शनि देव इस समय रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में गोचर कर रहे हैं और यह गोचर 20 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान कई राशियों के लिए समय बेहद शुभ रहने वाला है, वहीं कुछ राशियों को शनि की वक्री चाल के चलते बड़ी राहत मिलेगी। आइए जानते हैं कि किन राशियों की चांदी होगी और शनि के इस गोचर का असर किस तरह पड़ेगा।
इन 6 राशियों को मिलेगा सीधा फायदा
शनि के रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में प्रवेश करने से तुला राशि, कुंभ राशि, कन्या राशि, वृषभ राशि, मिथुन राशि और मकर राशि के जातकों के लिए समय अनुकूल बना रहेगा। इस गोचर के प्रभाव से इन राशियों में से कुछ लोगों की आमदनी बढ़ सकती है। घर का माहौल भी सुखद और सकारात्मक महसूस होगा, जिससे पारिवारिक रिश्तों में मिठास आएगी। इस अवधि में इन राशियों के लोगों का रुझान धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ की तरफ भी बढ़ेगा। ज्योतिष में शनि को कर्म और अनुशासन का कारक माना जाता है, इसलिए जब यह ग्रह अनुकूल स्थिति में गोचर करता है तो जीवन के हर क्षेत्र में इसका असर धीरे-धीरे नजर आने लगता है।
करियर के मोर्चे पर भी राहत की खबर है। जिन लोगों को नौकरी या व्यवसाय में लंबे समय से दिक्कतें आ रही थीं, उनकी वे अड़चनें अब दूर हो सकती हैं। सेहत के लिहाज से भी यह वक्त फायदेमंद साबित होगा, कुछ जातकों को अपनी सेहत में सुधार नजर आएगा। इसके अलावा इस दौरान किसी न किसी रूप में अच्छी खबर मिलने की भी संभावना बन रही है, जो इन 6 राशियों के लिए इस गोचर को और खास बना देती है। कुल मिलाकर इन छह राशियों के लिए यह पूरा दौर मेहनत का फल मिलने और रुके हुए कामों के आगे बढ़ने का समय माना जा रहा है।
वक्री शनि से इन 4 राशियों को राहत
दूसरी तरफ, शनि देव फिलहाल वक्री चाल में चल रहे हैं, जिसका सीधा असर मेष राशि, धनु राशि, वृश्चिक राशि और सिंह राशि पर पड़ रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार शनि की यह वक्री चाल इन चार राशियों को शनि के अशुभ प्रभाव से कुछ समय के लिए राहत देगी। यानी जिन जातकों पर शनि की टेढ़ी नजर का असर देखने को मिल रहा था, उनके लिए यह दौर थोड़ा हल्का साबित होगा। वक्री शनि का मतलब है कि यह ग्रह अपनी सामान्य दिशा से उल्टा चलता हुआ दिखाई देता है, और इस स्थिति में इसका प्रभाव भी बदल जाता है।
इस वक्री गोचर के चलते शनि के नकारात्मक प्रभाव में कमी देखने को मिलेगी। जिन लोगों के किसी अपने के साथ गलतफहमी बनी हुई थी, वह समस्या इस दौरान सुलझ सकती है। घर के सदस्यों के साथ रिश्तों में भी सुधार आने की संभावना है, जिससे पारिवारिक तनाव कम होगा और आपसी समझ बढ़ेगी। इन चार राशियों के जातकों के लिए यह समय पुराने विवादों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का मौका भी बन सकता है।
इन उपायों से मिलेगा शनि की कृपा का लाभ
शनि के शुभ प्रभाव को बढ़ाने और नकारात्मकता से बचने के लिए कुछ आसान उपाय बताए गए हैं। सबसे पहले हनुमान जी की नियमित उपासना करनी चाहिए, क्योंकि हनुमान जी की भक्ति को शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने वाला माना जाता है। हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन की तमाम दिक्कतों से मुक्ति मिल सकती है और मन को शांति भी मिलती है। इसके अलावा कुछ और उपाय भी बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर शनि की कृपा पाई जा सकती है।
- काले उड़द की दाल, सरसों का तेल और काले रंग के वस्त्र का दान करें।
- किसी गरीब व्यक्ति को भोजन कराना चाहिए या जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए।
- हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का नियमित पाठ करें।
माना जाता है कि इन उपायों को नियमित रूप से करने से शनि से जुड़ी बाधाएं धीरे-धीरे कम होती हैं और जीवन में स्थिरता आती है। कुल मिलाकर, 20 अगस्त तक चलने वाला यह शनि गोचर तुला, कुंभ, कन्या, वृषभ, मिथुन और मकर राशि के लिए तरक्की और खुशियां लेकर आ सकता है, जबकि मेष, धनु, वृश्चिक और सिंह राशि के जातकों को शनि की वक्री चाल से राहत मिलेगी और उनकी परेशानियां धीरे-धीरे कम होती नजर आएंगी। इस पूरी अवधि में धैर्य बनाए रखना और अपने कर्मों पर ध्यान देना सबसे जरूरी माना जा रहा है।











