# ईरान के खिलाफ सबसे बड़े वित्तीय हमले की तैयारी, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की कड़ी चेतावनी

> अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान को अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहा संघर्ष अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है।

**Type:** article · **Category:** दुनिया · **Published:** 2026-08-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/world/us-treasury-secretary-scott-bessent-warns-iran-of-unprecedented-financial-offensive-21365 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिका ईरान संघर्ष, स्कॉट बेसेंट, कच्चा तेल, आर्थिक प्रतिबंध, होरमुज जलडमरूमध्य, ब्रेंट क्रूड

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के प्रमुख स्कॉट बेसेंट ने ईरान को आर्थिक मोर्चे पर अब तक के सबसे बड़े और विध्वंसक आक्रामक कदम की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन इस देश के साथ सभी प्रकार के व्यावसायिक संबंधों को पूरी तरह से समाप्त करने जा रहा है, जिसे उन्होंने एक प्रकार का आर्थिक डी-डे करार दिया है। इस सख्त रुख के तहत केवल ईरान ही नहीं, बल्कि जो भी विदेशी राष्ट्र या संस्था तेहरान के साथ वित्तीय साझेदारियां जारी रखेगी, उसे भी वैश्विक बाजार से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन की ओर से आया यह ताजा अल्टीमेटम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान ईरान के मामले में लिए गए कई यू-टर्न और बढ़ाई गई समय-सीमाओं के बाद सामने आया है।

## होरमुज जलडमरूमध्य और तेल निर्यात पर तनातनी
अमेरिकी प्रतिबंधों की इस नई चेतावनी को सिरे से खारिज करते हुए तेहरान ने कड़ा रुख अपनाया है। क्षेत्रीय मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, ईरानी शासन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कहा है कि यदि यह संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो वे इस पूरे क्षेत्र से होने वाले कच्चे तेल के सभी निर्यात को पूरी तरह से बंद कर देंगे। इसके साथ ही ईरानी प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग जहाजों को एक नया निर्देश जारी करते हुए चेतावनी दी है कि वे होरमुज जलडमरूमध्य से बिना अनुमति के बिल्कुल न गुजरें। ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी को जोड़ने वाला यह जलमार्ग रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया का लगभग एक-पांचवां हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है। हालांकि, फरवरी के अंत में दोनों पक्षों के बीच गतिरोध शुरू होने के बाद से ही ईरानी बलों ने इस जलमार्ग पर व्यावहारिक रूप से आवाजाही बाधित कर रखी है।

## वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भारी असर
इस protracted संघर्ष के कारण दुनिया भर के बाजारों और ऊर्जा क्षेत्रों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। कच्चे तेल के दामों में लगातार बढ़ोतरी ने वैश्विक स्तर पर आम नागरिकों के जीवनयापन के खर्च और मुद्रास्फीति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। अमेरिका में पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव पिछले साल के मुकाबले काफी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। अमेरिकी बाजारों में गैसोलीन की खुदरा कीमतें चार डॉलर प्रति गैलन के आंकड़े को पार कर चुकी हैं, जिससे आगामी नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले महंगाई और affordability अमेरिकी मतदाताओं के लिए सबसे बड़े चुनावी मुद्दों में शुमार हो गए हैं। वैश्विक तेल बेंचमार्क माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड का भाव सोमवार को नवासी डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया था। वित्तीय बाजारों को स्थिर रखने के उद्देश्य से अमेरिकी वित्त मंत्री ने हाल ही में घोषणा की थी कि सरकार बॉंड बाजारों में सीधे हस्तक्षेप करेगी और सरकारी ऋण को वापस खरीदेगी ताकि बॉंडों की मांग में तेजी लाकर उधारी दरों को नियंत्रित किया जा सके।

## पुराने समझौतों और प्रतिबंधों का लंबा इतिहास
ईरानी शासन पर पहले से ही अमेरिकी और पश्चिमी देशों के कई कड़े प्रतिबंध लागू हैं। पूर्व में तेहरान और वैश्विक शक्तियों के बीच एक बड़ा परमाणु समझौता हुआ था, जिसे बाद में अमेरिकी प्रशासन ने खारिज कर दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस डील को बुनियादी रूप से दोषपूर्ण करार देते हुए साल 2018 में इससे अमेरिका को पूरी तरह अलग कर लिया था और ईरान पर पुराने सभी प्रतिबंधों को दोबारा बहाल कर दिया था। इसके बावजूद जब यह स्पष्ट हो गया कि सैन्य अभियानों से तेहरान की सरकार घुटने टेकने को तैयार नहीं है, तो इस साल अप्रैल में अमेरिकी प्रशासन ने उन सभी विदेशी बैंकों और निजी कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंधों की एक नई लहर शुरू कर दी जो तेहरान के साथ किसी भी प्रकार का व्यापारिक लेन-देन कर रही थीं। वाशिंगटन का मुख्य उद्देश्य अब उन तमाम आर्थिक जीवनरेखाओं को काटना है जो इस शासन को वित्तीय संबल प्रदान कर रही हैं, जब तक कि तेहरान पूरी तरह अकेला नहीं पड़ जाता।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और होरमुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत में ईंधन के दाम और आयात बिल बढ़ सकते हैं।
- **वैश्विक स्तर पर:** गैसोलीन और ऊर्जा के ऊंचे दामों से दुनिया भर में महंगाई बढ़ेगी और आम नागरिकों का जीवनयापन खर्च प्रभावित होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ क्या चेतावनी दी है?
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े वित्तीय हमले और सभी आर्थिक संबंध तोड़ने की चेतावनी दी है।

### 2. होरमुज जलडमरूमध्य क्यों चर्चा में है?
दुनिया का एक-पांचवां हिस्सा तेल और गैस ले जाने वाला यह जलमार्ग संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान द्वारा प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया गया है।

### 3. ब्रेंट क्रूड की कीमत क्या चल रही है?
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव 93 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया है।

### 4. अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें क्या हैं?
अमेरिका में गैसोलीन की कीमतें 4 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर चुकी हैं।

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