसकी आधुनिक पहचान का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उज्बेकिस्तान के गौरवशाली इतिहास को नमन किया।\n\nइस संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव लगातार प्रधानमंत्री मोदी के साथ मौजूद रहे और उन्हें इस स्मारक के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि यह स्मारक उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर निर्मित किया गया था।\n\nप्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता और अहम क्षेत्र\nइस दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के मध्य व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और अत्याधुनिक तकनीक समेत कई बड़े समझौतों पर मुहर लगने की पूरी संभावना है।\n\nव्यापार और निवेश के मोर्चे पर, दोनों देशों के आपसी व्यापार को एक नए मुकाम पर पहुंचाने तथा भारतीय उद्यमों के लिए मध्य एशिया के बाजारों में नए अवसर खोजने पर गहन विमर्श होगा। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में मध्य एशियाई क्षेत्र के भीतर आतंकवाद, कट्टरपंथ तथा अन्य सुरक्षा चुनौतियों का सामूहिक रूप से मुकाबला करने के लिए आपसी सैन्य सहयोग को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।\n\nडिजिटल कनेक्टिविटी के संदर्भ में भारत अपने उन्नत डिजिटल ढांचे और यूपीआई जैसे सफल डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के मॉडलों को उज्बेकिस्तान के साथ साझा करने पर विचार-विमर्श करेगा। ऊर्जा और यूरेनियम क्षेत्र के तहत यूरेनियम आपूर्ति तथा नवीकरणीय ऊर्जा के आयामों में भारत-उज्बेकिस्तान की साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाया जाएगा।\n\nकौशल विकास के अंतर्गत ताशकंद में भारतीय विश्वविद्यालयों के परिसरों की स्थापना और युवा पीढ़ी के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के दायरे का विस्तार करने पर कार्य होगा। सांस्कृतिक जुड़ाव के मामले में दोनों देशों के आम नागरिकों, पर्यटकों और विद्यार्थियों के आने-जाने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के लिए एक नए रोडमैप पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।\n\nताशकंद में प्राप्त हुए इस स्वागत के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने X पर लिखा कि वह इस गर्मजोशी और विशेष हाव-भाव के लिए राष्ट्रपति के आभारी हैं।\n\nशास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी केंद्र का दौरा\nभारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक संबंध बहुत मजबूत नींव पर टिके हैं। अपनी इस यात्रा के क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद के दो बेहद महत्वपूर्ण और भावनात्मक स्थलों का भी दौरा करेंगे।\n\nताशकंद स्थित भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर जाकर प्रधानमंत्री उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। ताशकंद वह ऐतिहासिक भूमि है जहां शास्त्री जी ने अपने जीवन की आखिरी सांस ली थी, और यह स्मारक प्रत्येक भारतीय के हृदय में एक विशिष्ट स्थान रखता है। इसके अलावा, ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में स्थापित महात्मा गांधी केंद्र का दौरा कर प्रधानमंत्री बापू की प्रतिमा पर अपने श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।\n\nशंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में होगी शिरकत\nउज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में अपने सभी द्विपक्षीय कार्यक्रमों और बैठकों को सफलतापूर्वक संपन्न करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे किर्गिज गणराज्य के लिए अपनी उड़ान भरेंगे। किर्गिस्तान में प्रधानमंत्री 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।\n\nयह आगामी शिखर सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के बेहद खास मौके पर आयोजित किया जा रहा है। भारत वर्ष 2017 से शंघाई सहयोग संगठन का पूर्णकालिक सदस्य बना हुआ है और क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता तथा व्यापारिक कनेक्टिविटी को उन्नत बनाने में लगातार अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा का असर दोनों देशों के आर्थिक, व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों पर सीधा पड़ेगा।\n\n• भारत में: भारतीय उद्योगों और व्यवसायों के लिए मध्य एशियाई बाजारों में नए रास्ते खुलेंगे, जिससे निर्यात और निवेश के अवसर बढ़ेंगे।\n• ऊर्जा क्षेत्र में: यूरेनियम आपूर्ति और नवीकरणीय ऊर्जा समझौतों से भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।\n• डिजिटल क्षेत्र में: यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान मॉडलों के विस्तार से तकनीकी सहयोग और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।\n• रक्षा मोर्चे पर: आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ साझा प्रयासों से क्षेत्रीय सुरक्षा सुदृढ़ होगी और सीमा पार चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।\n• शिक्षा और कौशल: ताशकंद में भारतीय विश्वविद्यालयों के परिसरों के खुलने से छात्रों को नए शैक्षणिक अवसर प्राप्त होंगे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय यात्रा पर किस देश गए हैं?\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे हैं।\n\n2. ताशकंद एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किसने किया?\nउज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने एयरपोर्ट पर प्रोटोकॉल तोड़कर खुद प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।\n\n3. ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी ने किस पार्क का दौरा किया?\nप्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में यांगी उज्बेकिस्तान पार्क का दौरा किया और स्वतंत्रता स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।\n\n4. इस यात्रा के दौरान किन मुख्य क्षेत्रों पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी?\nव्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कौशल विकास और सांस्कृतिक जुड़ाव जैसे क्षेत्रों पर वार्ता होगी।\n\n5. ताशकंद के बाद प्रधानमंत्री मोदी किस देश की यात्रा पर जाएंगे?\nताशकंद के कार्यक्रम पूरे करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने किर्गिस्तान जाएंगे।",
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  "category": "दुनिया",
  "publishedAt": "2026-08-29",
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