

कल्चर 0पलामू के खेतों में गूंजते हैं धान रोपनी के लोकगीत, कीचड़ के बीच अनोखी संस्कृतिझारखंड के पलामू जिले में धान की रोपाई के दौरान लोकगीत गाने की पुरानी परंपरा आज भी जीवित है। ग्रामीण महिलाएं समूह में काम करते हुए गीत गाकर न सिर्फ थकान मिटाती हैं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी…1 दिन पहले 2सात समंदर पार से आकर मेहरानगढ़ की तलहटी में मारवाड़ी गा रही जापान की मायूमी, लोग कहते हैं इन्हें 'राजस्थानी मधु'जापान की रहने वाली मायूमी, जिन्हें लोग प्यार से 'मधु' बुलाते हैं, पिछले पंद्रह सालों से राजस्थान की लोक संस्कृति, कालबेलिया नृत्य और मारवाड़ी भाषा को अपने जीवन में पूरी तरह से उतार चुकी हैं। जोधपुर के…8 दिन पहले 2बस्तर के गोंचा पर्व की अनूठी सौगात: 'मीत' बनकर जीवनभर का साथ निभाने की अद्भुत परंपराछत्तीसगढ़ के बस्तर में मनाए जाने वाले गोंचा पर्व में 'मीत' बनाने की एक बेहद खास परंपरा है, जहां खून का रिश्ता न होने के बावजूद दो लोग भगवान के सामने जीवनभर सुख-दुख में साथ निभाने की कसम खाते हैं।8 दिन पहले























