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सूर्य की चाल बदलते ही चमकेगी पांच राशियों की किस्मत, कर्क संक्रांति पर बरतें ये सावधानियांराशिफल
15 जुल॰ 2026, 7:36 pm (45 दिन पहले)· 3

सूर्य की चाल बदलते ही चमकेगी पांच राशियों की किस्मत, कर्क संक्रांति पर बरतें ये सावधानियां

सूर्य कल से कर्क राशि में गोचर करेंगे, जिसे कर्क संक्रांति कहा जाता है। इस दौरान पांच राशियों को लाभ मिलेगा, तीन राशियों को सतर्क रहना होगा, और शुभ कार्यों से परहेज की सलाह दी गई है।

सूर्य कल से अपनी राशि बदलकर कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसे ज्योतिष की भाषा में कर्क संक्रांति कहा जाता है। साल में जब भी सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं, उसका असर सभी बारह राशियों की जिंदगी पर किसी न किसी रूप में दिखाई देता है। इस बार के गोचर में पांच राशियों के लिए समय बेहद अनुकूल बताया जा रहा है, तो वहीं तीन राशियों को सलाह दी गई है कि वे अगले कुछ दिन जरा संभलकर बिताएं।

इन पांच राशियों की चमकेगी किस्मत

सूर्य के कर्क राशि में आते ही कन्या, मिथुन, वृषभ, कर्क और मकर राशि के लोगों के लिए हालात बेहतर होने के संकेत हैं। इन राशियों के जातक इस दौरान अपने काम-धंधे और रोजमर्रा की जिंदगी में पहले से ज्यादा आगे बढ़ते हुए महसूस कर सकते हैं। खासकर कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर और भी अहम है, क्योंकि सूर्य सीधे उन्हीं की राशि में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए उनके लिए यह समय आत्मविश्वास और नई शुरुआत से जुड़ा माना जा रहा है।

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इन तीन राशियों को रहना होगा अलर्ट

हर गोचर की तरह इस बार भी कुछ राशियों को थोड़ी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मेष, कुंभ और सिंह राशि के जातकों को इस अवधि में अपने फैसलों को लेकर जल्दबाजी न दिखाने और हर कदम सोच-समझकर उठाने की जरूरत है। माना जाता है कि इन तीन राशियों पर सूर्य के इस राशि परिवर्तन का दबाव थोड़ा ज्यादा रहेगा, इसलिए इन्हें अपने स्वभाव और बोलचाल पर भी नियंत्रण रखना चाहिए।

कर्क संक्रांति पर क्यों टाले जाते हैं शुभ कार्य

कर्क संक्रांति के दिन से ही सूर्य दक्षिणायन हो जाते हैं, यानी सूर्य की दिशा उत्तर से दक्षिण की ओर बदलने लगती है। पंचांग और ज्योतिष परंपरा में इस अवधि को मांगलिक कार्यों के लिहाज से शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि इन दिनों मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, विवाह संस्कार और जनेऊ संस्कार जैसे शुभ आयोजनों से बचने की सलाह दी जाती है। जो परिवार इन दिनों कोई मांगलिक कार्यक्रम करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें एक बार पंचांग देखकर तारीख तय करनी चाहिए।

खान-पान और बोलचाल में बरतें संयम

कर्क संक्रांति की अवधि में तामसिक भोजन और शराब के सेवन से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही इस दौरान अपने आचरण को लेकर भी सतर्क रहना जरूरी बताया गया है। बूढ़े-बुजुर्गों या असहाय लोगों का अपमान न करने, उन्हें अपशब्द न कहने और किसी का भी दिल न दुखाने की नसीहत दी गई है। मान्यता है कि इस दौरान जुबान और व्यवहार में नरमी बनाए रखने से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

दान-पुण्य का इस दिन रहता है खास महत्व

कर्क संक्रांति के दिन को दान-पुण्य के लिहाज से बेहद खास माना गया है। कहा गया है कि घर आए किसी भी जरूरतमंद को खाली हाथ वापस नहीं भेजना चाहिए। अपनी क्षमता के अनुसार गरीबों और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, जल और धन का दान करने की सलाह दी गई है। ऐसा माना जाता है कि इस खास दिन किया गया दान कई गुना फल देता है, इसलिए जिनके पास साधन हैं, उन्हें जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।

सूर्य को अर्घ्य और पितरों का तर्पण जरूर करें

कर्क संक्रांति के दौरान सूर्य देव की विशेष कृपा पाने के लिए रोजाना उन्हें जल का अर्घ्य देने की सलाह दी गई है। इसके अलावा इस अवधि को पितरों को प्रसन्न करने के लिए भी अनुकूल माना जाता है, इसलिए जो लोग चाहें वे इन दिनों श्राद्ध कर्म या तर्पण जैसे कार्य भी कर सकते हैं। कुल मिलाकर कर्क संक्रांति का यह समय आस्था, संयम और सेवा भाव से जुड़ा माना गया है, जिसमें शुभ कार्यों को टालकर दान-धर्म और सूर्य उपासना पर जोर देने की परंपरा रही है।

सवाल-जवाब

सूर्य कब कर्क राशि में गोचर करेंगे?
सूर्य कल से अपनी राशि बदलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे कर्क संक्रांति कहा जाता है।
कर्क संक्रांति पर किन पांच राशियों को फायदा होगा?
कन्या, मिथुन, वृषभ, कर्क और मकर राशि के जातकों को इस गोचर से लाभ मिलने की बात कही गई है।
किन राशियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है?
मेष, कुंभ और सिंह राशि के जातकों को इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कर्क संक्रांति पर कौन से शुभ कार्य नहीं करने चाहिए?
इस दौरान मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, विवाह संस्कार और जनेऊ संस्कार जैसे शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी गई है।
इस अवधि में खान-पान को लेकर क्या सलाह दी गई है?
तामसिक भोजन और शराब के सेवन से बचने की सलाह दी गई है।
सूर्य देव की कृपा पाने के लिए क्या करना चाहिए?
रोजाना सूर्य को जल का अर्घ्य देने की सलाह दी गई है।
पितरों को प्रसन्न करने के लिए क्या किया जा सकता है?
इस दौरान श्राद्ध कर्म या तर्पण जैसे कार्य किए जा सकते हैं।
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