राजस्थान में करियर की दिशा में एक बड़ा और आसान रास्ता खुल गया है। जो छात्र कम समय में स्किल आधारित कोर्स करके सीधे नौकरी या खुद का काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए राज्य सरकार ने ITI यानी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिले का दरवाजा खोल दिया है। आज के दौर में सिर्फ डिग्री से काम नहीं चलता, बल्कि हाथ से काम करने की व्यावहारिक स्किल की मांग तेजी से बढ़ रही है, और यही वजह है कि ITI जैसे संस्थान युवाओं के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रहे हैं। आज, 15 जुलाई से राजस्थान के सभी सरकारी और निजी ITI कॉलेजों में सत्र 2026-27-28 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन तथा केंद्रीकृत तरीके से चलाई जा रही है।
कौन करा रहा है यह पूरी प्रक्रिया
यह पूरा एडमिशन शेड्यूल कौशल, नियोजन और उद्यमिता विभाग की देखरेख में तैयार किया गया है। विभाग का मकसद है कि हर अभ्यर्थी को बिना किसी भेदभाव के, पारदर्शी और आसान तरीके से अपनी पसंद के संस्थान और ट्रेड में सीट मिल सके। इसके लिए पूरी व्यवस्था को एक ही पोर्टल के जरिए संचालित किया जा रहा है, ताकि छात्रों को अलग-अलग जगह भटकना न पड़े।
कैसे और कब तक करें आवेदन
इच्छुक छात्र अपनी SSO आईडी से पोर्टल पर लॉगिन करके या नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर 23 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। इस पूरी प्रवेश प्रक्रिया की सबसे राहत वाली बात यह है कि पहले की तरह किसी अलग से कठिन प्रवेश परीक्षा से नहीं गुजरना होगा। सीटों का बंटवारा सीधे अभ्यर्थियों की पहले की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर बनने वाली मेरिट लिस्ट से होगा, यानी जिसके नंबर जितने अच्छे, उसे मनचाहा ट्रेड और संस्थान मिलने की संभावना उतनी ज्यादा।
मेरिट लिस्ट से लेकर सीट अलॉटमेंट तक का पूरा कैलेंडर
आवेदन की आखिरी तारीख यानी 23 जुलाई के अगले ही दिन, 24 जुलाई को अस्थायी मेरिट सूची जारी होगी, जिसमें हर अभ्यर्थी अपने प्राप्तांक और रैंक देख सकेगा। इसके चार दिन बाद, 28 जुलाई को पहली सीट आवंटन सूची निकाली जाएगी। यह पूरा शेड्यूल छात्रों को हफ्ते दर हफ्ते साफ जानकारी देता है, ताकि परिवार अनिश्चितता में इंतजार करने के बजाय तय तारीखों के हिसाब से योजना बना सकें। जिन छात्रों का नाम इस पहले राउंड में आएगा, उन्हें 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच खुद अपने आवंटित ITI संस्थान में जाना होगा। वहां उन्हें अपने मूल दस्तावेजों का सत्यापन करवाना होगा और तय प्रवेश शुल्क जमा करना होगा। यह काम तय समय सीमा में पूरा करना जरूरी है, वरना संबंधित छात्र की सीट अपने आप रद्द मान ली जाएगी।
दूसरे राउंड और ट्रेड बदलने का मौका
पहले राउंड के बाद जो सीटें खाली बचेंगी, उनके लिए 5 अगस्त को दूसरी सीट आवंटन सूची जारी होगी। इसका फायदा उन अभ्यर्थियों को मिलेगा जो पहले राउंड में या तो सीट पाने से चूक गए थे, या फिर बेहतर संस्थान और ट्रेड की उम्मीद में इंतजार कर रहे थे। इसके अलावा 8 अगस्त को इंटरनल स्लाइडिंग की प्रक्रिया भी रखी गई है। इसमें वे छात्र जो पहले ही किसी ट्रेड या संस्थान में दाखिला ले चुके हैं, अगर उनकी पसंद के ट्रेड या कॉलेज में सीट खाली निकलती है तो वे उसमें शिफ्ट हो सकते हैं। इस तरह छात्रों को अपने मनपसंद कोर्स तक पहुंचने का एक और मौका मिल जाता है। इन सभी चरणों के पूरा होने के बाद 10 अगस्त से सभी ITI संस्थानों में नया शैक्षणिक सत्र और नियमित कक्षाएं औपचारिक रूप से शुरू हो जाएंगी।
कौन कर सकता है आवेदन और कौनसे ट्रेड हैं लोकप्रिय
पात्रता की शर्त सीधी है, आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 1 सितंबर को कम से कम 14 साल पूरी होनी चाहिए। अलग-अलग ट्रेड के हिसाब से 8वीं, 10वीं या 12वीं पास छात्र इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। ITI कोर्स को बाकी पढ़ाई से अलग बनाने वाली बात यह है कि यहां किताबी थ्योरी से ज्यादा जोर हाथों से काम सीखने यानी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर दिया जाता है। चूंकि यहां क्लासरूम की रटी हुई पढ़ाई से ज्यादा वर्कशॉप में काम सीखने पर जोर रहता है, इसलिए छात्र सामान्य डिग्री कोर्स की तुलना में कहीं जल्दी नौकरी पा लेते हैं या अपना छोटा उद्यम शुरू कर लेते हैं। इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर और कोपा (कंप्यूटर ऑपरेटर) जैसे ट्रेड इस समय छात्रों के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं, क्योंकि इनकी ट्रेनिंग पूरी करते ही युवाओं को देश में और विदेश में भी सीधे नौकरी मिलने के रास्ते खुल जाते हैं। कई छात्र ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अपना खुद का स्टार्ट-अप भी शुरू कर देते हैं। यही वजह है कि आजकल कम समय में करियर बनाने के लिए ITI कोर्स युवाओं की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।







